Nandini Milk : भारतीय बाजारों में दूध की उपलब्धता और खपत की आपूर्ति कई स्रोतों से होती है। ग्रामीण इलाकों में जहां स्थानीय छोटे-मझौले पशुपालकों से लेकर दुग्ध उत्पादकों द्वारा आम घरों में दूध उपलब्ध कराया जाता है, वहीं छोटे शहरों से लेकर बड़े शहरों और मेगा सीटीज में दूध की खपत की आपूर्ति बड़े डेयरी कॉपरेटिव संस्थानों द्वारा किया जाता है। भारत में दूध उत्पादन को लेकर ‘श्वेत क्रांति’ की सफलता ने भारत को दूध उत्पादन में दुनिया में पहले स्थान पर पहुंचाने के साथ कॉपरेटिव की भूमिका को भी उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रोत्साहित किया है।
उत्तर भारत में खासकर दिल्ली और इससे सटे राज्यों में दूध उत्पादन और उपलब्ध कराने में ‘मदर डेयरी’ पहले नंबर पर तो अमूल दूसरे नंबर पर आता है। अधिकांश उपभोक्ता इन्हीं दो कंपनियों का दूध लेना पसंद करते हैं। इसके अलावा और भी ब्रांड लोकप्रिय हैं- पराग, वेरका, सारस, सुधा, विजया, ज्ञान, सांची और स्वास्ति (आशीर्वाद, आइ टी सी) भी बाजार में अपनी पहचान और जगह बनाने में कामयाब रही हैं। लेकिन लंबे वक्त से ‘मदर डेयरी’ और ‘अमूल’, इन दोनों ब्रांड ने भारतीय परिवारों की रसोई घर में अपनी मजबूत जगह बनाई हुई है। बाजार में दूध के कई अन्य ब्रांड भी उपलब्ध है लेकिन सबसे ज्यादा लोकप्रिय यह दो ब्रांड हैं।
डेयरी मार्केट में नंदिनी की एंट्री
लेकिन अब दिल्ली वासियों को कर्नाटक के मशहूर मिल्क ब्रांड नंदिनी का दूध और मिल्क प्रोडक्ट्स दिल्ली में भी आसानी से मिल पाएंगे। क्योंकि नंदिनी डेयरी ने अब दिल्ली में भी अपने प्रॉडक्ट्स की बिक्री शुरू कर दी है। कर्नाटक मिल्क फेडरेशन नंदिनी ब्रांड के तहत दूध, दही और पनीर जैसे ताजा डेयरी प्रोडक्ट्स बेचता है। KMF फिलहाल कर्नाटक, मुंबई, नागपुर, पुणे, सोलापुर, गोवा, हैदराबाद, चेन्नई और केरल में अपने प्रॉडक्ट्स बेच रहा है। इन इलाकों में नंदिनी के प्रोडक्ट्स की अच्छी खासी डिमांड है और अब नंदिनी उत्तर भारत में भी अपने ब्रांड का विस्तार करना चाहता है। इसके लिए दिल्ली से शुरुआत की जा रही है।
अमूल और मदर डेरी से होगी टक्कर
दिल्ली में मदर डेयरी और अमूल कई वर्षों से स्थापित ब्रांड हैं। ऐसे में नंदिनी को इन दोनों कंपनियां से मुकाबला कर मिल्क प्रोडक्ट की मार्केट में अपनी जगह बनानी होगी। मदर डेयरी 1974 से यानी 50 साल से दूध और डेयरी प्रॉडक्ट्स के क्षेत्र में जाना माना स्थापित नाम है। खास तौर पर दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में मदर डेयरी के 1500 से ज्यादा मिल्क बूथ हैं और मदर डेयरी 400 सफल आउटलेट्स के जरिए फल सब्जी और अन्य प्रोडक्ट्स भी बेचती है। मदर डेयरी द्वारा दिल्ली में हर रोज लगभग 30 लाख लीटर दूध सप्लाई किया जाता है। मदर डेयरी की दिल्ली के डेयरी मार्केट में दो तिहाई यानी 66 फ़ीसदी हिस्सेदारी है। अमूल की बात करें तो इस ब्रांड की शुरुआत गुजरात के आणंद से हुई थी, लेकिन आज पूरे देश में डेरी प्रोडक्ट का यह सबसे बड़ा नाम है।
दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में अमूल लगभग 26 लाख लीटर दूध की सप्लाई हर रोज करता है। नंदिनी मिल्क को बाजार में अपनी जगह बनाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी होगी। जानकारी के मुताबिक केएमएफ फिलहाल कर्नाटक के मांड्या से दूध की सप्लाई करेगा। इसके लिए कंपनी ने मांड्या मिल्क यूनियन से दिल्ली तक डेरी प्रोडक्ट सप्लाई करने के लिए करार किया है। यह सप्लाई इंसुलेटेड रोड टैंकर्स के जरिए की जाएगी। दिल्ली से मांड्या की दूरी लगभग 2500 किलोमीटर है। इस पूरे सफर में दूध की क्वालिटी और फ्रेशनेस बरकरार रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। शुरुआत में तीन टैंकरों के जरिए 1 लाख लीटर दूध की सप्लाई की जाएगी दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स दिल्ली के अलावा यूपी और हरियाणा में भी सप्लाई किए जाएंगे।
इडली और डोसा बैटर भी बेचने की है योजना
केएमएफ बेंगलुरु में डेयरी प्रॉडक्ट्स के अलावा इडली और डोसा बैटर भी बेचता है। आगे चलकर पूरे देश भर में डेयरी प्रॉडक्ट्स के अलावा इडली और डोसा बैटर बेचने की भी योजना है। फिलहाल तो नंदनी ब्रांड के डेयरी मार्केट में आने से ग्राहकों को एक नया विकल्प तो मिलेगा ही साथ ही Nandini Milk ब्रांड के जरिए ग्राहकों को शुरुआत में कुछ खास ऑफर और आकर्षक दाम भी दिए जा सकते हैं।