Friday, April 10, 2026
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यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में चयनित पंकज पांडे और शिवानी उपाध्याय पर उठे सवाल !

UP Police Bharti पुलिस भर्ती बोर्ड ने दी ये सफाई

by KhabarDesk
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UP Police Bharti :  उत्तर प्रदेश भर्ती बोर्ड ने होली के मौके पर सिपाही भर्ती परीक्षा देने वालों को त्यौहार पर बड़ा तोहफा दिया है। उत्तर प्रदेश पुलिस रिक्रूटमेंट एंड प्रमोशन बोर्ड ने दिनांक 13 मार्च 2025 को 60,244 सफल विद्यार्थियों की लिस्ट जारी की है। लेकिन यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा का परिणाम घोषित होते ही चयनित अभ्यर्थियों की लिस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चा भी हो रही है।

यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा परिणाम:

उत्तर प्रदेश भर्ती बोर्ड के सिपाही भर्ती परीक्षा का अंतिम परिणाम जारी होने के साथ पुलिस महकमे में  ट्रेनिंग की तैयारी शुरू कर दी गई है। उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती की मेरिट लिस्ट जारी होते ही सोशल मीडिया पर एक नई बहस भी छिड़ गई है। जिसमें चयनित अभ्यर्थियों के सरनेम को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ सवाल खड़े किए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ओबीसी कोटा में चयनित कुछ अभ्यर्थियों के सरनेम पर सवाल उठाए जा रहे हैं। जिसमे की खास तौर पर ‘पंकज पांडे’ और ‘शिवानी उपाध्याय’ नामक अभ्यर्थियों के ओबीसी कैटेगरी में चयन होने पर लोगों ने सवाल उठाए हैं।

UP Police Bharti रिजल्ट जारी होने के बाद से सोशल मीडिया पर कई तरह के भ्रामक पोस्ट सामने आने लगे। जिसमें अभ्यर्थियों के सरनेम पर कई तरह के सवाल खड़े किए जाने लगे हैं। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि ब्राह्मण सरनेम वाले अभ्यर्थियों का चयन ओबीसी के कोटे में किया गया है। इसी बीच रविवार को उत्तर प्रदेश पुलिस रिक्रूटमेंट एंड प्रमोशन बोर्ड ने सोशल मीडिया पर एक संदेश जारी कर अफवाहों पर स्पष्टीकरण दिया है।

यूपी पुलिस ने दिया आधिकारिक बयान :

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की तरफ से जारी बयान में  स्पष्ट किया गया है कि अभ्यर्थियों का चयन केवल उनके सरनेम के आधार पर नही किया जाता। बल्कि उनके जाति प्रमाण पत्र की सूक्ष्म जांच एवं अन्य दस्तावेजों का सत्यापन सक्षम अधिकारियों द्वारा करने के बाद किया जाता है। इस पूरी वैध प्रक्रिया के बाद ही सूची जारी की जाती है। बोर्ड का यह भी कहना है कि किसी भी अभ्यर्थी को उसके सरनेम या टाइटल के आधार पर सफल या असफल घोषित नहीं किया जा सकता। अभिलेखों की समीक्षा करने के लिए डीवी बोर्ड के जरिए उप जिलाधिकारी स्तर और पुलिस उपाध्यक्ष स्तर के अधिकारी मूल जाति प्रमाण पत्र का परीक्षण करते हैं। पूरी तरह से संतुष्ट होने के बाद ही अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया जाता है।

दोनो चयनित अभ्यर्थी ओबीसी वर्ग के अंतर्गत आते हैं:

शिवानी उपाध्याय और पंकज पांडे पर ओबीसी वर्ग में उनके चयन होने पर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने यह स्पष्ट किया है कि पंकज पांडे का जाति प्रमाण पत्र दर्शाता है कि वह ‘गोसाई’ जाति से हैं जो कि ओबीसी वर्ग के अंतर्गत आता है। वहीं अगर दूसरी तरफ शिवानी उपाध्याय की बात की जाए तो उनका प्रमाण पत्र ‘जोगी’ जाति को दर्शाता है। जो की ओबीसी वर्ग में सम्मिलित है। जिसके अनुसार दोनों अभ्यर्थियों का चयन पूरी तरह से वैध और प्रामाणिक दस्तावेजों के आधार पर किया गया है।

भ्रामक पोस्ट करने वाले पर कानूनी कार्यवाही की जायेगी:

यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड का कहना है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसलिए आम जनता से अनुरोध है कि बिना किसी प्रमाणिक आधार के किसी भी तरह की भ्रामक और आधी अधूरी जानकारी साझा ना करें। यह एक कानूनी अपराध माना जाएगा। यूपी पुलिस भर्ती  मामले को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा इसलिए भी हुई क्योंकि पंकज पांडे और शिवानी उपाध्याय ब्राह्मण सरनेम का इस्तेमाल करते हैं जबकि उनका असली सरनेम और जाति ओबीसी है।

बबीता आर्या

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