RBI New Rule : बदलते साल के साथ लोग सकारात्मक बदलाव की उम्मीद के साथ नये संकल्प लेते हैं। आने वाला नया साल उम्मीदों का साल होता है। इस नए साल की शुरुआत के साथ RBI ने भी डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के लिए कुछ नए नियम लागू करने की तैयारी की है। यह नए नियम 1 जनवरी 2026 से लागू होंगे। ऐसा कहा जा रहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक के यह नए नियम आम ग्राहकों के लिए बहुत ही राहत पहुंचाने वाले होंगे। भारतीय रिजर्व बैंक के यह नए बदलाव किस तरह के होंगे और यह आम जनता पर किस तरह का असर डालेगी और सबके लिये बैंकिंग कितनी आसान होने वाली हैं । चलिए आपको बताते हैं।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बैंकिंग नियमों में किये अहम बदलाव:
भारत की सबसे बड़ी बैंकिंग प्रणाली रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने सभी ग्राहकों को राहत देने के लिए अपने नियमों में एक बड़ा बदलाव किया है। यह नया बदलाव आम जनता के बेसिक सेविंग डिपॉजिट यानि जीरो बैंक अकाउंट खाते के लिए है। इसके साथ ही नियमों में अन्य बड़े बदलाव भी किए गए हैं । जिसमें की एटीएम में छोटे नोटों की उपलब्धता जैसे प्रमुख बदलाव भी शामिल है,जो ग्राहक की सुविधा और बैंकों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए किए गए हैं । भारतीय रिजर्व बैंक ने नामांकन के नियमों में भी कुछ बदलाव लागू किए हैं जिसमें बैंक के लॉकर,डिपाजिट और नॉमिनी को लेकर कुछ नियमों को लेकर यह जरूरी बदलाव किए गए हैं । यह सभी नियम बैंकों में 1 अप्रैल 2026 से लागू हो जाएंगे । लेकिन रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने सभी बैंकों को यह छूट दी है कि वह चाहे तो इन नियमों को पहले भी लागू कर सकते हैं । यह सभी नए नियम बढ़ती शिकायतों के जवाब में आए हैं । रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया के मुताबिक यह नियम शिकायतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं । कई ग्राहकों ने बताया है की बैंकों द्वारा इंटरनेट बैंकिंग या कार्ड एक्टिवेशन के लिए मोबाइल एप डाउनलोड करने का दबाव डाला जा रहा था। यह नए नियम कस्टमर एक्सपीरियंस को सुधारने के लिए बनाए गए हैं
कौन से हैं नये नियम जो बैंकिंग प्रणाली में बदलाव करेंगे:
कैश विड्रॉल करने के नियम:
रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया की तरफ से जारी नियमों के अनुसार अब कैश विड्रॉल के नियमों मे जरुरी बदलाव किये गये हैं । जिस्ले अनुसार बैंक को हर महीने कम से कम ग्राहक को चार बार फ्री ट्रांजैक्शन की सुविधा उपलब्ध करनी होगी।
यूपीआई व डिजिटल पेमेंट में बदलाव:
यूपीआई पेमेंट को लेकर कुछ बैंक इसको निकासी मान कर इस पर चार्ज लगाते थे । डिजिटल पेमेंट जैसे की NEFT,UPI ,IMPS और RTGS जैसे डिजिटल पैसे के लेनदेन को अब निकासी में नहीं गिना जाएगा यानी कि अगर इसे दूसरे शब्दों में कहा जाए तो यह लेनदेन अनलिमिटेड और पूरी तरह से फ्री रहेगा।
एटीएम या डेबिट कार्ड पर लगने वाला चार्ज:
एटीएम या डेबिट कार्ड को यूज करने पर ग्राहक को प्रतिवर्ष इसका सालाना चार्ज देना पड़ता था । लेकिन अब रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया के नियमों के अनुसार फ्री एटीएम और डेबिट कार्ड की सुविधा मिलेगी । जिस पर कोई सालाना रिन्यूअल फीस नहीं लगेगी।
जीरो बैलेंस खाता:
रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया के नए नियमों के अनुसार अब सभी बैंकों को अनिवार्य रूप से जीरो बैलेंस वाले बेसिक सेविंग अकाउंट देने होंगे और इसके साथ ही उन्हें मुक्त सुविधा भी देनी होगी।
छोटे नोटों की उपलब्धता
रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया के नए नियम के अनुसार सभी 75 प्रतिशत एटीएम में 100 या 200 के नोट उपलब्ध होने चाहिए और यह प्रक्रिया मार्च 2026 तक 90% तक पहुंच जानी चाहिए।
बड़े लेनदेन और ऑटो पे में बदलाव:
RBI का कहना है कि रुपए दो करोड़ या उससे अधिक के लेनदेन को अब बड़ी हिस्सेदारी माना जाएगा । जिसके साथ बैंक में गलत लेन देन का जोखिम कम हो जाएगा । वही अगर ऑटो पे की बात की जाए तो सुबह 10:00 से लेकर दोपहर 1:00 तक और शाम 5:00 से रात 9:30 तक ऑटो डेबिट लेनदेन जैसे की एसआईपी पर रोक लगाई गई है। यह मुख्य रूप से सुरक्षा बढ़ाने और ग्राहक नियंत्रण को सुनिश्चित करने पर केंद्रित किया गया है ।
नॉमिनेशन प्रक्रिया :
RBI द्वारा जारी किये गये नए नियमों में बैंक खातों में नॉमिनी जोड़ने ,नॉमनेशन और नॉमिनी बदलने की प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल कर दी गई है। जिसमें यह सारी प्रक्रिया अब ऑनलाइन आसानी से की जा सकेगी ।
बबीता आर्या