Rekha Gupta Delhi New CM : बीजेपी ने दिल्ली में सभी को चौंकाते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री का नाम घोषित कर दिया है। दिल्ली के शालीमार बाग से पहली बार विधायक चुनी गईं रेखा गुप्ता, दिल्ली की मुख्यमंत्री बन गई हैं। 20 फरवरी को दिल्ली के रामलीला मैदान में 50 वर्षीय रेखा गुप्ता ने दिल्ली की मुख्यमंत्री पद की शपथ ली । भाजपा नेतृत्व हमेशा मुख्यमंत्री के चुनाव को लेकर चौंकाता रहा है।
अधिकांश राज्यों में बीजेपी बिना मुख्यमंत्री उम्मीदवार का नाम उजागर किये ही चुनाव लड़ती आई है और अंतिम समय में ऐसे उम्मीदवार को मुख्यमंत्री के तौर पर चुना जाता है जिसकी उम्मीद बहुत कम या फिर ना के बराबर होती है। ऐसा हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान में बीजेपी के मुख्यमंत्री के चुनाव में पहले भी देखा जा चुका है। जहां बीजेपी ने तुलनात्मक रूप से गुमनाम से चेहरों को मुख्यमंत्री के पद पर सुशोभित कर दिया था। दिल्ली में भी कुछ ऐसा ही किया गया है। लेकिन यहां भाजपा ने तमाम समीकरणों को ध्यान में रखकर रेखा गुप्ता को दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाने की घोषणा की है।
रेखा गुप्ता दिल्ली की चौथी महिला मुख्यमंत्री (Rekha Gupta Delhi 4th Lady CM) तो होगी हीं इसके साथ ही वे वैश्य समाज से आती हैं। इससे पहले 10 वर्षों तक दिल्ली पर राज करने वाली आम आदमी पार्टी के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी वैश्य समाज का ही प्रतिनिधित्व करते थे। इसलिए बीजेपी ने यहां जातीय समीकरण को साधने के साथ-साथ आधी आबादी को भी खुश करने का प्रयास किया है। जाहिर सी बात है दिल्ली में चुनाव जीतने में महिला वोटरों का बहुत बड़ा योगदान रहता है। और आप पार्टी के लगातार पिछले दो चुनाव जिताने में भी महिला वोटरों का बहुत बड़ा योगदान था।
लेकिन इस बार महिला वोटों का झुकाव भाजपा की तरफ ज्यादा था और यही वजह है कि बीजेपी को भारी जीत मिली और अब बीजेपी एक तरह से महिलाओं के सम्मान में महिला मुख्यमंत्री दिल्ली को फिर से सौंप रही है। इससे पहले दिल्ली में बीजेपी की ओर से सुषमा स्वराज मुख्यमंत्री रह चुकी हैं।
कौन है रेखा गुप्ता (Who is Rekha Gupta, Delhi’s New CM)
रेखा गुप्ता पहली बार शालीमार बाग से चुनाव लड़कर विधायक बनी हैं। और पहली बार ही विधायक बनने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया गया है। कुछ ऐसा ही राजस्थान में भी देखने को मिला था, जहां भजनलाल शर्मा को पहली बार सांगानेर से विधानसभा चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री घोषित किया गया था।
छात्र राजनीति से की शुरुआत
रेखा गुप्ता (Rekha Gupta Delhi New CM) ने दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है। दौलत राम कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही वे छात्र राजनीति से जुड़ गई थी और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से उन्होंने DUSU का चुनाव भी लड़ा। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में अध्यक्ष और महासचिव पद का चुनाव भी जीता। रेखा गुप्ता ने छात्र राजनीति के बाद 2007 से बीजेपी में अपनी सक्रिय राजनीति की शुरुआत की । वह तीन बार निगम पार्षद रहीं। रेखा गुप्ता साउथ दिल्ली से मेयर भी रह चुकी हैं। रेखा गुप्ता ने दिल्ली के शालीमार विधानसभा से अपनी प्रतिद्वंद्वी आप पार्टी की वंदना कुमारी को 30,000 वोटो से हराया है।
इससे पहले 2015 में भी उन्होंने शालीमार बाग से विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन उस वक्त वह वंदना कुमारी से लगभग 11, 000 वोटो से हार गई थीं। रेखा गुप्ता मूल रूप से हरियाणा के जींद की रहने वाली हैं। उनका जन्म वैश्य परिवार में हुआ था। उनके पिता एसबीआई बैंक में कार्यरत थे और दिल्ली में स्थानांतरण होने की वजह से उनका परिवार हरियाणा से दिल्ली में आकर रहने लगा। रेखा गुप्ता का विवाह कारोबारी मनीष गुप्ता के साथ हुआ है। रेखा गुप्ता की दो संतान हैं। एक पुत्र व एक पुत्री । उनकी बेटी ऑस्ट्रेलिया में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही है। जबकि बेटा इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है।
(Rekha Gupta Delhi New CM) रेखा गुप्ता का RSS से है पुराना नाता
विधायक बनने से पहले रेखा गुप्ता बीजेपी में संगठन के स्तर पर भी अहम जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। वह बीजेपी महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं और दिल्ली बीजेपी की महासचिव भी रह चुकी हैं। रेखा गुप्ता ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दौलत राम कॉलेज से पढ़ाई की है। उन्होंने एम ए और एमबीए के साथ वकालत की पढ़ाई भी की है। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भी सक्रिय सदस्य रही हैं और संघ के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती रही है। कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री के रूप वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भी पहली पसंद थीं।