Women Health : कुछ मात्रा में हल्का तनाव हमारी सेहत के लिए मददगार साबित होता है। यह हमें ऊर्जावान और सतर्क रखता है। लेकिन दीर्घकालिक तनाव हमारी सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है ,और हमें स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं दे सकता है। महिलाओं में पुरुषों की अपेक्षा तनाव ज्यादा देखने को मिलता है। जिसकी वजह से उन्हें कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जैसे सर दर्द, पेट खराब होना ,वजन बढ़ जाना ,हारमोंस असंतुलित होना, हृदय से संबंधित समस्याओं का सामना करना आदि। हाल ही में किए गए एक अध्ययन में यह दावा किया गया है कि महिलाओं में लंबे समय का तनाव उन्हें आघात का खतरा दे सकता है।
महिलाएं ज्यादा होती हैं तनाव का शिकार :
आज के बदलते युग में महिलाओं को उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। एक महिला के लिए उसका मानसिक तौर पर स्वस्थ होना उसके जीवन का एक अहम हिस्सा होता है। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में महिलाएं घर और ऑफिस की जिम्मेदारियां निपटाते हुए खुद पर ध्यान देना भूल जाती हैं। जिसकी वजह से वह तनाव चिंता अवसाद जैसी मानसिक समस्याओं का शिकार हो सकती है। लेकिन अगर छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखा जाए तो महिलाएं अपने मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बना सकती हैं और तनाव मुक्त जीवन जी सकती हैं।
महिलाओं के तनाव में रहने के कई कारण हैं:
एक नए शोध के अनुसार पता चला है कि महिलाओं में पुरुषों की अपेक्षा तनाव की वजह से होने वाले आघात का खतरा अधिक होता है। इसकी वजह है महिलाओं का मस्तिष्क पुरुषों की तुलना में अधिक सोचने की प्रवृत्ति रखता है। इसकी वजह से महिलाएं मानसिक समस्याओं की चपेट में जल्दी आ जाती हैं। इसके पीछे एक बड़ा सामाजिक और सांस्कृतिक कारण भी शामिल है। महिलाएं अक्सर दूसरों का ध्यान रखते समय अपना ध्यान देना भूल जाती हैं। माता-पिता बनना ,परिवार की देखभाल करना, गर्भावस्था का समय ,राजोनिवृत्ति जैसे बड़े जीवन परिवर्तन महिलाओं में कई तरह के शारीरिक और मानसिक परिवर्तन लाते हैं। जीवन की ऐसी कई तनावपूर्ण घटनाएं हैं जो महिलाओं में अवसाद के जोखिम को बढ़ाती हैं। भारत में हर दो महिला में से एक महिला किसी न किसी वजह से तनाव का शिकार हो जाती है। बहुत सी महिलाएं आर्थिक कारणों और अपने करियर को लेकर तनाव में रहती है। लम्बे समय तक तनाव में रहने से महिलाओं में अवसाद,चिंता,घबराहट,जैसे लक्षण उत्पन्न होने लगते हैं ।
एक शोध रिपोर्ट के मुताबिक दीर्घकालिक तनाव से युवा महिलाओें में स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। 18 से 49 वर्ष की महिलाओं में मध्यम तनाव से स्ट्रोक का खतरा 78% बढ़ जाता है। जबकि पुरुषों में तनाव और स्ट्रोक के बीच कोई सीधा संबंध नहीं पाया गया है ।
कैसे रखें अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल
महिलाएं अपने तनाव से निपटने के लिये स्वयं की देखभाल कर सकती हैं। तनाव प्रबंधन के लिये जरूरत पड़ने पर डॉक्टरी परामर्श लेना चाहिए। यदि आप तनाव का अनुभव करती हैं, तो डॉक्टर आपको मानसिक स्वास्थ्य संबंधित परामर्श दे सकता है। आपके उपचार में आपकी मदद कर सकता है।
फिजिकल फिटनेस:
महिलाओं को अपनी फिजिकल फिटनेस पर ध्यान देना चाहिये। इसके लिये रोजाना योग,ध्यान,आरामदायक संगीत सुनने की आदत डालें। पर्याप्त मात्रा में नींद ले। गहरी सांस लेना और स्ट्रेचिंग करने से मन को शांत रखने में मदद मिलती है ।
संतुलित भोजन लेना :
अपने रोजाना के भोजन में संतुलित और पौष्टिक आहार लें।अपने खाने में खूब सारी फल और सब्जियां शामिल करें। डिब्बाबंद प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ आपकी सेहत को नुकसान पहुचाते हैं। अपने शरीर में पानी की मात्रा को बढ़ायें। चाय कॉफी और चीनी का सेवन कम से कम करें।
सकारत्मक दृष्टिकोण :
अपने आप पर पूरा विश्वास रखें और अपनी सोच को सकारात्मक बनाएं।अपनी जरूरतों को समझें और अपने लिये समय निकालें। कभी परिवार के साथ बाहर घूमने भी जायें।
बबीता आर्या