Kumbh Mela Food Court : कुंभ केवल आस्था और संस्कृति का संगम ही नही , बल्कि इस अवसर पर लगने वाले मेले में लाखों लोगों के आर्थिक और सामाजिक जीवन के विभिन्न पहलू भी यंहा देखने को मिलते हैं। इस बार प्रयागराज में 12 वर्ष बाद महाकुंभ आयोजित किया गया है। इस महाकुंभ का इंतजार लंबे समय से वहां के स्थानीय लोगों को तो रहता ही है, देश विदेश से आए भक्त और श्रद्धालुओं को बहुत से अनोखे सांस्कृतिक, पौराणिक और आध्यात्मिक छठा के अद्भुत नजारे देखने को मिलते हैं। इस बार के प्रयागराज मेले की एक तस्वीर यह भी उभर कर सामने आई है कि वहां पहुंचे श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए स्थानीय दुकानदारो और व्यापारियों ने उन्हें हर तरह की सुख सुविधा और खान-पान मुहैया कराने का विशेष प्रबंध किया है। इस बार के कुंभ में एक अनोखी दुकान है, 92 लाख की ऊंची बोली लगाकर खोली गई कचौड़ी की दुकान।
दुकानों के लिए व्यापारियों ने लगाई बड़ी-बड़ी बोली
कुंभ मेला सिर्फ संस्कृति और आस्था का ही मेला नहीं है, बल्कि लाखों लोगों की आर्थिक उन्नति का सपना भी इससे जुड़ा रहता है। प्रयागराज के लोग लंबे समय से कुंभ मेले का इंतजार कर रहे थे। क्यों कि उन्हें उम्मीद है कि इस मेले में उन्हें अच्छी कमाई का मौका भी मिलेगा, जिससे वह अपना जीवन स्तर सुधार सकेंगे। और सालों भर की कमाई इस मेले से निकाल लेंगे। इसके लिए कई छोटे-छोटे व्यापारियों और नाविकों इत्यादि ने भी कर्ज लेकर मेले के लिए अपनी दुकान सजाई है। उन्हें उम्मीद है कि 50 करोड़ श्रद्धालुओं का स्वागत करने वाला यह मेला उनकी भी किस्मत पलट देगा। नाविकों ने अपनी नावें सजा ली है। तो कई लोगों ने अपने घर भी लाखों रुपए खर्च करके होमस्टे के लिए तैयार किए हैं। इस बार सरकार द्वारा स्वीकृत लगभग 100 होमस्टे तैयार किए गए हैं।
पारंपरिक खानपान के साथ फास्ट फूड भी मिलेगा आधुनिक kumbh Mela Food Court में
मेले में लगेंगी 10,000 दुकाने
मेला है तो खाने पीने की भी मांग भरपूर रहेगी। इसके लिए सरकार ने दुकानदारों के लिए स्टॉल लगाने की व्यवस्था की है। जहां दुकानदारों ने ऊंची कीमत देकर स्टॉल की बोली लगाई है। मेले में 7000 से ज्यादा वेंडर मौजूद हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मॉडर्न फूड कोर्ट की भी व्यवस्था की गई है। जहां उन्हें प्रयागराज समेत पूरे उत्तर प्रदेश और आधुनिक देसी विदेशी स्वाद का भी आनंद लेने का मौका मिलेगा । आर आर हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 13 करोड़ की लागत से शानदार फूड कोर्ट तैयार किया गया है, जहां मेले के 14 सेक्टरों में फूड कोर्ट तैयार किए गए हैं।
एक करोड़ 23 लाख में लगी सबसे महंगे स्टॉल की बोली
यहां सबसे महंगे स्टॉल की बोली एक करोड़ 23 लाख रुपए में लगी है। जो संगम क्षेत्र के पास है। पारंपरिक खान-पांच के अलावा यहां स्टारबक्स, कोका-कोला और डोमिनोज भी मौजूद है। जो देसी विदेशी पर्यटकों को उनका मनचाहा स्वाद देंगे ।
कुंभ मेले का सबसे मंहगा कचौड़ी स्टॉल
जी हां अब हम बात कर रहे हैं, उत्तर प्रदेश और प्रयागराज के खास नाश्ते की। उत्तर प्रदेश में गंगा स्नान के बाद या वैसे भी खस्ता कचौड़ी-जलेबी का नाश्ता खूब मशहूर है। यही वजह है कि व्यवसायी पंकज मिश्रा ने 92 लाख खर्च कर कुंभ मेले में कचौड़ी की सबसे महंगी दुकान नीलामी में हासिल की है। उनकी दुकान पर 100 से ज्यादा कर्मचारी दिन रात लोगों को स्वादिष्ट कचौड़ी खिला रहे हैं। उनकी दुकान का नाम है “महाराज कचौड़ी एवं प्रसाद भोग” पंकज मिश्रा ने इस दुकान के लिए 92 लाख की बोली लगाकर इसे एक वर्ष के लिए किराए पर लिया है। त्रिवेणी रोड पर संगम के निकट इस दुकान के स्थित होने के कारण इस दुकान की इतनी ऊंची बोली लगी और पंकज मिश्रा ने 92 लाख की बोली लगाकर इसे अपने नाम किया। एक वर्ष के लिए यह दुकान उन्हें आवंटित कर दी गई है।
सरकार ने नीलामी के लिए इस दुकान का बेस प्राइस 70 लाख रुपए तय किया था। जिसे पंकज मिश्रा ने सबसे ऊंची बोली लगाकर 92 लाख में हासिल किया। पंकज मिश्रा को उम्मीद है कि गंगा मैया के आशीर्वाद और ग्राहकों के भरोसे वह दुकान की कीमत वसूल कर ही लेंगे। 30 बाई 30 फीट की यह छोटी सी ही दुकान है, पर उनकी कचौड़ी काफी मशहूर है। उन्हें उम्मीद है कि ग्राहक संगम स्नान करके उनकी दुकान की कचौड़ी खरीदने खाने जरूर आएंगे। कुभं शुरू हो चुका है और संगम पर स्नान करने के बाद लोग इनकी दुकान पर कचौड़ी खाने भी खूब आ रहे हैं। यहां पर ग्राहकों की भीड़ है। संगम स्नान के बाद ग्राहक इस दुकान की कचौड़ी के स्वाद का आनंद लेने आ रहे हैं।
कुंभ के मौके पर बढ़ गए दुकानों की नीलामी के रेट
अन्य वर्षो में इन दुकानों की नीलामी काफी कम रेट पर होती है। लेकिन इस वर्ष महाकुंभ की वजह से छोटी-छोटी दुकानों की नीलामी भी लाखों में हो रही है। पूरे मेला क्षेत्र में 10,000 दुकानें आवंटित की गई हैं। कहा जा रहा है इससे मेला प्राधिकरण को काफी बड़ी आय होगी। अब उम्मीद यही है कि प्रयागराज में महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को पुण्य कमाने का मौका मिलेगा तो प्रयागराज के लोगों को भी इस बहती गंगा में अपने जीवन की अच्छी कमाई करने का एक सुनहरा अवसर मिल पाएगा।