Pradhan Mantri Janjatiya Unnat Gram Abhiyan: भारत में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। कई आदिवासी और जनजातीय इलाके ऐसे हैं जहां की सुंदरता अभी भी अनदेखी और अनछुई है। इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य विकास के अभाव में संभावना होने के बावजूद ये इलाके पर्यटन के लिहाज से विकसित नहीं हो पाए हैं। लेकिन अब केंद्र सरकार की नजर इन इलाकों पर गई है।
देश में आदिवासी क्षेत्रों को मुख्य धारा में शामिल करने के लिए लंबे समय से सरकारों द्वारा प्रयास किया जा रहा है। प्राकृतिक जुड़ाव और आदिवासियों द्वारा अपने क्षेत्र का स्वतः संरक्षण करने और उनके प्राकृतिक रूप को बनाएं और बचाए रखने में उनकी जिजीविषा बेमिसाल है! यही कारण है कि इन इलाकों में कई सुंदर, प्राकृतिक और अद्भुत नजारों को अभी तक संजो कर रखा गया है, जो पर्यटन की दृष्टि से अनदेखे हैं। यही वजह है कि इन आदिवासी इलाकों को पर्यटन से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार एक खास योजना लेकर आई है।
स्वदेश दर्शन योजना में 1000 जनजातीय स्थलों का होगा विकास
आदिवासी इलाकों को पर्यटन और रोजगार से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार स्वदेश दर्शन अभियान के तहत जनजातीय इलाकों में 1000 होम स्टे स्थापित करवाने में मदद करेगी। गृह प्रवास (Home Stay) दर्शन योजना के तहत आदिवासी इलाकों में पर्यटन को विकसित करने के उद्देश्य से 1000 होमस्टे तैयार करने में सरकार मदद करेगी, जिससे पर्यटन के विस्तार के साथ आदिवासी समुदाय को वैकल्पिक आजीविका का साधन भी मिल सकेगा। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान (Pradhan Mantri Janjatiya Unnat Gram Abhiyan) के तहत पर्यटन की संभावना वाले गांवों में होमस्टे निर्माण के लिए जनजातीय परिवारों और गांवों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। शुरुआत में पर्यटन के लिए चयनित गांव में 5 से 10 की संख्या में होमस्टे विकसित किए जाएंगे।
होमस्टे निर्माण के लिए मिलेगी 5 लाख तक की राशि
होमस्टे निर्माण के लिए सरकार प्रत्येक परिवार को नए कमरों के निर्माण के लिए 5 लाख रुपए , जीर्णोद्धार के लिए 3 लाख और ग्राम समुदाय केंद्र की ज़रूरतों को पूरी करने के लिए 5 लाख रुपए की मदद देगी।
Pradhan Mantri Janjatiya Unnat Gram Abhiyan योजना पर 79,156 करोड रुपए खर्च करेगी सरकार
आदिवासी क्षेत्रों में पर्यटन की संभावना को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार इस योजना (Pradhan Mantri Janjatiya Unnat Gram Abhiyan) पर कुल 79,156 करोड़ रूपए की राशि खर्च करेगी। इस योजना से लगभग 63,000 गांव लाभान्वित होंगे और लगभग 5 करोड़ से अधिक की आदिवासी आबादी को लाभ मिलेगा । इस योजना में 30 राज्यों और केंद्र शासित शासित प्रदेशों के 549 आदिवासी बहुल जिलों को शामिल किया जाएगा।
Pradhan Mantri Janjatiya Unnat Gram Abhiyan आदिवासी इलाकों का होगा विकास
2011 की जनगणना के मुताबिक देश में 705 से ज्यादा अनुसूचित जनजातियां हैं, जिनकी कुल जनसंख्या लगभग 10.45 करोड़ है। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान (Pradhan Mantri Janjatiya Unnat Gram Abhiyan) का उद्देश्य विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार को देश के बाकी विकसित क्षेत्रों के समकक्ष लाना है, तथा सतत विकास सुनिश्चित करना है।
पीएम गतिशक्ति पोर्टल (PM Gati Shakti Portal) पर होगी योजना की निगरानी
Pradhan Mantri Janjatiya Unnat Gram Abhiyan के तहत चयनित जनजातीय गांवों को पीएम गति शक्ति पोर्टल पर मैप किया जाएगा। जिससे योजना से संबंधित विभाग और मंत्रालय योजना की आवश्यकताओं को पहचान कर काम करेंगे। इस मिशन में 25 इंटरवेंशन के माध्यम से 17 मंत्रालय योजना के क्रियान्वयन से जुड़े रहेंगे। पीएम गति शक्ति प्लेटफार्म पर योजना की प्रगति की निगरानी की जाएगी और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिलों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।