Public Holiday on Chhath Puja in Delhi: छठ पूजा के मौके पर दिल्ली सरकार ने पूर्वांचल के लोगों को खुश कर दिया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री आतिशी ने 7 नवंबर को छठ पर्व के मौके पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री ने दी छठ पर्व (Chhath Parv) की शुभकामनाएं
दिल्ली की सीएम आतिशी ने छठ पर्व से पहले दिल्ली वासियों को त्यौहार की शुभकामना दी और याद दिलाया कि 10 वर्ष से दिल्ली सरकार पूर्वांचल के लोगों के लिए धूमधाम से छठ पर्व का आयोजन करती आ रही है और इस बार भी छठ पर्व के लिए घाटों की संख्या बढ़ाने के साथ सभी व्यवस्थाएं की जाएगीं।
दिल्ली में छठ पूजा के लिए बनाए गए 1000 घाट
मुख्यमंत्री आतिशी ने बताया कि पूर्वांचल समाज के लोग दिल्ली का अभिन्न हिस्सा हैं। पहले पूर्वांचल के लोगों को बड़ी संख्या में छठ पूजा के लिए अपने गांव जाना पड़ता था लेकिन अब दिल्ली सरकार दिल्ली में ही धूमधाम से छठ मनाने की पूरी व्यवस्था रखती है। इस बार भी छठ पूजा के लिए 1000 से ज्यादा छठ घाट बनाए गए हैं। सीएम ने बताया कि आप पार्टी के सरकार में छठ पर्व भव्य रूप से मनाया जाने लगा है। 2014 से पहले दिल्ली में केवल 60 छठ घाट बनाए जाते थे लेकिन अब दिल्ली सरकार 1000 छठ घाट बनवा रही है। इन घाटों पर पूजा का आयोजन भी सरकार करवाती है। इसमें आर्टिफिशियल घाट भी शामिल हैं जिन्हें सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभाग और पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाया गया है।
दिल्ली जल बोर्ड द्वारा इन घाटों पर पानी की व्यवस्था की गई है। बड़े छठ घाटों पर मेडिकल सुविधा भी प्रदान की जाती है। घाट की साज सजावट, टेंट, लाइट, साउंड इत्यादि का इंतजाम भी सरकार द्वारा किया जाता है। बड़े घाटों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन करवाया जाता है। सीएम आतिशी का दावा है कि इस बार इतने छठ घाट बनवाए गए हैं कि किसी को भी पूजा करने के लिए अपने घर से एक या दो किलोमीटर से अधिक दूर नहीं जाना पड़ेगा।
चुनाव से पहले पूर्वांचल के वोट बैंक पर नजर
मुख्यमंत्री ने छठ त्यौहार को सभी दिल्ली वासियों का त्यौहार बताया और दिल्ली वासियों को शुभकामनाएं भी दीं। दिल्ली में बड़ी संख्या में पूर्वांचल के लोग रहते हैं। दिल्ली में अगले वर्ष चुनाव भी हैं, ऐसे में आप पार्टी की सरकार पूर्वांचल के लोगों का वोट बैंक अभी से पक्का कर लेना चाहती है। दिल्ली की 30% आबादी पूर्वांचल वासियों की है। ऐसे में उनका वोट बैंक बहुत महत्वपूर्ण हो जाता हैं। पूर्वांचल के वोट बैंक पर सभी पार्टियों की नजर रहती है। बीजेपी ने भी पूर्वांचल के वोट बैंक का महत्व देखते हुए एक समय मनोज तिवारी को दिल्ली बीजेपी का अध्यक्ष भी बनाया था।