Noida : राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान, नोएडा में दो दिवसीय शैक्षिक परामर्श समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें “चारदीवारी के बाहर शिक्षा: एनईपी 2020 के परिप्रेक्ष्य में मुक्त विद्यालयी शिक्षा का भविष्य” पर राष्ट्रीय शैक्षणिक परामर्श हुआ। समारोह का आयोजन 11–12 जून 2025 को एनआईओएस मुख्यालय, नोएडा एवं एनआईओएस के दिल्ली क्षेत्रीय केंद्र में किया गया। इस समारोह का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप ओपन स्कूलिंग को अधिक प्रभावी, समावेशी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना था। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि श्री संजय कुमार, सचिव, विद्यालयी शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के एनआईओएस मुख्यालय आगमन के साथ हुई। एनआईओएस के अध्यक्ष प्रोफेसर पंकज अरोड़ा, सचिव संजय कुमार एवं अन्य अतिथियों ने पर्यावरणीय अभियान “एक पेड़ माँ के नाम 2.0” के तहत पौधारोपण किया, जिससे मातृत्व को सम्मान देने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। तत्पश्चात “विद्या समीक्षा केंद्र” का उद्घाटन हुआ, जो कि एनआईओएस में डेटा-आधारित शैक्षणिक निर्णय, वास्तविक समय निगरानी, और शिक्षार्थियों के प्रदर्शन विश्लेषण हेतु एक उन्नत मंच है।
चारदीवारी के बाहर शिक्षा: एनईपी 2020 के परिप्रेक्ष्य में मुक्त विद्यालयी शिक्षा का भविष्य”
एनआईओएस के दिल्ली क्षेत्रीय केंद्र के कल्याण सिंह सभागार में शैक्षिक परामर्श समारोह का औपचारिक उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन, सरस्वती वंदना, एनआईओएस गीत और डॉक्यूमेंट्री फिल्म के प्रदर्शन के साथ हुई। अध्यक्ष प्रोफेसर पंकज अरोड़ा ने अपने स्वागत भाषण में एनईपी 2020 के परिप्रेक्ष्य में मुक्त विद्यालय की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला और इसे लचीली, समावेशी और शिक्षार्थी-केंद्रित शिक्षा प्रणाली बताया। इग्नू की कुलपति प्रो. उमा कंजीलाल ने ओपन लर्निंग और जीवन पर्यंत शिक्षा की भूमिका पर चर्चा की और मुक्त विद्यालयी शिक्षा में प्रशिक्षण और एआई के नवाचार को अपनाने पर जोर दिया। मुख्य अतिथि श्री संजय कुमार ने एनआईओएस को मुक्त विद्यालय का राष्ट्रीय मॉडल बताते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डेटा एनालिटिक्स के प्रभावी प्रयोग पर बल दिया। उन्होंने मुक्त विद्यालयी शिक्षा में एनआईओएस के योगदान की सराहना की और वे बच्चे जो शिक्षा से दूर हो रहे हैं उन्हें एनआईओएस के माध्यम से शिक्षित करने पर जोर दिया।
मुख्य अतिथि श्री संजय कुमार ने “एक पेड़ माँ के नाम 2.0” अभियान के तहत पौधारोपण कर ‘विद्या समीक्षा केंद्र’ का किया उद्घाटन
निदेशक (शैक्षिक), डॉ. राजीव कुमार सिंह ने समारोह में उपस्थित सभी का धन्यवाद ज्ञापन दिया। समारोह के प्रथम दिवस के कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान, हाई टी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और रात्रिभोज के साथ हुआ।
शैक्षिक परामर्श समारोह का दूसरा दिन ओपन स्कूलिंग में तकनीक और नवाचार पर केंद्रित रहा। इसका आयोजन एनआईओएस मुख्यालय में किया गया जिसमें तीन तकनीकी सत्रों का आयोजन हुआ। पहला सत्र “ओपन स्कूलिंग में लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम हेतु तकनीक का उपयोग” विषय पर आधारित था जिसकी अध्यक्षता प्रो. वंदना सक्सेना ने की। सुश्री चंदीप मारवाह ने एआई-संचालित शिक्षण संसाधन केंद्रों की अवधारणा प्रस्तुत की। श्री सायेम महमूद ने पांच-आयामी दृष्टिकोण प्रस्तुत किया जिसमें डिजिटल सामग्री, मूल्यांकन उपकरण, गोपनीयता, और सहभागिता शामिल थे। डॉ. सेंथिल कुमारन ने प्रवेश से प्रमाणन तक एकीकृत एलएमएस मॉडल की व्याख्या की, जबकि श्री ऋषभ नाग ने वैयक्तिकृत अधिगम मार्गों पर प्रकाश डाला।
द्वितीय सत्र “ओपन लर्निंग सिस्टम्स में डिजिटल सामग्री निर्माण और वितरण” की अध्यक्षता प्रो. सुष्मिता लख्यानी की। प्रो. समीर सहस्रबुद्धे ने वीडियो, इन्फोग्राफिक्स आदि जैसे बहु-प्रारूप सामग्री निर्माण पर प्रकाश डाला। सुश्री अन्नपूर्णा अय्यप्पन ने एआर/वीआर आधारित अनुभवात्मक अधिगम की उपयोगिता पर चर्चा की। प्रो. प्रेमा नेडुंगड़ी ने समावेशी डिजाइन के सिद्धांत साझा किए।
तृतीय सत्र “ओपन एवं डिस्टेंस लर्निंग में वर्चुअल स्कूल” विषय पर आधारित था जिसकी अध्यक्षता प्रो. राजनी रंजन सिंह ने की। डॉ. विनी जौहरी ने वर्चुअल स्कूल की संरचना पर चर्चा की। डॉ. आरसी शर्मा ने डिजिटल शिक्षण विधियों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। श्री यशवंत राज पारसमल ने शिक्षार्थी सहयोग, निगरानी और सहभागिता पर विचार प्रस्तुत किए। यह दो दिवसीय परामर्श बैठक एनईपी 2020 के लक्ष्यों के अनुरूप, समावेशी, तकनीक-सक्षम और शिक्षार्थी-केंद्रित ओपन स्कूलिंग प्रणाली के निर्माण की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल सिद्ध हुई। समारोह में एनआईओएस के सचिव, सभी निदेशक, अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।