Byju’s Update: एक समय था जब एडटेक कंपनी Byju’s ने देश-विदेश में अपने स्टार्टअप से नाम और पैसा दोनों बेतहाशा बनाया था। लेकिन आज उनकी कंपनी डूब चुकी है। अमेरिकी लेनदारों ने कंपनी को डिफाल्टर घोषित कर दिया है, उनके निवेशक उन्हें छोड़ गए हैं। बोर्ड के डायरेक्टर्स ने भी उनके साथ छोड़ दिया। अरबों का अंपायर खड़ा करने वाली कंपनी आज शून्य पर पहुंच गई है।
Byju’s के रविंद्रन ने बताई बर्बादी की कहानी
Byju’s का यह हश्र कैसे हुआ , बायजूज के फाउंडर रविंद्रन ने खुद मीडिया के सामने यह कहानी बयां की । उन्होंने बताया आज कंपनी की इस हालत के लिए निवेशक भी जिम्मेदार हैं, जिन्होंने मुश्किल समय में साथ देने की जगह मझधार में अकेला छोड़ दिया। जिससे कंपनी की हालत बदतर हो गई। कंपनी के लिए पैसा जुटाना मुश्किल हो गया। और आज Byju’s की वैल्यू शून्य हो गई है।
Byju’s Update: Byju’s की वैल्यू हुई शून्य
उन्होंने बताया 2023 में जब अमेरिकी लेनदारों ने कंपनी को डिफाल्टर घोषित करते हुए डेलावेयर कोर्ट में मामला दाखिल किया तब, निवेशकों की तरफ से बोर्ड में शामिल तीन डायरेक्टर्स ने एक साथ इस्तीफा दे दिया। डायरेक्टर्स के चले जाने से नया फंड जुटाना मुश्किल हो गया और आज कंपनी की वैल्यू शून्य हो गई है। रविंद्रन ने बताया अमेरिकी कज़दाताओं द्वारा दिया गया 1.2 अरब डॉलर का टर्म लोन उनके लिए गले की फांस साबित हुआ और जब कर्जदाताओं ने लोन और ब्याज चुकाने का आदेश दिया तो निवेशको ने कंपनी छोड़ दी और इसके बाद 3 साल में कंपनी पूरी तरह बर्बाद हो गई।
आखिर ऐसा क्या हुआ जो Byju’s कंपनी अर्श से फर्श पर पहुंच गई।
इसके लिए आपको थोड़ा पीछे ले चलते हैं साल 2007 में शिक्षक और निवेशक Byju’s रविंद्रन ने स्टार्टअप के रूप में Byju’s Classes खोला । बीटेक की पढ़ाई करने वाले Raveendran ने 2003 में कैट ( CAT) परीक्षा की तैयारी के दौरान अपने दोस्तों की मदद की थी। उन्होंने खुद भी दो बार कैट परीक्षा में 100 परसेंटाइल स्कोर किया था । उन्हें लगा कि वे स्टूडेंट्स की पढ़ाई में मदद करने वाला बिज़नेस खड़ा कर सकते हैं। जिसके लिए उन्होंने नौकरी छोड़कर 2011 में Byju’s क्लासेस की स्थापना की। इसमें उनकी पत्नी दिव्या गोकुलनाथ ने भी उनके साथ दिया। 2015 आते-आते तक उनके बिजनेस की रीच और आकार बहुत बढ़ गया। Byju’s ने अपना खुद का ऐप लॉन्च किया और 2018 में कंपनी यूके और अमेरिका में भी काम करने लगी।
Byju’s ने छुआ सफलता का आसमान
2021 में Byju’s ने भारतीय टेस्ट प्रेप प्रदाता आकाश एजुकेशनल सर्विस लिमिटेड को लगभग एक बिलियन अमेरिकी डॉलर में खरीद लिया। जुलाई 2022 तक Byju’s का App, 150 मिलियन से अधिक बार डाउनलोड किया गया।
कैपिटल मार्केट में आई कंपनी
जुलाई 2022 में ही Byju’s ने वेंचर कैपिटल फाइनेंसिग राउंड के दौरान Byju’s में 400 मिलियन डॉलर का निवेश किया ।
क्यों गर्त में पहुंच गई कंपनी
2021-22 तक कंपनी शानदार तरीके से विस्तार कर रही थी। सफलता के झंडे गाढ़ रही थी। नित्य नए प्रतिमान स्थापित कर रही थी। इसी दौरान निवेशक उनके साथ जुड़े। PROSUS समेत कई निवेशक उनके साथ आए उनकी योजनाओं को पसंद किया और एक साथ 40 मार्केट में प्रवेश करने की योजना पर आगे बढ़े। निवेशको ने इस ग्रोथ का फायदा भी उठाया। बड़ी संख्या में अधिग्रहण भी किया, पर यही उनसे चूक हो गई। यह अधिग्रहण अभियान सफल नहीं हो सके और BYJU’S का उतार शुरू हो गया। रविंद्रन ने बताया “जब हम शिखर पर थे तो निवेशको ने हमारी ग्रोथ का खूब फायदा उठाया। सिकोया कैपिटल ने कुछ ही समय में 5 करोड डॉलर के निवेश पर लगभग 8 गुना रिटर्न कमाया।
बोर्ड के जिन सदस्यों ने हमारे ग्रोथ का फायदा उठाया, संकट के समय उन्होंने किनारा कर लिया। जबकि इस चौतरफा विस्तार को उन्होंने ही बढ़ाया था। अधिकतर अधिग्रहण निवेशकों के कहने पर किए गए थे, हम इस अधिग्रहण की आंधी में बहते चले गए और यह गलत फैसला था। बायजूज के तीन बड़े निवेशको PROSUS, पीक XV पार्टनर्स और चैन जुकरबर्ग इनिशिएटिव ने 2023 में एक साथ बोर्ड से इस्तीफा दे दिया था, जो कंपनी के लिए एक बहुत बड़ा झटका था । जिसके बाद कंपनी कभी उबर नहीं पाई ।
रविंद्रन ने बताया हमने एक साथ कई बाजारों में बहुत तेजी से प्रवेश किया जिस कारण हमसे कई गलतियां हुई और आज हालात यह है कि Byju’s की वैल्यू शून्य है। हमारे कर्ज और ऑपरेशनल समस्याओं की स्थिति से समस्या और भी विकट हो गई है। एक समय था जब 2022 में Byju’s की वैल्यू 22 अरब डालर थी, जो अब शून्य पर पहुंच चुकी है। यह कहानी बताती है कि कैसी तेजी से विस्तार की आंधी की दौड़ और कुछ गलत फैसले एक सफल कंपनी को भी दिवालिया बना सकते हैं।