Weight Loss after 50 : बढ़ता हुआ वजन किसी भी उम्र में नुकसानदेह ही होता है। मोटापा लाइफस्टाइल डिजीज की वजह तो बनता ही है, व्यक्ति के आत्मविश्वास को भी कमजोर कर सकता है। वेट लॉस के लिए अक्सर लोग कई तरीके अपनाते हैं। क्रैश डाइट, इंटरमिटेंट फास्टिंग (Intermittent Fasting) Intense एक्सरसाइज, कीटो डाइट (Keto Diet) और भी बहुत कुछ। वेट लॉस के लिए उपाय तो बहुत हैं, पर उम्र बढ़ने के साथ यह ऑप्शंस भी काफी सीमित हो जाते हैं। क्योंकि बढ़ती उम्र में मोटापा घटाना इतना आसान नहीं रहता, जितना की 20 और 30 की उम्र में होता है। जिस तेजी से इस उम्र में वजन घटाया जा सकता है, वह प्रक्रिया 45 की उम्र के बाद काफी स्लो हो जाती है। खासकर महिलाओं के लिए 50 की उम्र के बाद वजन घटाना काफी चुनौती पूर्ण होता है। क्योंकि शरीर स्लो मेटाबॉलिज्म और मेनोपॉज जैसी स्वाभाविक प्रक्रियाओं के दौर से गुजर रहा होता है। यदि आप भी 50 या उससे अधिक उम्र के हैं, तो वजन घटाते समय आपको काफी पेशेंस और सावधानी बरतने की जरूरत है।
Weight Loss after 50 की जर्नी को बनाएं आसान
अच्छे स्वास्थ्य के लिए किसी भी उम्र में हेल्दी वेट मेंटेन करना बहुत जरूरी होता है। लेकिन बढ़ती उम्र के साथ इसमें काफी चैलेंज आ जाते हैं। इस लेख के जरिए हम बढ़ती उम्र में वेट मैनेजमेंट के सही तरीकों पर चर्चा करेंगे, जहां हम केवल वेट लॉस ही नहीं वेट मेंटेन करने के उपाय भी बताएंगे।
क्यों मुश्किल होता है 50 की उम्र के बाद वेट लॉस Weight Loss after 50
अक्सर कहा जाता है जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है हमारा मेटाबॉलिज्म स्लो होता चला जाता है। इसका मतलब है, जैसे-जैसे हमारे शरीर की उम्र बढ़ती है, हम जो खाते हैं, यानी energy intake और जो ऊर्जा हम खर्च करते हैं यानी energy use इसके बीच संतुलन बदल जाता है। बढ़ती उम्र के साथ एनर्जी खर्च होने की रफ्तार घट जाती है, जिसमें एनर्जी अनावश्यक रूप में शरीर में स्टोर होने लगती है। इस असंतुलन से शरीर में फैट बढ़ने लगता है और मसल मास (muscle mass) कम होने लगता है। देखा गया है कि 45 या उससे अधिक आयु के लोगों में ओवरवेट होने की समस्या अधिक पाई जाती है।
मिडल एज में वजन आसानी से बढ़ने का एक बड़ा कारण शरीर में मांसपेशियों का कम होना है। कम मांसपेशियों के कारण शरीर को कम ऊर्जा की आवश्यकता होती है, ऐसे में भोजन से मिली ऊर्जा पूरी तरह इस्तेमाल नहीं होती और शरीर पर वसा के रूप में जमा होने लगती है। हालांकि, वजन बढ़ने के और भी कई कारण हैं, जिनमें लाइफस्टाइल, जेनेटिक कारण, गंभीर बीमारिया, कुछ खास दवाइयां और गलत eating pattern भी शामिल है। बढ़ते वजन के कारणों को समझ कर सही तरीके से वेट लॉस किया जाए तो इसमें काफी हद तक सफलता पाई जा सकती है। यहां हम आपको आफ्टर 50 वेट लॉस के कुछ टिप्स बता रहे हैं, जिन्हें आप भी फॉलो कर सकते हैं।
