Mahakumbh 2025: अमरनाथ झा/प्रयागराज।आस्था कैसे अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाती है, प्रयागराज इसका उदाहरण बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कैसे महाकुंभ 2025 अब तक के सभी कुम्भ पर्वों से अधिक दिव्य और भव्य होगा। इस महाकुंभ में आस्था और आधुनिकता का समागम होगा। यह समागम प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में कैसे खुशहाली ला सकता है, इसका उदाहरण भी बनेगा। उन्होंने कहा कि लाखों लोग इस महासमागम और व्यवस्था के साथ जुड़े हुए हैं। ये प्रयागराज के साथ-साथ पूरे देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करेगा।
महाकुंभ से प्रदेश की अर्थव्यवस्था में 2 लाख करोड़ रुपए की होगी वृद्धि-योगी आदित्यनाथ
अकेले प्रयागराज महाकुंभ से अर्थव्यवस्था में 2 लाख करोड़ रुपए का ग्रोथ होने का अनुमान है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए गुरुवार को मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकुंभ सांस्कृतिक एकता का ऐसा महायज्ञ है जो पूर्व से पश्चिम तथा उत्तर से दक्षिण न केवल भारतवर्ष को अपितु सम्पूर्ण विश्व को एक नीड़ (घोंसले) में लाकर स्थापित कर देता है। महाकुंभ नगर में डिजिटल मीडिया सेंटर का लोकार्पण करने के बाद उन्होंने कहा कि 2017 से पहले की सरकारों ने आस्था का सम्मान नहीं किया। हमने आस्था का सम्मान किया और आस्था कैसे अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाती है, प्रयागराज इसका उदाहरण बनने जा रहा है।
महाकुंभ में मीडिया के लिए बना आधुनिक सेंटर
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पत्रकार बंधुओं की आवश्यकता और अपेक्षाओं का ध्यान रखते हुए सूचना विभाग द्वारा यह सर्वसुविधायुक्त मीडिया सेंटर तैयार किया गया है। खबरें फाइल करनी हों या इंटरव्यू और पॉडकास्ट, एडिटिंग हो या संदर्भ ग्रंथों की आवश्यकता, आप सभी की हर जरूरत को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। 2019 कुंभ को आपने आस्था के अद्भुत संगम के रूप में देश और दुनिया के सामने प्रस्तुत किया था। परिणाम था कि यूनेस्को ने प्रयागराज कुंभ को मानवता की अमूर्त विरासत की मान्यता प्रदान की। इस बार भी विश्व मानता के कल्याण का मार्ग यहां से प्रशस्त हो, इसके लिए यह मीडिया सेंटर आपको समर्पित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 12 वर्ष के बाद महाकुंभ का आयोजन हो रहा है। उसमें भी 144 वर्ष का वह शुभ मुूहूर्त आया जो सचमुच आज की पीढ़ी के लिए सौभाग्य की बात है। यह उनके लिए भी गौरव का क्षण है जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस आयोजन से जुड़े हैं।
महाकुंभ में स्थापित हुए 13 अखाड़े
उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र में 13 अखाड़े स्थापित हो चुके हैं। दंडीबाड़ा, खाकचैक, आचार्यबाड़ा ये सभी व्यवस्थित रूप से यहां संचालित हो रहे हैं। प्रयागवाल भी अपनी व्यवसव्था को आगे बढ़ा रहा है। इस दौरान 25 से 30 लाख कल्पवासी भी अगले एक महीने तक प्रयागराज में रहेंगे। वे भी यहां एक-दो दिन में पर्याप्त मात्रा में प्रवेश कर जाएंगे। सीएम ने कहा कि इस बार 6 प्रमुख स्नान में तीन परंपरागत रूप से शाही स्नान थे, जिन्हें पूज्य संतों ने अमृत स्नान के रूप में मान्यता दी है। मौनी अमावस्या के दिन अनुमान है कि 8 से 10 करोड़ श्रद्धालु प्रयागराज आएंगे। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह, डीजीपी प्रशांत कुमार आदि अधिकारीगण उपस्थित रहे।
सौजन्य गंगाधर न्यूज़