Gaming app ban : ऑनलाइन गेमिंग एप के कारण बढ़ती हुई घटनाओं को देखते हुए सरकार ने बैटिंग करने वाले सभी ऑनलाइन गेमिंग एप पर रोक लगा दी है। मोदी सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग एप के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाया है । पैसे से जुड़े ऑनलाइन गेमिंग ट्रांजैक्शन अब बैन कर दिये जाएंगे । केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में ऑनलाइन गेमिंग विधेयक को मंजूरी दे दी गई है । यह बिल लोकसभा में पास भी हो गया है । इसमें सट्टेबाजी और जुआ ऐप चलाने वालों पर 7 साल की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
गेमिंग एप को लेकर केंद्र सरकार ने लिया बड़ा फ़ैसला:
केंद्र की मोदी सरकार ने पैसों से जुड़े ऑनलाइन गेमिंग एप के मामलों में बड़ा फैसला लिया है। इसका बड़ा कारण गेमिंग एप के कारण कर्ज में डूबने की घटनाएं और आत्महत्या के मामलों में हुई बढ़ोतरी है। इसकी वजह से सरकार को यह सख्त कदम उठाना पड़ रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय द्वारा लाया गया यह ऑनलाइन गेमिंग बिल लोकसभा में पास कर दिया गया। इस बिल के अंतर्गत ऑनलाइन बैटिंग को अपराध माना जाएगा। जिसमें व्यक्ति को 7 साल की कैद और 10 लाख का जुर्माना हो सकता है। जिस किसी भी ऑनलाइन गेम में पैसा जुड़ा है ,चाहे वह गेम स्किल का हो या फिर चांस का हो उन सभी को प्रतिबंधित किया जाएगा। इस बिल को इलेक्ट्रॉनिक्स वा आईटी मंत्रालय द्वारा बुधवार को लोकसभा में पेश किया गया।
इस ऐप को प्रमोट करने वाले खिलाड़ी व फिल्मी सितारों पर भी लगेगा प्रतिबंध:
आपको बता दे की प्रस्तावित विधेयक में लूट ,धोखाधड़ी और राज्य के कानून में विसंगतियों पर चिंता जताई गई है। इसलिए विधेयक में दंड और सजा का प्रावधान भी किया गया है। सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग एप के प्रचार और विनियमन से संबंधित विधेयक में कई बदलाव लागू किए हैं। जिसमें अब कोई भी फिल्मी अभिनेता, खिलाड़ी, मशहूर हस्तियां सोशल मीडिया पर सट्टेबाजी एप का विज्ञापन नहीं कर सकेंगे। इस चीज में राज्य सरकार की जिम्मेदारी बनेगी कि वह जमीन पर सट्टेबाजी और जुए के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें । इस कानून के बाद से ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर नकेल कस दी जाएगी। इस विधेयक के प्रस्तावित होने के बाद गेमिंग एप के साथ इसको प्रमोट करने वाले फिल्मी सितारों से लेकर क्रिकेटर सभी लोग कानूनी दायरे में होंगे । प्रचार करने वाले सभी व्यक्तियों पर जुर्माना भी लगेगा।
घरेलू एप के साथ-साथ विदेशी एप पर भी कार्यवाही जरुरी:
गेमिंग एप का प्रस्तावित कानून लागू होने के बाद ऑनलामइन गेमिंग एप का कारोबार प्रभावित हो सकता है। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार ऑनलाइन गेमिंग एप का कारोबार 3.8 अरब डॉलर का है । इनमें से तीन अरब डॉलर का गेमिंग एप का कारोबार करने वाले कहीं ना कहीं पैसे के ट्रांजैक्शन से जुड़े हैं,और वह सभी ऐप प्रतिबंधित हो जाएंगे । इस प्रतिबंध को लेकर जानकारों का कहना है कि भारत सरकार घरेलू स्तर पर चलने वाले गेमिंग एप के कारोबार को तो बैन कर देगी। इसके साथ-साथ विदेशों से संचालित होने वाले सभी गेमिंग एप पर भी कार्यवाही अनिवार्य होनी चाहिए। ऐसा बताया जा रहा है कि विदेश से संचालित होने वाले गेमिंग एप पर तो सरकार को कोई टैक्स भी नहीं मिलता है, और भारतीयों का पैसा विदेश में भी चला जाता है।
सरकार ने 2023 में ऑनलाइन गेमिंग एप पर 28% का जीएसटी लगाया था। उस समय सरकार का यह कहना था कि ऑनलाइन गेमिंग गलत है या सही इसका फैसला बाद में किया जाएगा। फिलहाल इसके माध्यम से बड़ी कंपनियां एक मोटा पैसा कमा रही है। जिसको टैक्स के दायरे में लिया जा रहा है।
जा सकती है 2 लाख लोगो की नौकरी:
अगर सरकार विधेयक लाकर इस एप को प्रतिबंधित करती हैं। तो इस सेक्टर से जुड़े 2 लाख लोगो की नौकरियां जा सकती है । बिजनेस टुडे की जानकारी के अनुसार ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में लाखों लोगों को रोजगार मिला है ।जिसमें की इंजीनियरिंग ,उत्पाद, विकास मार्केटिंग और संचालन जैसे उच्च कुशल वाले क्षेत्रों में भी रोजगार दिया गया है । हाल ही में 400 से ज्यादा स्टार्टअप्स इस सेक्टर से जुड़े हैं। जिन्हें करोड़ों रुपए का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश भी प्राप्त होता है। जिसमे की गेमिंग सेक्टर वर्तमान में हर साल लगभग 20,000 करोड रुपए का राजस्व सरकार को देता है । इसलिए विश्लेषक का कहना है की सरकार द्वारा एक व्यापक प्रतिबंध लगाने से न केवल बड़े पैमाने पर नौकरियां जाएंगी। बल्कि भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में निवेशकों का विश्वास भी हिल सकता है।