भरपूर नींद : उम्र बढ़ने के साथ स्लीप पैटर्न में भी बदलाव आता है। पहले की तरह बिस्तर पर लेटते ही नींद नहीं आती और उतनी साउंड स्लीप भी नहीं होती। रात में कई बार नींद टूटती है। उम्र बढने के साथ स्लीपिंग पैटर्न में यह बदलाव अक्सर देखा गया है। इस कम नींद या (poor quality of sleep) का वेट गेन से गहरा ताल्लुक है। जी हां जब नींद पूरी नहीं होती या खराब नींद से जूझना पड़ता है तो इससे पाचन क्रिया, (digestion) मेटाबॉलिज्म, मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है। जिससे पूरी कोशिश के बावजूद वेट लॉस के परिणाम नजर नहीं आते। जबकि देखा गया है कि जिन लोगों की नींद बेहतर होती है उन्हें वेट लॉस के लिए किए जा रहे प्रयासों के परिणाम भी बेहतर मिलते हैं। अगर आप भी नींद ना आने की समस्या से जूझ रहे हैं तो इसके लिए सबसे पहले आपको अपनी दिनचर्या नियमित करना बेहद जरूरी है। सोने से पहले हल्का भोजन करें, सोने से कम से कम 3 घंटे पहले भोजन कर लें, जल्दी सोने की आदत डालें और सोने से पहले मोबाइल या किसी भी स्क्रीन का इस्तेमाल न करें। इन बदलावों से आपकी नींद बेहतर होगी और आपको वेट लॉस का रिजल्ट भी दिखने लगेगा।
पानी पिएं भरपूर : पानी पीना वैसे भी सेहत के लिए अच्छा होता है। बॉडी को हाइड्रेट रखने से कई समस्याओं से बचा जा सकता है। सही मात्रा में पानी पीने से खाने के न्यूट्रिएंट्स शरीर में अच्छी तरह ऑब्जर्व होते हैं। इसे रक्तचाप भी मेंटेन रहता है। खाने से पहले पानी पीने से व्यक्ति जरूरत से ज्यादा नहीं खाता और portion कंट्रोल रहता है। मीठी चाय, सोडा, कॉफी जैसे पेय पदार्थ की जगह प्लेन पानी पीने से बहुत से कैलोरी इंटेक से बचा जा सकता है, जिससे आप बेहतर तरीके से वेट लॉस और वेट मेंटेन कर सकते हैं। हालांकि बिना चीनी की चाय या कॉफी पीने में कोई हानि नहीं है। आप पानी पीना भूलें नहीं, इसके लिए आप अपने साथ हमेशा पानी की बोतल रखें जिससे आप नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें।
अपनी डाइट पर रखे नजर: हेल्दी वेट मैनेजमेंट के लिए हेल्दी डायट भी जरूरी है। अपनी मेडिकल कंडीशन के अनुरूप अपनी डाइट को प्लान करें। डाइट प्लान ऐसा हो जो सस्टेनेबल हो और आप उस पर हमेशा टिके रहें। अक्सर लोग वेट लॉस का लक्ष्य हासिल होने पर डाइट प्लान फॉलो करना छोड़ देते हैं, ऐसा करने पर वजन दोबारा वापस आ जाता है। इसलिए डाइट प्लान जो भी हो वह sustainable हो और उस पर टिके रहें।
डाइट में ध्यान रखने योग्य बातें
- आप दिन भर में कितनी कैलोरी लेते हैं।
- आपकी डाइट में प्रोटीन की मात्रा समुचित हो
- आप कितने फ्रूट और वेजिटेबल खाते हैं।
- कितने समय के अंतराल पर भोजन करते हैं।
भोजन में प्रोटीन की मात्रा सही होने पर ब्लड शुगर भी कंट्रोल रहती है। जल्दी-जल्दी भूख नहीं लगती और muscle mass भी मेंटेन रहता है। बढती उम्र के साथ मसल मास के लिए ज्यादा प्रोटीन की आवश्यकता होती है। इसलिए अपने भोजन में अंडे, मछली, चिकन,टोफू, नट्स, सीड्स, मटर, बींस और दालें शामिल करें ।
