नई दिल्ली। एविएशन और सस्टेनेबल टूरिज़्म को बढ़ावा देने वाली संस्था फाउंडेशन फॉर एविएशन एंड सस्टेनेबल टूरिज़्म (FAST) ने पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से एक राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया। विषय था – “भारत के पर्यटन विकास में घरेलू व वैश्विक चुनौतियाँ और तेज़ी से विकास की रूपरेखा।” यह कार्यक्रम नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में संपन्न हुआ, जिसमें वरिष्ठ नीति-निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों और पर्यटन क्षेत्र के दिग्गजों ने भाग लिया।
केंद्रीय मंत्री का संदेश
केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल नवाचार और कोविड के बाद के दौर ने भारतीय पर्यटन को नई ऊर्जा दी है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि सही दिशा में प्रयास किए जाएँ तो आने वाला दशक “इनबाउंड टूरिज़्म का स्वर्ण युग” साबित हो सकता है।
अतिथि विशेष का संबोधन
भारतीय पर्यटन विकास निगम (ITDC) की प्रबंध निदेशक, आईएएस अधिकारी श्रीमती मुग्धा सिन्हा इस अवसर पर अतिथि विशेष के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा कि पर्यटन न केवल जीडीपी को सशक्त करेगा बल्कि 2047 तक भारत को 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में भी अहम योगदान देगा। साथ ही उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि पर्यटन का लाभ स्थानीय समुदायों तक पहुँचे और भारत की सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाए।
मुख्य भाषण
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) के.एम. सेठ, पूर्व राज्यपाल (त्रिपुरा व छत्तीसगढ़) ने कहा कि पर्यटन उद्योग को मजबूत बनाने के लिए सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाना होगा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नवाचारी पर्यटन उत्पादों और टिकाऊ प्रथाओं को बढ़ावा देने की अपील की।
अन्य प्रमुख वक्ता
श्री विनोद जुत्शी, पूर्व सचिव, पर्यटन मंत्रालय
श्री अतुल भल्ला, वाइस प्रेसिडेंट ऑपरेशन्स (उत्तर व पूर्व), आईटीसी होटल्स
श्री अरविंद सिंह, पूर्व सचिव, पर्यटन मंत्रालय
श्री एम.पी. बेजबरूआ, पूर्व सचिव, पर्यटन मंत्रालय
श्री वी.एम. अग्रवाल, पूर्व चेयरमैन, एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया एवं उपाध्यक्ष, FAST (जिन्होंने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया)
सेमिनार से मिले मुख्य निष्कर्ष
पर्यटन विकास में समावेशिता और प्रकृति व संस्कृति के एकीकरण पर ज़ोर
जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा, जिससे स्थानीय समुदाय सशक्त हों और धरोहर संरक्षित रहे
आतिथ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार, कौशल विकास और ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस
पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए ईको-टूरिज़्म, वेलनेस और हेरिटेज टूरिज़्म जैसे क्षेत्रों का विस्तार
तकनीकी आधारित नीतियां और सरकार-उद्योग के बीच मज़बूत सहयोग से पर्यटन की पूरी क्षमता का उपयोग
आगे की राह
कार्यक्रम के अंत में यह सहमति बनी कि भारत के पर्यटन क्षेत्र को तेज़ी से आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास बेहद आवश्यक हैं। FAST ने घोषणा की कि इस सेमिनार के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी और संबंधित सरकारी विभागों को सौंपी जाएगी।
FAST के लाइफ ट्रस्टी और EBG के चेयरमैन श्री रमन सिद्धू ने कहा –
“अब कार्रवाई का समय है। विश्व पर्यटन दिवस की पूर्व संध्या पर यह सेमिनार आयोजित करना हमें ठोस कार्ययोजना बनाने और उसे नीति-निर्माताओं तक पहुँचाने का अवसर देता है।”
FAST के बारे में
फाउंडेशन फॉर एविएशन एंड सस्टेनेबल टूरिज़्म (FAST) एक ऐसा मंच है जो एविएशन और पर्यटन क्षेत्र के हितधारकों को जोड़ता है। इसका उद्देश्य उद्योग की चुनौतियों और अवसरों पर विचार-विमर्श करते हुए स्थिरता, नवाचार और विकास को आगे बढ़ाना है।