Personal Loan : लोगों के वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए बैंको और एन बी एफ सी (NBFC) संस्थानों द्वारा पर्सनल लोन मुहैय्या कराने के लिए फंड का इंतजाम काफी सुविधाजनक जरिया बन गया है। कोविड के बाद से आम लोगों के खर्च करने के तौर तरीकों में तेजी से बदलाव आया है। उपभोक्ता खरीददारी के भुगतान के लिए कैश की जगह अन्य माध्यमों को तरजीह दे रहे हैं, जिससे क्रेडिट कार्ड का चलन काफी बढ़ गया है। साथ ही लोन लेने वाले लोगों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
पर्सनल लोन ( Personal Loan) क्या है?
बैंक और एन एफ बीसी द्वारा ग्राहकों की निजी और इमर्जेंसी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए उनकी आमदनी और उधार चुकाने की क्षमता के आधार पर Personal Loan दिया जाता है। ऐसे लोन इनसिक्योरड लोन होते हैं। अमूमन इस तरह के लोन; मेडिकल इमर्जेंसी, छोटे व्यवसायों को बढ़ाने, घर के नवीनीकरण (renovation), शादी और यात्राओं पर आने वाले अतिरिक्त खर्च को पूरा करने के लिए दिए जाते हैं। चूंकी यह unsecured लोन होता है, इसलिए लोन लेने वाले को इसके बदले सिक्यूरिटी के तौर पर कोई एसेट्स बैंक के पास रखना नही पड़ता है।
बढ़ता क्रेडिट ग्रोथ ( Credit Growth)
पर्सनल लोन के संबंध में यह बात निकलकर आई है कि क्रेडिट ग्रोथ को बढ़ाने में सबसे बड़ी भूमिका (Role) क्रेडिट कार्ड और गोल्ड की है। बैंक लोन पर RBI इंडिया की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें कहा गया है कि जुलाई से पर्सनल लोन में 14.4 फ़ीसदी का इजाफा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक Personal Loan की रकम 55.3 लाख करोड़ पहुंच गई है। लोन की इस रकम में सबसे ज्यादा योगदान गोल्ड लोन और Credit Card लोन का है। रिपोर्ट के मुताबिक भुगतान के मामले में 39 फीसदी लोन गोल्ड पर लिया गया है। जो सबसे ज्यादा है। गोल्ड के बाद सबसे ज्यादा लोन क्रेडिट कार्ड पर लिया गया है जिसके जरिए 22% लोन लिया गया है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों पर बकाया लोन में भी तेजी रही है। बैंक लोन पर रिजर्व बैंक की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कृषि और इससे जुड़ी गतिविधियों पर बकाया लोन बढ़कर 18.5 फीसदी हो गया है, जिससे बकाया लोन की राशि 21.6 लाख करोड़ पहुंच गई है। आरबीआई की रिपोर्ट में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार ऐसे यूजर्स की संख्या में इजाफा हो रहा है जिनके पास क्रेडिट कार्ड का बकाया है, यानी, इन्होंने कार्ड पर लोन लिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि क्रेडिट कार्ड बकाया सालाना आधार पर 22 फ़ीसदी बढ़कर 2.8 करोड रुपए हो गया है। वहीं एसबीआई सिक्योरिटीज(SBI Securities) के तरफ से जारी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में Credit Card Holders ने इस साल जुलाई में क्रेडिट कार्ड से 1.7 लाख करोड रुपए खर्च किए हैं। यह रकम पिछले साल 2023 के इसी महीने के मुकाबले 19 फीसदी ज्यादा है। जुलाई में 8.1 4 लाख करोड रुपए का ट्रांसफर हुआ है जो जुलाई 2023 की तुलना में 39 फीसदी ज्यादा है।
NPCI का आंकड़ा
भुगतान यानी खर्च को लेकर नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन आफ इंडिया (NPCI) के आंकड़ों के मुताबिक यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) की रफ्तार अगस्त में भी जारी रही। सालाना आधार पर यूपीआई ट्रांजैक्शन में 41 फ़ीसदी का उछाल देखा गया, और यह 14.96 अरब ट्रांजैक्शन के नए रिकॉर्ड पर पहुंच गया है। बीते महीने अगस्त में कुल 20.6 1 लाख करोड़ का यू पी आई ट्रांजैक्शन किया गया, जो पिछले साल के मुकाबले 31 फ़ीसदी ज़्यादा है। पिछले महीने यानी अगस्त में रोजाना औसतन दैनिक लेन देन की रकम 48.3 मिलियन रही, जिसमें औसत रोज के ट्रांजैक्शन की रकम 66.75 करोड़ पर पहुंच गई है। इस तरह यूपीआई लेनदेन लगातार चार महीनों से 20 लाख करोड रुपए से ज्यादा है। हाल ही में मुंबई में आयोजित गलोबल फिनटेक फेस्ट में प्राइस वाटर हाउस कूपर इंडिया (PwC) की एक रिपोर्ट के हवाले से यह दावा किया गया था कि वित्तिय वर्ष 2028-29 तक डिजिटल लेनदेन तिगुना हो जाएगा।
आर बी आई (RBI) का रेगुलेशन
खर्च और पर्सनल लोन (Personal Loan) को लेकर आर बी आई ने कई तरह की चिंताएं जाहिर की है। RBI ने खराब कर्ज को लेकर छोटे पर्सनल लोन पर नजर रखने की जरूरत पर बल दिया है। इस संबंध में आर बी आई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने आतंरिक निगरानी तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया है, जिससे बाद में परेशानी में पड़ने की बजाय किसी भी संभावित जोखिम को पहले ही नियंत्रित किया जा सके।