Herb Plants for your Kitchen: खाना बनाने में हम अक्सर कई हर्ब का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन उन हर्ब को हम बाजार से महंगे दाम पर खरीद कर लाते हैं। लेकिन थोड़ी सी मेहनत से आप अपने घर के छोटे से किचन गार्डन में यह हर्ब लगा लेंगे तो आपको एकदम ताजा हर्ब मिलेंगे जिससे आपके खाने का ज़ायका भी बढ़ेगा और सेहत भी बेहतर रहेगी। जी हां, यह हर्ब आप आसानी से अपने किचन गार्डन में उगा सकते हैं। थोड़ी मेहनत से आप अपने किचन गार्डन में गमले में ही ये हर्ब उगा सकते हैं।
1. Origanum Majorana/Marwa,ओरिगेनम मेज़राना

इसका इस्तेमाल कई व्यंजनों में किया जाता है। इसे सलाद ड्रेसिंग, सूप और सब्जियों का स्वाद बढ़ाने के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है। इसके पत्तों की खुशबू दूर तक फैलती है। साथ ही खाने की लज्जत भी बढ़ा देती है । मरूआ, बन तुलसी या बबरी जाति का यह पौधा बेहद खास होता है। इसकी पत्तियां बबरी की पत्तियों से कुछ बड़ी, मोटी, नरम और चिकनी होती हैं। इसका पौधा तुलसी की तरह ही होता है। इसमें भी तुलसी की तरह मंजरी निकलती है। इसे आसानी से गमले में उगाया जा सकता है। इसके पौधें में औषधीय गुण होते हैं जो कफ और वात में आराम देता है। इस पौधे की खासियत यह है कि इसे किसी भी जगह आसानी से उगाया जा सकता है। इसकी खुशबू से पूरा वातावरण भर जाता है । सर दर्द और सूजन में भी यह राहत देता है । यह बढ़ती उम्र के लक्षणों को भी धीमा करता है। इसकी पत्तियों की चाय बनाकर पीने से काफी फायदा मिलता है। यह पौधा बीज से होता है पर इसकी कोमल फुनगी या टहनी भी लगाई जाए तो आसानी से उग जाती हैं।
2. तुलसी का पौधा

वैसे तो तुलसी का पौधा आमतौर पर हर भारतीय घर में पाया जाता है। इसके धार्मिक महत्व के साथ-साथ इसके औषधीय गुण भी अनेक हैं। इसलिए अपने किचन गार्डन में तुलसी का पौधा तो जरूर लगाएं। तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल आप सलाद सैंडविच या टमाटर के साथ मिलाकर चटनी या डिप बनाने में कर सकते हैं। तुलसी की चाय सर्दी जुकाम में राहत पहुंचाती है। रोज सुबह तुलसी की पत्ती चबाने से इम्यूनिटी बूस्ट होती है। तुलसी में एंटीऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज होती है । जो कई रोगों की रोकथाम में सहायक होतीं है। तुलसी को लगाना बेहद आसान है पर ध्यान रखें की 70% मिट्टी और 30% रेत मिलाकर ही गमले में तुलसी उगाए। तुलसी के पौधे को गर्मियों में रोज पानी दें लेकिन सर्दियों में चार-पांच दिन पर पानी डाल सकते हैं।अधिक पानी से पौधा खराब हो जाता है। तुलसी की पिचिंग भी करते रहें। ऊपर वाली पत्तियों को तोड़ दें इससे पत्तियों की ग्रोथ हर दिशा में समान रूप से होगी। तुलसी की छटांई भी करते रहे, इससे वह सूखेगी नहीं । कई बार तुलसी का पौधा सूख जाता है, इसका मुख्य कारण है जरूरत से ज्यादा पानी देना, खाद देना और कम धूप। तुलसी के पौधे को धूप में जरूर रखें।
3. Mentha Arvensis/ जापानी मिंट ,जापानी पुदीना

