Types Of Rotis : हमारे देश में खाना बनाने की परंपरा लगभग 8 हज़ार साल पुरानी है। भारतीय व्यंजनों का इतिहास बहुत ही समृद्ध और विविधतापूर्ण है। भौगोलिक परिस्थिति और धार्मिक प्रतिबंधों के आधार पर भोजन को बांट दिया गया। प्राचीनकाल मे मुख्य भोजन अनाज और दालें हुआ करती थीं। इतिहासकारों के अनुसार भारत में रोटी पहले खाई गयी। भारतीय उपमहाद्वीप में फ्लैटब्रेड की खपत का सबसे पहला प्रमाण लगभग 3000 ईसा पूर्व का है। आज हम बात करेंगे रोटी की,कितने प्रकार की रोटी होती है,और सी रोटी ज्यादा फ़ायदेमंद होतीं है।
भारतीय भोजन का मुख्य हिस्सा है रोटियां: Types Of Rotis
भारतीय भोजन का प्रमुख हिस्सा रोटी है। आप कितना भी अच्छा खाना रोज खा लेंगे पर अगर आपने रोटी नहीं खाई तो आपका पेट भी नहीं भरेगा और आपका मन भी नहीं भरेगा। शरीर के लिये आवश्यक पोषक तत्वों की जरूरतें जो रोटी पूरा कर सकती हैं वह कोई और भोजन नहीं कर सकता है । जब से बदलते परिवेश ने रसोई की जगह किचन ने ले ली हैं। हमारे खाने से जरूरी पोषक तत्व लगभग ग़ायब से हो गए हैं। जिसकी वजह से तरह-तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं लोगों को उम्र से पहले अपना शिकार बना रही हैं। इनसे बचने के लिए हमें अपने खानपान में विशेष तौर पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
हेल्दी और न्यूट्रिशियस डाइट को अपना कर आप स्वस्थ और सेहतमंद जिंदगी जी सकते हैं। इसलिए आज हम सेहत की शुरुआत सभी घरों में सबसे ज्यादा पसंद की जानें वाली सेहतमंद रोटियों यानी कि चपाती से करते हैं। रोटी भारतीय रसोई में भोजन का एक अहम हिस्सा है। रोटी स्वाद के साथ साथ हमारे शरीर के लिये भी आवश्यक है। आज हम यहा अलग अलग प्रकार की रोटियों के बारें में बात करेंगे। जो की स्वाद के साथ-साथ सेहत से भी भरपूर है।
Types Of Rotis
बाजरे की रोटी: Bajra Roti
ठंड के मौसम बाजरे का सेवन सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। अगर आप अपना वजन तेजी से घटाना चाहते हैं तो इससे बेहतर कुछ नहीं है । बाजरा ब्लड सर्कुलेशन को भी बढ़ाता है , जिससे कि ब्लड प्रेशर और हृदय स्वास्थ्य पूरी तरह ठीक रहता है। बाजरे के आटे में प्रोटीन, मैग्नीशियम, आयरन, फॉस्फोरस और फाइबर जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। यह विटमिन-ई, बी कॉम्प्लेक्स, नायसिन, थायमिन और रिबोफ्लेविन का भी बहुत अच्छा स्रोत है। इस रोटी को खाने के बाद आपका पेट भरा हुआ लगेगा और आप ज्यादा भोजन करने से बचेंगे।
ज्वार की रोटी : Jowar Roti
ज्वार की रोटी रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने और कैलोरी को नियंत्रित रखने के लिए बहुत फायदेमंद है। ज्वार का आटा ग्लूटेन-मुक्त, उच्च फाइबर, कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला आटा होता है। यह आटा प्रोटीन, डायट्री फाइबर, कैल्शियम, आयरन, फास्फोरस, विटामिन बी और विटामिन सी में समृद्ध होने के कारण वजन घटाने में काफी सहायक होता है। ज्वार का आटा पाचन को भी बेहतर बनाता है।
रागी की रोटी: Ragi Roti
अगर आप भी हाई प्रोटीन डाइट लेते हैं तो रागी का आटा आपके लिए एक बेहतर विकल्प है। इसमे भरपूर मात्रा मे कैल्शियम पाया जाता है। य़ह हड्डियों के लिये बहुत ही अच्छा माना जाता है। इसमे कई प्रकार के महत्वपूर्ण विटामिन और मिनरल्स भी पाए जाते हैं। इसमे आयरन, नायसिन व थायमिन प्रचुर मात्रा में पाया जाता है इसलिए यह आटा मांसपेशियों,ऊतकों, अस्थियों और त्वचा की मरम्मत करता है। यह बार बार भूख लगने की संभावना को कम करता है।
जौ का आटा: Barley Flour
जौ के आटे को बार्ली का आटा भी कहा जाता है। ये आपके पाचन तंत्र को मजबूत रखता है। यदि किसी को पेट में बार-बार ब्लोटिंग, कब्ज, अपच, आदि जैसी समस्याएं होती हैं, तो उन्हें इसे अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए। इसके सेवन से आपका आपके पेट का पाचन दुरुस्त रहेगा और आपके बाउल का मूवमेंट भी काफी हद तक सही रहता है। इसमे प्रोटीन, राइबोफ्लेविन, नियासिन, विटामिन B6, फोलेट, आयरन, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, पोटेशियम, जिंक, कॉपर, मैंगनीज और सेलेनियम अच्छी मात्रा मे पाया जाता है। इससे आपको वजन घटाने में मदद मिलती है।
बेसन की रोटी: Chickpea Flour Roti
बेसन तो सबके घरों में अच्छे से जाना जाता है। ये चने को पीस कर बताया जाता है। इसका इस्तेमाल आप कई तरह से कर सकते हैं। इसको आप गेहूं के आटे के साथ मिला कर इसकी रोटी बना सकते हैं । खाने में भी इसकी रोटी बहुत स्वादिष्ट लगती है। इसमे आयरन, पोटैशियम, कॉपर, जिंक, फॉस्फोरस, फोलेट, विटमिन बी-6 की प्रचुर मात्रा मे पाया जाता है। स्वाद के साथ बेसन सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। ये पेट भी साफ़ करता है और खून की कमी भी पूरी करता है।
बबीता आर्या