Bangladesh: बांग्लादेश में छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना सरकार का शासन खत्म हुए 5 महीने बीत चुके हैं, इस बीच बांग्लादेश में काफी उथल-पुथल का दौर रहा। अगस्त 2024 से नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की कमान संभाले हुए हैं। बांग्लादेश में तत्कालीन शेख हसीना सरकार के खिलाफ छात्रों ने आंदोलन चलाकर उन्हें देश छोड़ने पर मजबूर कर दिया था। तब शेख हसीना को भारत में शरण लेनी पड़ी थी। उसके बाद बांग्लादेश में अंतरिम सरकार का गठन किया गया। अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने कहा था कि देश में स्थिरता आने के बाद 2025 के अंत तक आम चुनाव की घोषणा कर दी जाएगी।
मोहम्मद यूनुस की अगुवाई में अंतरिम सरकार से बांग्लादेश के नागरिकों को काफी उम्मीद थी, लेकिन इस बीच बांग्लादेश में हिंदुओं व ईसाइयों पर हुए नस्लीय हमलों की वजह से पूरी दुनिया में बांग्लादेश की सेकुलर छवि खराब हुई, साथ ही भारत के साथ रिश्तों में भी दरार आ गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बांग्लादेश ने भारत- बांग्लादेश सीमा पर भारत द्वारा बाड़ लगाने को लेकर भीआपत्ति जाहिर की थी ।
इस बाबत बांग्लादेश सरकार ने भारतीय राजदूत को तलब किया था । अब भारत सरकार ने भी बांग्लादेश के राजदूत को तलब कर पूछा है कि आखिर बांग्लादेश को बाढ़ लगाने में क्या दिक्कत है। समझौते के मुताबिक सीमा के 150 यार्ड तक भारत बांग्लादेश की बाउंड्री पर किसी डिफेंस स्ट्रक्चर को नहीं खड़ा किया जा सकता, लेकिन वायर फेंसिंग लगाने में किसी नियम का उल्लंघन नहीं होता है। आखिर बांग्लादेश को परेशानी किस बात की है। भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्ते तल्ख हो रहे हैं, साथ ही अब बांग्लादेश के भीतर भी अंतरिम सरकार को लेकर असंतोष के स्वर उठने लगे हैं।
BNP ने उठाई जल्द चुनाव की मांग
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया की पार्टी बांग्लादेश नेशनल पार्टी (बीएनपी) ने देश के हित में इस वर्ष अगस्त में चुनाव कराने की मांग उठाई है। विपक्षी पार्टी बीएनपी का कहना है, देश में राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता बढ़ रही है, इसलिए जल्द चुनाव करवा कर स्थाई सरकार का गठन जरूरी है
Electoral Reforms से पहले नहीं होगा चुनाव!
चुनाव को लेकर अंतरिम सरकार द्वारा अभी तक कोई समय सीमा तय नहीं की गई है। अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने कहा था, 2025 के अंत में चुनाव करवाए जा सकते हैं । लेकिन चुनाव तभी होगा जब चुनाव सुधार की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। लेकिन अब मुख्य विपक्षी दल बीएनपी इस साल के मध्य तक चुनाव करवाने की मांग उठा रहा है। BNP के सेक्रेटरी जनरल मिर्जा फखरुल इस्लाम का कहना है, चुनाव में जितनी देरी होगी मुल्क के आर्थिक और राजनीतिक हालात उतने ही खराब होंगे । इसलिए इस साल के मध्य तक देश में आम चुनाव हो जाने चाहिए ।
शेख हसीना के कारण ब्रिटेन में मंत्री Tulip Siddiq ने दिया इस्तीफा
शेख हसीना के भारत में शरण लेने के बाद बांग्लादेश सरकार भारत से उन्हें बांग्लादेश वापस भेजने की मांग कर चुकी है। ताकि उन पर बांग्लादेश में आपराधिक मुकदमा चलाया जा सके। फिलहाल इस पर आगे कोई बात नहीं हुई है। वहीं ब्रिटिश सरकार में मंत्री ट्यूलिप सिद्दीक के शेख हसीना से आर्थिक संबंध और लेनदेन के कारण उन पर सवाल उठाए जा रहे थे । ट्यूलिप सिद्दीक शेख हसीना की रिश्तेदार हैं। हालांकि ट्यूलिप सिद्दीक ने आरोप खारिज करते हुए कहा था कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है।
प्रधानमंत्री Keir Starmer ने भी उन पर भरोसा जताया था । लेकिन अब कहा जा रहा है कि दबाव के चलते उन्हें इस्तीफा देना पड़ा है। उन्होंने कहा हालांकि जांच में उन पर कोई दोष सिद्ध नहीं हुआ है फिर भी वह अपनी सरकार को परेशानी से बचाने के लिए इस्तीफा दे रही हैं। ब्रिटेन में लेबर पार्टी की सरकार है। दिसंबर महीने में बांग्लादेश सरकार की जांच में ट्यूलिप सिद्दीक का नाम सामने आया था । यह जांच, बांग्लादेशी इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के फंड में चोरी से जुड़े मामले की थी, जिसमें शेख हसीना के साथ ट्यूलिप सिद्दीक का नाम भी सामने आया था । Bangladesh के एंटी करप्शन कमिशन ने 12.65 बिलियन डॉलर के न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट में आर्थिक अनियमित का आरोप लगाया था।