Khajjiar Mini Switzerland of India: 90 के दशक की यश चोपड़ा की कई फिल्मों में दर्शकों को स्विट्जरलैंड के अद्भुत प्राकृतिक नजारे देखने को मिलते हैं। यह दृश्य देखकर हर कोई स्विट्जरलैंड जाने का ख्वाब देखने लगता है। लेकिन हर किसी के लिए स्विट्जरलैंड जाना तो मुमकिन नहीं होता । क्या आपको पता है , भारत में भी एक मिनी स्विट्ज़रलैंड मौजूद है। हिमाचल की खूबसूरत वादियो में डलहौजी के बेहद के करीब,लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर मनोरम प्राकृतिक दृश्य के बीच आकर आप अपने आप को मिनी स्विट्जरलैंड में पाएंगे।
भारत का मिनी स्विट्जरलैंड (Khajjiar Mini Switzerland of India) कहा जाने वाला हिल स्टेशन “खज्जियार ” जानिए यहां के पर्यटन स्थलो के बारे में
खज्जियार प्राकृतिक नजारों से भरपूर एक मनोरम पहाड़ी स्थल है । हिमाचल प्रदेश मे स्थित खज्जियार में दूर दूर तक फैले घास के मैदान और घने देवदार के जंगल यहा आने वाले पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं । प्रकृति प्रेमियों के लिये ये जगह किसी जन्नत से कम नहीं है ।
हिमाचल मे बसा यह खूबसूरत हिल स्टेशन:
हिमाचल प्रदेश मे चंबा जिले के डलहौजी के पास बसा यह खूबसूरत हिल स्टेशन यहां आने वाले पर्यटकों को खूब लुभाता हैं । इसे “भारत का मिनी स्विट्जरलैंड” भी कहा जाता है। डलहौजी से लगभग 24 किलोमीटर दूर इस स्थल का मुख्य आकर्षण खज्जियार झील है, जो घने जंगलों और देवदार के पेड़ों से घिरी हुई है। यह जगह शहर की भाग दौड़ से दूर एकांत जगह तलाशने वालों के लिये शांतिपूर्ण वातावरण प्रदान करती हैं । दिल्ली से महज 508 किलोमीटर की दूरी पर स्थित “खज्जियार” दुनिया के 160 मिनी स्विट्जरलैंड में से एक माना जाता है। यहां की खूबसूरती से प्रभावित होकर खुद स्विस राजदूत ने 7 जुलाई, 1992 को इसे मिनी स्विटजरलैंड (Mini Switzerland) की उपाधि दी थी। यंहा पर पर्यटक कुछ साहसिक खेलों जैसे- ट्रेकिंग, पैराग्लाइडिंग, घुड़सवारी का मजा भी ले सकते हैं और अपनी यात्रा को यादगार बना सकते हैं।

Khajjiar Mini Switzerland of India
खज्जियार के पर्यटक स्थल:
खज्जियार झील (Khajjiar Lake):
यहा घूमने वाले पर्यटक स्थलों मे से एक स्थल यहां की झील है,जिसे खज्जियार झील कहा जाता है । पन्ना की पहाड़ियों और बादलों से घिरी यह खूबसूरत झील हर सैलानी को अपनी ओर आकर्षित करती है। यह झील 1920 मीटर की उंचाई पर स्थित है और 5000 वर्ग मीटर में फैली हुई है । इस झील के बीच एक टापू भी बना हुआ है । जिस पर बैठ कर आप प्रकृति के मनोरम दृश्यों को निहार सकतें हैं ।
खज्जी नागा मंदिर (Khajji Nag Temple):
यहां के पर्यटन स्थलों मे से एक सुप्रसिद्ध नाग मंदिर हैं,जिसे खज्जी नाग मंदिर कहा जाता है । इस मंदिर मे नाग देवता की पूजा होती है । इस मंदिर का निर्माण 10वीं शताब्दी में हुआ था। यह मंदिर पहाड़ी स्थापत्य कला का नमूना है । मंदिर के कोने मे पांच पांडवो की लकड़ी की मूर्तिया स्थापित है । ऐसा माना जाता हैं अज्ञातवास के दौरान पांडव यहां पर आकर ठहरे थे । रेस्ट हाऊस के पास स्थित समान ऊंचाई वाले छह देवदार के पेड़ो को पांडवो के नाम से और छटे को द्रौपदी का प्रतीक माना जाता है ।
कालाटॉप वन्यजीव अभ्यारण्य (Kalatop Wildlife Sanctuary) :
कालाटॉप अभ्यारण्य वनस्पतियों और वन्यजीवों की विविधता के लिये जाना जाता है । यहा के अभ्यारण्य में भालू, हिरण, तेंदुआ, लंगूर, सियार और हिमालयन ब्लैक मार्टन के साथ-साथ कई अनगिनत आकर्षक पक्षियों को भी देखा जा सकता है। 30.69 वर्ग किलोमीटर में फैला कलाटोप वन्यजीव अभ्यारण्य खज्जियार में घूमने के लिए सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है। यहा की रावी नदी छोटी सहायक नदियों से मिलकर इस जगह को खूबसूरत बनाती हैं ।
खज्जियार घूमने का अनुकूल समय:
खज्जियार घूमने के लिये अप्रैल से जुलाई तक का महीना अनुकूल रहता है। यह समय पर्यटन के लिये अनुकूल रहता है । इस समय यहां का तापमान 12 डिग्री सेल्सियस से 25 डिग्री सेल्सियस तक होता है। जनवरी और फरवरी के महीनों में खज्जियार में ठंड काफी ज्यादा पड़ती है और बर्फबारी भी होती है। इन दो महीनों में खाज्जिअर जाना थोड़ा मुश्किल भरा हो सकता है।
बबिता आर्या