Tirupati Prasad Controversy : श्री कृष्ण की नगरी मथुरा धार्मिक नगरी के रूप में देश और विदेश में प्रसिद्ध है। मथुरा में हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। कान्हा की भक्ति के साथ वह यहां के मंदिरों में प्रसाद चढ़ाते हैं और उसे अपने साथ घर भी ले जाते हैं। तिरुपति बालाजी में मंदिर के प्रसाद को लेकर हुए विवाद के बाद यूपी में भी प्रशासन प्रसाद की शुद्धता को लेकर चौकन्ना हो गया है । मथुरा में भगवान श्री कृष्ण के भक्तो का तांता लगा रहता है । रामायण में मथुरा को मधुपुर या मधुदानव का नगर कहा जाता था। वैदिक काल से मथुरा की उपस्थिति मानी जाती है । इसके साथ मथुरा के पेड़े भी विश्वप्रसिद्ध हैं। जो भी यंहा दर्शन करने आता है, यंहा के पेड़े लिये बिना नही जाता है ।मन्दिर मे चढ़ने वाला पेड़े का प्रसाद बहुत ही स्वादिष्ट होता हैं । तिरुपति के प्रसाद के लड्डुओं में गड़बड़ी के बाद अब मथुरा और वृन्दावन के मंदिरो के बाहर बेचे जा रहे प्रसाद की शुद्धता को लेकर भक्तों और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है । खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने प्रसाद की जांच शुरु कर दी है । अब जांच रिपोर्ट के आने का इंतजार है ।
तिरूपति बालाजी के मंदिर के बाद मथुरा के प्रसाद की होगी जांच:
कुछ दिनो पहले आँध्रप्रदेश के तिरुपति बालाजी के मंदिर मे प्रसाद के लड्डुओं में मिलावट की खबर के बाद से मथुरा में भी खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) सतर्क हो गया है । तिरुपति बालाजी जी मंदिर में प्रसाद के रूप मे मिलने वाले लड्डुओं में एनिमल फैट होने की शंका जताई गयी थी। जिसके बाद से मथुरा और वृन्दावन में मन्दिरों के बाहर मिलने वाले प्रसाद की शुद्धता पर शंका जताई जाने लगी है।
पिछ्ले 48 घंटो में प्रसाद की अलग-अलग दुकानो से 13 सैंपल लेकर जांच के लिये भेजे गये हैं ।इससे पहले भी मंदिर के बाहर बेचे जाने वाले प्रसाद की जांच करायी गयी थी, जिसमे 59 मे से 30 नमूने फ़ेल मिल चुके हैं । फिलहाल , सैंपल प्रयोगशाला भेज दिये गये हैं अब रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा कि प्रसाद में किसी तरह की मिलावट है या नहीं।
खाद्य विभाग ने लिये नमूने:
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त धीरेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि मंदिर के प्रसाद में मिलावट का मामला सामने आने के बाद फूड विभाग की टीम ने ठाकुर बांके बिहारी मंदिर, श्रीकृष्ण जन्मभूमि और गोवर्द्धन मंदिर के बाहर प्रसाद की दुकानों से सैंपल लिए हैं । जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मामला साफ होगा कि प्रसाद में कितनी शुद्धता हैं । सोमवार को यह अभियान वृहद स्तर पर चलाया जायेगा। लगभग सभी क्षेत्रों में फूड विभाग की टीमें सैंपल लेने के लिये जायेंगी। विशेषकर उन क्षेत्रों में जंहा प्रसाद की बिक्री खुले रूप में होती है ।वंहा के खाद्य पदार्थो का सैंपल विशेष रूप से लिया जायेगा।
पहले भी हो चुकी है नमूनो की जांच:
इससे पहले भी मंदिर के बाहर संचालित दुकानो से जिसमें बांके बिहारी मंदिर ,रंग जी मंदिर,इस्कॉन मंदिर, और भी कई अन्य मंदिरो के बाहर संचालित प्रसाद की दुकानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लिये गये हैं। सभी दुकानो में अनेक प्रकार के खाद्य पदार्थो की बिक्री होती है। पेड़ा, बरफी, सोनपपड़ी, दूध, दही, घेवर, लड्डू सभी के नमूने जांच के लिये भेजे गये हैं । जिसमें से 60 में से करीब करीब 30 प्रतिशत सैंपल जांच में अधोमानक निकले। लेकिन इस जांच रिपोर्ट में कोई गम्भीर प्रकरण सामने नही आया था।
सहायक आयुक्त की चेतावनी:
सहायक आयुक्त ने सभी दुकानदारों को चेतावनी दी है कि वे किसी भी खाद्य पदार्थ मे कोई भी मिलावट ना करे। जनता के स्वास्थ्य के खिलाफ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ कानून बर्दाशत नही करेगा। दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाई की जायेगी।
बबीता आर्या