Prayagraj: आप भी प्रयागराज घूमने जा रहे हैं तो वहां के इन बेहतरीन स्वाद को जरुर चखे। लौंग लता से लेकर टमाटर चाट सब कुछ है लजीज और पारंपरिक । महाकुंभ की नगरी प्रयागराज जिसे संगम नगरी इलाहाबाद के नाम से भी जाना जाता है । संगम नगरी अपनी खास संस्कृति, धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के लिए हमेशा से मशहूर रही है । उत्तर प्रदेश का यह मशहूर शहर जहां आपको साधु संत सन्यासी से लेकर खाने-पीने और घूमने में काफी विविधता मिल जाएगी। यहां के ऐतिहासिक मंदिर, पवित्र नदियां गंगा जमुना सरस्वती का संगम और खाने का पारंपरिक स्वाद सभी को आकर्षित करता हैं । स्वाद की बात की जाये तो यहा के कुछ पारंपरिक व्यंजन और स्ट्रीट फूड अपने आप मे आज भी वहां की सभ्यता और संस्कृति को समेटे हुए हैं । अगर आप इस बार प्रयागराज घूमने का मन बना रहे हैं तो इन स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड को जरुर चखें।
लौंग लता से लेकर टमाटर चाट सब कुछ है लजीज
पूर्वांचल की बात की जाए तो प्रयागराज की अपनी अलग ही पहचान है । वेदों पुराणों में प्रयागराज को हमेशा से एक महत्वपूर्ण स्थान मिला है । संगम तट पर मिलने वाली पवित्र नदियां गंगा,यमुना और सरस्वती का संगम देश ही नही अपितु विदेशो से भी लोगो को आकर्षित करता हैं । प्रत्येक 12 वर्ष में आयोजित होने वाला महाकुंभ यहां आने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए एक अलग ही माहौल बनाता है। यहां आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को प्रयागराज अपनी आस्था और परंपरा में समेट लेता है । इसके साथ ही सांस्कृतिक और धार्मिक नगरी प्रयागराज आज भी अपने चटपटे और जायकेदार खान पान के लिए मशहूर है । सुबह होते ही हर गली, हर नुक्कड़ पर लोग चाय के चुस्कियां लेते हुए नजर आते हैं। सुबह के नाश्ते में यहां की कचौड़ी सब्जी का तो अपना अलग ही मजा है। अगर आप भी इस बार प्रयागराज घूमने जा रहे हैं तो यहां के इन मशहूर जायको का स्वाद जरुर लीजिएगा । तो चलिये जानते हैं प्रयागराज के कुछ मशहूर जायको के बारे में जो आज भी प्रयागराज की पहचान बने हुए हैं।
गुड़ की जलेबी:
ये प्रयागराज की मशहूर पारंपरिक मिठाई है जो विशेष रूप से सर्दियों में बनाई जाती है। इस जलेबी की खासियत यह है कि इसमें चीनी की चाशनी का प्रयोग नहीं किया जाता है । इसमें चीनी की जगह गुड की चाशनी का प्रयोग किया जाता है। जिसका स्वाद बहुत ही अनोखा होता है। इसमें गुड़ की मिठास और जलेबी की शुद्धता दोनों ही होती है । इसी वजह से इसे हर उम्र के लोग गरम-गरम खाना पसंद करते हैं । हर घर में इस पारंपरिक मिठाई को लोग त्योहार के अवसर पर या किसी बड़े मौके पर खाना पसंद करते हैं।
टमाटर की चाट:
ये प्रयागराज का एक मशहूर चटपटा व्यंजन है । टमाटर की चाट स्ट्रीट फूड के शौकीन लोगों के लिए एक बेहतरीन ऑप्शन है । अगर स्ट्रीट फूड की बात की जाए तो टमाटर चाट सबसे पहले सबकी पसंद बनती है। मुंह में पानी ला देने वाली यह चाट हमेशा से सबसे अलग रही है । अगर आप भी प्रयागराज जाने की सोच रहे हैं तो इस मशहूर चाट का आनंद जरूर लें जो की टमाटर और आलू की टिक्की के साथ बनती है।
लौंग लता:
अगर आप भी मीठा खाने के शौकीन है तो प्रयागराज की मशहूर मिठाई लौंग लता का स्वाद चखे बिना रह नहीं सकते। लौंग लता प्रयागराज की मशहूर मिठाई है जो मैदे और चीनी की चाशनी से बनती है । यह मिठाई आपको हर बाइट में अलग स्वाद देगी। मैदे की कुरकुरी परत के बीच मे खोया भरकर चासनी में पकाई हुई इस मिठाई का स्वाद बेजोड़ होता है । इसके भरावन में मिले हुए बादाम मेवे और इलायची इसके स्वाद को और बढ़ाते हैं। प्रयागराज मे इसे जरुर चखें ।
दही जलेबी और इमरती का स्वाद:
प्रयागराज के सुबह के नाश्ते में अगर दही जलेबी नहीं खाई तो क्या खाए। सर्दी हो या गर्मी प्रयागराज में जलेबी के साथ दही का स्वाद लेकर लोग आज भी उंगलियां चाटते हैं । मीठा खाने वाले के लिए सुबह के नाश्ते में दही जलेबी और इमरती से बेहतर कुछ भी नहीं है । मैदे को खमीर करके बनाई गई जलेबी का स्वाद अलग ही होता है। उड़द की दाल की बनी हुई इमरती का स्वाद सालों पुराना है। प्रयागराज में मीठा खाने वालों की आज भी पहली पसंद बना हुआ है । प्रयागराज जाए तो इन मशहूर मीठे का आनंद जरूर ले।
इलाहाबादी लाल अमरूद:
इलाहाबाद का लाल अमरूद विश्व प्रसिद्ध है। संगम नगरी की तट पर पैदा होने वाला यह अमरुद स्वाद में कुछ खास होता है। काटने के बाद अंदर से लाल दिखने वाला अमरूद चीनी की तरह मीठा होता है। बताया जाता है कि इस अमरूद की मिठास का कारण गंगा और यमुना नदी का पानी माना जाता है। इलाहाबाद की हर गली में हर फल की दुकान में मिलने वाला यह अमरूद ठंड के सीजन में आसानी से मिल जाता है। अगर आप भी प्रयागराज घूमने जा रहे हैं इस अमरूद का स्वाद लेना ना भूले।
देहाती रसगुल्ला:
अगर आप भी मिठाई खाने की शौकीन है तो आपने इलाहबाद के देहाती रसगुल्ले का नाम जरुर सुना होगा। प्रयागराज का मशहूर देहाती रसगुल्ले का नाम इसके मालिक के नाम पर पड़ा था। जिसे लोग देहाती कह कर पुकारते थे। इसके सभी दीवाने हैं। दूर-दूर से इसका स्वाद चखने आते हैं। इस रसगुल्ले की खासियत यह है कि यह छोटे मिट्टी के मटके में दिया जाता है। जिसकी वजह से इसका स्वाद दुगना हो जाता है । अगर आप भी इलाहाबाद आ रहे हैं तो इन रसगुल्लों का स्वाद चखना ना भूले।
बबीता आर्या