Beauty Tips: सोने की चमक से किसे प्यार नहीं होता और जब हम सुंदरता की बात करते हैं तो सोने जैसी दमक वाले चेहरे की बात कवि और शायर भी खूब करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं, सोने जैसी दमक और जवान त्वचा पाने के लिए सोना धातु जादू का काम करती है। यूरोप में हाल ही में हुए एक शोध में पाया गया है कि स्वर्ण नैनो कण, बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने में भी सक्षम है। प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद में भी दवाओं और कॉस्मेटिक में स्वर्ण भस्म के इस्तेमाल का उल्लेख मिलता है। लेकिन अब यूरोप में हुए अध्ययन ने भी इसके असर की पुष्टि कर दी है।
बढ़ती उम्र के असर को कम करते हैं गोल्ड नैनो पार्टिकल
बढ़ती उम्र के असर को रोकने में स्वर्ण नैनो कण जिसे स्वर्ण भस्म भी कहा जाता है काफी कारगर माना जाता है। स्वर्ण नैनो पार्टिकल त्वचा की क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को स्वस्थ करते हैं जिससे त्वचा जवां बनी रहती है।
आयुर्वेद में भी होता है स्वर्ण भस्म का उपयोग
भारतीय चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद में इसे स्वर्ण भस्म कहा जाता है। फ्रांस के पेरिस विश्वविद्यालय के शोध में दावा किया गया है कि स्वर्ण नैनो कण स्किन को न सिर्फ संक्रमण से बचाते हैं, बल्कि यह बढ़ती उम्र के प्रभावों को रोकने में भी काफी हद तक कारगर हैं। आयुर्वेद में इसे स्वर्ण भस्म कहा जाता है।
पेरिस विश्वविद्यालय के शोध में सामने आई जानकारी
साइंस जर्नल एल्सेवियर में प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक सूरज की अल्ट्रावायलेट किरणों, प्रदूषण, धूल और धुएं से त्वचा की कोशिकाओं को काफी नुकसान पहुंचता है जिससे त्वचा क्षतिग्रस्त होकर बूढ़ी होने लगती है। इससे त्वचा में सूखापन तथा इन्फेक्शन का खतरा उत्पन्न हो जाता है । लेकिन यह गोल्ड नैनो पार्टिकल त्वचा की कोशिकाओं की मरम्मत कर इस स्थिति से बचाता है। आयुर्वेद में भी स्वर्ण भस्म का जिक्र किया गया है। कई दवाओं में भी इसका इस्तेमाल होता है । सौंदर्य उत्पाद बनाने वाली कई कंपनियां अपने सौंदर्य उत्पादों में गोल्ड नैनो पार्टिकल का इस्तेमाल कर रही हैं । आपको बता दें आयुर्वेद में पहले से ही स्वर्ण भस्म के इस प्रभाव को पहचान लिया गया था। आयुर्वेद में स्वर्ण भस्म का पूरा विवरण मिलता है, जिसके आधार पर भारत में स्वर्ण भस्म युक्त उत्पादों की हमेशा मांग भी रही है।
कैसे काम करता है गोल्ड नैनो पार्टिकल
यूरोप में हुई रिसर्च स्टडी में पाया गया कि स्वर्ण नैनो पार्टिकल वाले सौंदर्य उत्पाद से एपिडर्मल और फाइब्रोब्लास्ट कोशिकाओं को मजबूती मिलती है। जिससे त्वचा का रूखापन काफी हद तक खत्म हो जाता है और उसमें मॉइश्चर बरकरार रहता है । त्वचा की क्षतिग्रस्त कोशिकाएं फिर से स्वस्थ होने लगती हैं और कोलेजन प्रोटीन बनने की प्रक्रिया भी भी तेज होती है। इस प्रोटीन से त्वचा का लचीलापन बढ़ता है और यह झुर्रियां आने से भी रोकता है । हालांकि स्वर्ण भस्म से बने उत्पाद काफी महंगे होते हैं लेकिन इसका त्वचा पर तेजी से असर दिखाई देता है।