Friday, January 16, 2026
Home धर्म कर्म भीमकुंड : जहां पांडवों को मिला था अक्षय अन्न पात्र !

भीमकुंड : जहां पांडवों को मिला था अक्षय अन्न पात्र !

by KhabarDesk
0 comment

Bhimkund :  छतरपुर जिले की यात्रा में आज हम आपको यहां के प्रसिद्ध पौराणिक स्थल भीम कुण्ड ले चलते हैं । कहा जाता है द्वापर युग में अपने निर्वासन के समय पाण्डवों ने यहां पर कुछ समय बिताया था। तपस्या के द्वारा सूर्यदेव को प्रसन्न करके उन्हें अक्षय अन्न पात्र की प्राप्ति हुई। जिसमें शर्त थी कि यह पात्र भोजन से सदा भरा रहेगा लेकिन अन्नपूर्णा द्रौपदी के भोजन के पश्चात यह पात्र खाली हो जाएगा। अत:भोजन की समस्या का समाधान तो उनके पास था किंतु जल का नही। जंगलों में भटकते कहीं जल मिलता कभी नही। एक वर्ष का अज्ञात वास भी कठिन था। ऐसे में एक निर्जन स्थान में शरण लेते हुये द्रौपदी को प्यास लगी किंतु आसपास कहीं भी जल नही होने से सभी परेशान थे। द्रौपदी ने थक हार कर और आगे जाने से इंकार कर दिया। द्रौपदी को इस प्रकार प्यास से व्याकुल देख कर भीम ने आव देखा न ताव और दे मारी अपनी गदा पहाड़ी की एक चट्टान पर जहां पर दरार थी। गदा के प्रहार से उस चट्टान पर वर्तुलाकार गड्ढा हुआ और पानी का छिपा स्त्रोत बाहर आ गया।

भीम के द्वारा निर्मित होने के कारण इसका नाम भीम कुण्ड पड़ा 

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से ८०कि.मी.की दूरी पर यह स्थान सागर छतरपुर राष्ट्रीय मार्ग पर है। एक गुफा केअंदर स्थित यह जलकुंड अपने औषधीय गुणों के कारण भी प्रसिद्ध है। इसके जल में स्नान करने से कुष्ठ रोग तक समाप्त हो जाते हैं। अमावस्या के दिन यहां पर श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। यह एक पौराणिक ही नही धार्मिक स्थान भी है।  इस कुण्ड का पानी नीला रहता है। इसलिए इसका दूसरा नाम नील कुण्ड भी है।

नारद कुंड के नाम से भी जाना जाता है

भीमकुंड को नारद कुण्ड के नाम से भी जाना जाता है। अथाह जल राशि के करण इस कुण्ड की थाह का आज तक पता नही चल सका है। जब भी भूकंप आता है तो इसके पानी का स्तर अपने आप उछाल मार कर बढ़कर ऊपर तक आकर इस बात का संकेत दे देता है। इसी कारण इसे एक शांत ज्वालामुखी भी कहा जाता है। यह क्षेत्र ऋषि-मुनियों की तप स्थली रहा है। इसके अनेक प्रमाण यहां पर हैं। यह एक पर्यटन स्थल के रूप में ही नही वरन् पौराणिक ऐतिहासिक और धार्मिक रूप में भी प्रसिद्ध है। मकर संक्रान्ति पर यहां बड़ा मेला लगता है। गुफा में ऊपर वर्तुलाकार छेद से यहां सूर्य की किरणों का प्रकाश इस जलकुंड पर पड़ कर इसे मनोहारी बना देता है।

उषा सक्सेना

You may also like

Leave a Comment

About Us

We’re a media company. We promise to tell you what’s new in the parts of modern life that matter. Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Ut elit tellus, luctus nec ullamcorper mattis, pulvinar dapibus leo. Sed consequat, leo eget bibendum sodales, augue velit.

@2022 – All Right Reserved. Designed and Developed byu00a0PenciDesign