जापानी पुदीना ऐसा हर्ब है जिसका उपयोग 12 महीने कर सकते हैं। इसकी पत्तियां काफी चिकनी और सुगंधित होती हैं। जापानी पुदीना सर्दी और संक्रमण के इलाज में भी काफी लाभकारी होता है । जापानी पुदीने के पौधे में जीवाणु रोधी गुण होते हैं । सूप,सलाद और चाय में इस हर्ब का इस्तेमाल होता है। इस पौधे की पत्तियां उच्च रक्तचाप के मरीजों को भी फायदा पहुंचाती हैं । इसका तेल भी बनाया जाता है । पाचन तंत्र के लिए भी जापानी पुदीना लाभदायक होता है । इसके पौधे को आसानी से आप गमले में उगा सकते हैं । नर्सरी से पौधा लेकर गमले में लगायें। इसके लिए बेहतर ऐयरेशन वाली मिट्टी का इस्तेमाल करें। इसे आप किसी खिड़की के पास भी रख सकते हैं,जहां कुछ वक्त के लिए धूप आती हो। इसे नियमित पानी दें। सुनिश्चित करें कि गमले के बेस में जल निकासी का छेद जरूर हो ।
4. अजवाइन का पौधा (Oregano Herbs)

ओरिगैनो हर्ब का इस्तेमाल कितना बढ़ गया है यह हम सब जानते हैं। ओरिगैनो के इस्तेमाल से साधारण भोजन भी जायकेदार बन जाता है। अजवाइन की ताजी पत्तियां भी खाने के जायके को खूब बढ़ा देती हैं। अजवाइन की ताजी पत्तियों का साॅस, सलाद ,सूप ,पास्ता, पिज़्ज़ा कई व्यंजनों में इस्तेमाल किया जाता है। अजवाइन की सबसे अच्छी बात यह है कि आप इस पौधे की सूखी और ताजी दोनों पत्तियों का उपयोग कर सकते हैं। इटेलियन खाने में ओरिगैनो का इस्तेमाल भरपूर होता है। अजवाइन का पौधा लगभग तीन फीट तक लंबा होता है। यह बहुत ही गुणकारी पौधा है। इसकी पत्तियों में एंटी कैंसर गुण पाए जाते हैं। ऑरिगेनो को शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट माना जाता है। यह शरीर पर फ्री रैडिकल्स के प्रभाव को कम करता है। यह सदाबहार पौधा है। 12 महीने इस पौधे से पत्तियां प्राप्त की जा सकती हैं। इसे आप घर में गमले में आसानी से उगा सकते हैं । आप इसे इनडोर भी लगा सकते हैं । गर्मियों की शुरुआत में इसके पौधे को लगाना अच्छा रहता है । गमले में आप इसका बीज लगाकर उगा सकते हैं । पौधे को तैयार होने में 3 महीने का समय लगता है । आप अच्छी क्वालिटी का बीज ऑनलाइन भी मंगा सकते हैं। आप इसकी कटिंग भी गमले में लगा सकते हैं। अच्छी जल निकासी व पोषण युक्त रेतीली मिट्टी में ये खूब पनपता है। इसकी जड़े अधिक गहराई तक नहीं फैलती इसलिए आपको ज्यादा गहराई वाले गमले की भी जरूरत नहीं है । गमले को ऐसी जगह रखें जहां अच्छी धूप मिलती हो । पौधे को नियमित रूप से पानी दे, लेकिन ओवर वाटरिंग से बचे।
5. अजमोद का पौधा (Parsley Plant)

पार्सले प्लांट भी आपके किचन गार्डन में जरूर होना चाहिए। धनिए की तरह दिखने वाली इसकी पत्ती आपके खाने के स्वाद को बढ़ा देती है। आप इनका उपयोग गार्निशिंग में कर भोजन के स्वाद को बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा सूप, पास्ता, सलाद, सैंडविच में भी इसका भरपूर इस्तेमाल होता है । स्मूदी, हर्ब बटर, हर्ब पनीर मैं भी इसका उपयोग किया जाता है। यह हर्ब औषधीय गुण से भरपूर होता है। हर्बल चिकित्सा में भी इसका काफी महत्व है। यह मासिक धर्म के दर्द को कम करता है। सूजन को कम करने में भी सहायक है । पार्सले को आसानी से गमले में उगाया जा सकता है। इसे नवंबर के महीने में रोपना अच्छा रहता है। दो-चार हफ्ते में इसके पौधे निकल आते हैं। इसे पर्याप्त रोशनी वाले स्थान पर ही रखें। गमले की मिट्टी को नम रखें,मिट्टी को ज्यादा गीला ना करें। इसके लिए गहराई वाला गमला ही चुने क्योंकि इसकी जड़े लंबी और गहरी होती हैं। गमले में जल निकासी का छेद जरूर हो, मिट्टी के नीचे कंकड़ की परत भी बिछाएं। ठंडे तापमान से इसे बचाएं और जरूरत से ज्यादा पानी न दें।