Mahakumbh 2025 : भारतीय संस्कृति और आध्यात्म में महाकुंभ का अपना अलग ही महत्व है। महाकुंभ अनोखी और रहस्य से भरी अनंत काल से चली आ रही परंपरा का प्रतिनिधित्व करता है और यही परंपरा एक बार फिर प्रयागराज में देखने को मिलेगी, जहां होगा आस्था धर्म और विश्वास का अद्भुत संगम। सदियों से चली आ रही महाकुंभ की परंपरा आज के आधुनिक जीवन के कारण कई नए बदलाव भी लेकर आई है और यह बदलाव नकारात्मक हो चले हैं। इसी नकारात्मक प्रभाव को रोकने के लिए इस बार महाकुंभ 2025 में साफ सफाई के पुख्ता इंतजाम के साथ प्लास्टिक के उपयोग पर रोक लगाने के लिए सरकार ने तैयारी कर ली है।
महाकुंभ 2025 मे होंगे साफ-सफाई के पुख्ता इंतजाम। 13 दिसंबर को पीएम मोदी करेंगे औपचारिक शुभारंभ
महाकुंभ 2025 को लेकर तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। मेला क्षेत्र और सभी तैयारियों को पूरा करने का लक्ष्य 30 नवंबर 2024 तक रखा गया है । महाकुंभ की सभी तैयारियां मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ खुद ही देख रहे हैं । 2025 के महाकुंभ में लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओ के शामिल होने की उम्मीद है । प्रशासन की तरफ से प्रयागराज को पूरी तरह से सजाने का काम चल रहा है ।
आस्था का महापर्व महाकुंभ 2025:
आस्था के महापर्व यानी की महाकुंभ 2025 की तैयारियां इस समय पूर्णतःकी ओर हैं । प्रयागराज में संगम सिर्फ तीन नदियों का संगम ही नहीं है बल्कि आस्था और श्रद्धा का प्रतीक हैं । हर वर्ष करोड़ो लोग इस पवित्र संगम तट पर स्नान करने आते हैं । इन करोड़ों श्रद्धालुओं में देश ही नहीं अपितु विदेश से भी अनेक श्रद्धालु आते हैं । तैयारी में कहीं कोई कमी ना रह जाए इसके लिए प्रधानमंत्री कार्यालय की टीम ने मेला स्थल का निरिक्षण किया और मेला प्राधिकरण टीम के साथ बैठक भी की। टीम के सदस्यों का कहना है कि मेले से जुड़े किसी भी कार्य मे कोई कमी बर्दाशत नही की जायेगी। पीएमओ के उप सचिव मंगेश घिल्डयाल के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम ने शनिवार को अक्षयवट कॉरिडोर, नैनी एसटीपी व एनएच के कार्यों का निरीक्षण कर वास्तविकता का जायजा लिया। निरीक्षण के साथ ही टीम का कहना था कि मेले मे किसी भी तरह की कोई लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी ।
घाटों पर साफ-सफाई के किये गये पुख्ता इंतजाम: सिंगल यूज प्लास्टिक का ना करें उपयोग
महाकुंभ में मेले की वेबसाइट अपडेट रखने,आने जाने के रास्ते,श्रद्धालुओं के सुरक्षा इंतजाम, मेले में श्रद्धालुओं व कल्पवासियों को दी जाने वाली सुविधा, विदेशी पर्यटकों के स्वागत, अतिथियों के लिए होने वाली व्यवस्था पर जोर दिया गया है। इसके साथ घाटों की सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किये गये हैं । आस्था के महापर्व पर संगम के तट पर जन सैलाब उमड़ने वाला है । ऐसे में घाटों की साफ सफाई और नदियों की स्वच्छता बनाये रखना एक चुनौती भरा कार्य है । इसके लिये गंगा प्रहरी को विशेष डयूटी पर तैनात किया गया है जो वहां उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को जागरुक करेंगे और घाटों और नदियों की साफ सफ़ाई मे लगे रहेंगे। इसके लिये सरकार ने विशेष ट्रेनिंग का इंतजाम किया है । स्वच्छता को लेकर लगभग 1.5 लाख टॉयलेट्स व यूरिनल्स की महाकुंभ मेला क्षेत्र में व्यवस्था की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभी से अपील होगी कि सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग ना करें।
13 दिसंबर को औपचारिक शुभारंभ:
महाकुंभ 2025 का औपचारिक तौर पर शुभारंभ करने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 दिसंबर 2024 को प्रयागराज आयेंगे । यहां पर संगम तट पर आरती और पूजा के साथ महाकुंभ की औपचारिक शुरूआत करेंगे। इस समारोह में पीएम मोदी प्लास्टिक मुक्त महाकुंभ का आगाज करेंगे । इसके साथ ही 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के बाद एक बार फिर आएंगे और संगम के जल का आचमन करेंगे। संगम तट से स्वच्छ कुंभ का संदेश देंगे। इस समारोह के आयोजन में लगभग 40 स्कूलों के बच्चे शामिल होंगे । जिसके लिये तैयारियां शुरु हो चुकी हैं । महाकुम्भ के दौरान 1783 करोड़ रुपये मेले के अस्थाई कार्यों पर खर्च होंगे।
बबीता आर्या