मेंटल हेल्थ का रखें ख्याल : आप सोचेंगे मेंटल हेल्थ का वेट लॉस के साथ क्या ताल्लुक, तो जान लीजिए बहुत गहरा ताल्लुक है। दोनों ही एक दूसरे के पूरक है। यानी डिप्रेशन जैसी मानसिक परेशानियां वेट गेन का भी कारण बनती है, और ज्यादा वजन होने के कारण मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित हो सकता है। कई बार ज्यादा वजन के कारण आत्मविश्वास भी कमजोर होता है और लोगों के गलत नजरिये और व्यवहार के कारण भी मोटे लोग सोशल आइसोलेशन का शिकार होने लगते हैं। जो उनके मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है। आपकी वेट लॉस जर्नी Weight Loss after 50 में फिजिकल हेल्थ के साथ मेंटल हेल्थ भी बेहद जरूरी है। यह देखा गया है कि बेहतर मेंटल हेल्थ वाले लोग वेट लॉस को अच्छी तरह मेंटेन कर पाते हैं। इसलिए मेंटल हेल्थ का खास ख्याल रखिए। कोई दिक्कत होने पर विशेषज्ञ की मदद लेने में हिचकिचाएं नहीं। ऐसी एक्टिविटीज को अपनी जिंदगी में शामिल कीजिए जिससे आपको खुशी मिलती हो। किसी भी कम्युनिटी का हिस्सा बनिए और मेंटल हेल्थ पर फोकस कीजिए।
बैठे रहने की आदत से पाएं छुटकारा
वेट लॉस इस सिद्धांत पर काफी कुछ निर्भर करता है, जहां आपको कैलोरीज इनटेक को कम करना होता है और कैलोरी बर्नआउट ज्यादा करना होता है। इसके लिए आप ज्यादा समय एक जगह पर बैठे ना रहें। अपनी फिजिकल एक्टिविटी बढाएं। जितना हो सके मूवमेंट में रहे। जैसे लिफ्ट की जगह सीढी का इस्तेमाल करें, आउटडोर एक्टिविटीज में हिस्सा ले इससे आपका metabolism बढ़ेगा और आप अपने वेट लॉस के गोल भी हासिल कर पाएंगे। आप साइकिलिंग कर सकते हैं, वॉकिंग करें, कुछ काम आप खड़े रहकर भी करें। घर के काम करें, बागवानी करें, डांसिंग कर सकते हैं। अपने pet को टहलाएं। यानी अधिक से अधिक समय शरीर को मूवमेंट में रखें। इसमें आपको कोई हेवी एक्सरसाइ नहीं करनी है,पर यह एक्टिविटीज आपको वेट लॉस में काफी मदद करेंगी।
Weight Loss after 50 जर्नी में हल्के फुल्के व्यायाम जरूर करें, जिसमें 30 मिनट की वॉक, मसल्स स्ट्रैंथनिंग के लिए एक्सरसाइज शामिल है। आप अपनी पसंद की कोई भी फिजिकल एक्टिविटी चुन सकते हैं जिसमें वॉकिंग, डांसिंग, एरोबिक्स या साइकिलिंग हो सकती है। रोज की फिजिकल एक्टिविटी को चेक करने के लिए आप स्मार्ट वॉच या फिटनेस ट्रैकर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। फिजिकल एक्टिविटी आप जरूर करें लेकिन भारी एक्सरसाइज से इस उम्र में बचें क्योंकि बढती उम्र में ज्यादा intense एक्सरसाइज से किसी किस्म की इंजरी या चोट लगने का भी खतरा रहता है। इसके साथ ही आप किसी भी तरह की strict डाइट को फॉलो करने से भी बचें। इससे भी आपके स्वास्थ्य पर बुरा असर हो सकता है। साथ ही अपनी मेडिकल कंडीशन के अनुरूप ही एक्सरसाइज और डाइट प्लान बनायें।
Disclaimer: यह लेख आपकी जानकारी के लिए है। अपनी जीवन शैली या खानपान या किसी भी बदलाव से पहले अपने चिकित्सक से सलाह जरूर लें।