Britannia Taratala Factory : भारत में शायद ही ऐसा कोई घर हो जहां ब्रिटानिया बिस्किट ना आता हो। ब्रिटानिया बरसों से लोगों की पसंद बना हुआ है। इसके ब्रिटानिया मैरी, गुड डे और ट्रीट जैसे बिस्किट लोगों को खूब पसंद आते हैं। कंपनी भी लंबे समय से अच्छा कारोबार कर रही है और मुनाफे में है। लेकिन कंपनी को लेकर कोलकाता से एक हैरत भरी खबर आई है। ब्रिटानिया कंपनी ने कोलकाता में अपनी सबसे पुरानी और ऐतिहासिक फैक्ट्री को बंद कर दिया है।
ब्रिटानिया ने बंद की कोलकाता की तारातला फैक्ट्री
तारातला फैक्टरी, ब्रिटानिया की सबसे पुरानी बिस्कुट मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री है। यह फैक्ट्री कोलकाता के तारातला में 1947 में स्थापित की गई थी। इस फैक्ट्री में हर साल 2500 टन से भी ज्यादा बिस्किट व स्नैक्स का उत्पादन होता था।
क्यों हुआ फैक्ट्री बंद करने का फैसला
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सीटू नेता के हवाले से यह दावा किया गया था की फैक्ट्री में काफी दिन पहले ही उत्पादन बंद हो गया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक फैक्ट्री के पुराने होने की वजह से इसमें उत्पादन अब आर्थिक रूप से व्यावहारिक नहीं रह गया था।
122 कर्मचारियों ने लिया वीआरएस
आपको बता दें इस फैक्ट्री में 122 स्थाई कर्मचारी काम करते थे । कंपनी के मुताबिक इन सभी कर्मचारियों ने वीआरएस स्वीकार कर लिया है। कंपनी में 250 से ज्यादा अस्थाई कर्मचारी भी हैं। ब्रिटानिया ने अपने कर्मचारियों को फैक्ट्री बंद करने की एवज में अच्छा खासा मुआवजा देने की भी घोषणा की है। रिपोर्ट्स की माने तो ऐसे कर्मचारी जिनकी नौकरी में 5 साल और 11 महीने बचे हैं उन्हें कंपनी 13 लाख रुपए देगी । जिन कर्मचारियों की 6 से 10 साल तक की अवधि बाकी है उन्हें कंपनी 18.5 लाख रुपए देगी और 10 साल से ज्यादा अवधि शेष होने वाले कर्मचारियों को 22.5 लाख रुपए दिए जाएंगे।
पश्चिम बंगाल में पहले की तरह काम करेगा ब्रिटानिया
इस बीच पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से यह बयान भी आया है कि फैक्ट्री बंद करना कंपनी का आंतरिक मामला है। इसे रोजगार की चिंता से जोड़कर नहीं देखना चाहिए।
कंपनी पश्चिम बंगाल में बंद नहीं करेगी अपना कारोबार
सरकार का कहना है कि ब्रिटानिया कंपनी पूर्व की तरह ही कोलकाता में काम करती रहेगी। कंपनी पश्चिम बंगाल छोड़कर नहीं जा रही है। पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य वित्तीय सलाहकार अमित मित्रा ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि कंपनी के प्रबंधकों से बात हुई है और कंपनी ने पश्चिम बंगाल में काम करते रहने की बात कही है । कंपनी का रजिस्टर्ड ऑफिस भी कोलकाता में ही रहेगा और कंपनी के शेयरधारकों की मीटिंग भी पहले की तरह कोलकाता में ही होती रहेगी। प्रबंधको ने यह भी कहा है की फैक्ट्री बंद होने से कंपनी के बिजनेस ऑपरेशन पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। आपको बता दें लगभग सात दशक पहले कंपनी को बिस्किट बनाने के लिए फैक्ट्री की जमीन तत्कालीन कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट जो अब श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट ट्रस्ट है ने पट्टे पर दी थी।