Victoria Memorial: अगर आप ऐतिहासिक जगह को देखने का शौक रखते हैं तो कोलकाता का विक्टोरिया मेमोरियल आपको जरुर देखना चाहिए। यह ऐतिहासिक इमारत 100 साल बाद भी पर्यटकों के लिए कोलकाता की सबसे पसंदीदा जगह है। कलकत्ता यानी आज का कोलकाता भारत में अंग्रेजों की पहली राजधानी थी। अंग्रेजी सत्ता ने उस वक्त ब्रिटिश साम्राज्य की तत्कालीन साम्राज्ञी, महारानी विक्टोरिया के सम्मान में इस इमारत का निर्माण करवाया था।
Victoria Memorial के निर्माण में लगे थे 15 साल
विक्टोरिया मेमोरियल को बनने में 15 साल का समय लगा था। इसका निर्माण 1906 में शुरू किया गया और 1921 में पूरा हुआ। विक्टोरिया मेमोरियल शहर के बीचो-बीच स्थित है और इसके आसपास 64 एकड़ में खूबसूरत बगीचों का निर्माण किया गया है। परिसर में कदम रखते ही ब्रिटिश राजशाही के सदस्यों की भव्य मूर्तियां आपको उस कालखंड में होने का एहसास कराती है।
इमारत की वास्तुकला में मुगल शैली के गुंबदों के साथ सारसेनिक और पुनर्जागरण काल की शैलियों का प्रभाव दिखता है। विक्टोरिया मेमोरियल को वास्तुकार, विलियम इमर्सन ने डिजाइन किया था। मुख्य इमारत का निर्माण सफेद मकराना के संगमरमर से किया गया है। हालांकि समय के साथ इसकी चमक में अंतर आया है। विक्टोरिया मेमोरियल के गुंबद के ऊपर एंजेल ऑफ विक्ट्री की मूर्ति लगाई गई है जो इस इमारत को एक जीवंत रूप देती है।
Victoria Memorial का संग्रहालय
इस इमारत के अंदर एक शानदार संग्रहालय है जो देखने लायक है। यहां रानी के पियानो, ब्रिटिश कालीन तोपें, हथियार समेत 3000 से अधिक वस्तुएं प्रदर्शित की गई है। 2022 में विप्लव भारत गैलरी इस संग्रहालय में जोड़ी गई। आधुनिक समय में बदलाव और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को स्थान देने के लिए 23 मार्च 2022 को शहीद दिवस के मौके पर विक्टोरिया मेमोरियल में नई गैलरी का अनावरण किया गया। इसे बिप्लोबी भारत गैलरी का नाम दिया गया।
गैलरी 1947 तक भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की दृष्टि से महत्वपूर्ण घटनाओं और उल्लेखनीय स्वतंत्रता सेनानियों की महत्वपूर्ण भूमिका और क्रांतिकारियों के बलिदान को उजागर करती है। गैलरी में प्रदर्शित ऐतिहासिक धरोहर से पता चलता है कि किस प्रकार क्रांतिकारी आंदोलनकारी नेताओं ने उपनिवेशवाद के खिलाफ सशक्त विद्रोह किया था। यहां भारतीय राष्ट्रीय सेवा के गठन और नौसेना के विद्रोह के योगदान को भी प्रदर्शित किया गया है।
शाम के समय Victoria Memorial का अद्भुत नजारा
अगर आप भी विक्टोरिया मेमोरियल घूमने की योजना बना रहे हैं तो शाम के वक्त यहां आयोजित होने वाले लाइट एंड साउंड शो कार्यक्रम को जरूर देखें। शाम के वक्त विक्टोरिया मेमोरियल की इमारत रंग बिरंगी रोशनी से नहा उठती है। यह नजारा देखने लायक होता है। यहां हर शाम लाइट एंड शो का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, जहां कोलकाता के इतिहास की चर्चित विभूतियों और ऐतिहासिक घटनाओं की रोचक जानकारी दी जाती है । आधे घंटे का यह शो आपको कोलकाता का नया परिचय देता है।
जब गोबर से लेप दिया गया था इमारत को
क्या आप जानते हैं द्वितीय विश्व युद्ध में दुश्मनों की बमबारी से बचने के लिए विक्टोरिया मेमोरियल की इमारत को गोबर से लेप दिया गया था, ताकि दुश्मन के हवाई हमले से इसे बचाया जा सके। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापानी वायु सेना के हमले से बचने के लिए इस पूरी इमारत को गोबर से लेप दिया गया था। 1943 में जापानी वायु सेना ने कोलकाता पर भी बमबारी शुरू कर दी थी। उस समय हवाई हमले रात में किए जाते थे। ज्यादातर लोगों ने अपने घरों की खिड़कियों पर काले कागज लगा दिए थे ताकि वह दिखाई ना दे। 184 फुट उंची विक्टोरिया मेमोरियल की इमारत चमचमाती सफेद संगमरमर से बनी है। उसे बचाने के लिए तब ब्रिटिश सरकार ने मिट्टी और गोबर के मिश्रण की मदद से इमारत को काले रंग में रंग दिया था ताकि इस भव्य इमारत को जापानी सेना के हवाई हमले से बचाया जा सके।
घूमने का समय
कोलकाता घूमने के लिए नवंबर से फरवरी तक का समय अनुकूल रहता है ।
विक्टोरिया मेमोरियल का टिकट
विक्टोरिया मेमोरियल घूमने के लिए आपको 50 रुपए का टिकट लेना होगा। विदेशी सैलानियों के लिए इसकी कीमत 500 रुपये है। विक्टोरिया मेमोरियल सुबह 10:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक खुला रहता है। सोमवार और सरकारी छुट्टी के दिन यह बंद रहता है। शाम को लाइट एंड साउंड शो देखने के लिए आपको 100 रुपए का टिकट अलग से लेना होगा।