Laapataa Ladies official entry for Oscars 2025 : किरण राव निर्देशित फिल्म लापता लेडीज (Laapataa Ladies) ऑस्कर (Oscars 2025 ) में जाने के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री के रूप में चुन ली गई है। हालांकि पायल कपाड़िया निर्देशित फिल्म ऑल वी इमेजिन एज लाइट (All We Imagine As Light) की भी ऑस्कर में जाने की प्रबल संभावनाएं जताई जा रही थीं, क्योंकि यह फिल्म कैन्स फिल्म फेस्टिवल (Cannes Film Festival) में ग्रैंड प्रिक्स अवॉर्ड (Grand Prix Award) विनर रह चुकी है। Cannes में प्रीमियर हुई ऑल वी इमेजिन एज लाइट, प्रीमियर के बाद से ही सुर्खियों में बनी हुई थी और टोरंटो, न्यू यॉर्क, सेन सेबेस्टियन समेत कई अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में तारीफ़ बटोर चुकी है।
निर्देशक पायल कपाड़िया (Payal Kapadia ) को भी उम्मीद थी कि उनकी फिल्म भारत की ओर से ऑस्कर में जाने के लिए चुनी जा सकती है। लेकिन फिल्म फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (FFI) ने आमिर खान प्रोडक्शन के बैनर तले बनी किरण राव निर्देशित लापता लेडीज को ऑस्कर (Oscars 2025) का टिकट दिया है। ऑस्कर के लिए चुने जाने पर फिल्म की निर्देशक किरण राव ने जूरी का धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्हे उम्मीद है कि यह फिल्म जिस तरह भारतीय दर्शकों को पसंद आई है, उसी तरह विश्व भर में सिनेमा के चाहने वालों को पसंद आएगी।
Laapataa Ladies का किन फिल्मों से था मुकाबला
फिल्ममेकर Jahnu Barua की अध्यक्षता में 13 सदस्यीय जूरी के सामने चुनाव के लिए कल्की 2898 एडी ( kalki 2898 AD) एनिमल, चंदू चैंपियन, सैम बहादुर, Attam, Aadujeevitham, मैदान, Joram और Kottukaali जैसी फ़िल्में थीं। लेकिन लापता लेडिज इन सभी फिल्मों को पछाड़कर जूरी की पहली पसंद बनी और ऑस्कर में जाने का टिकट हासिल किया।
लापता लेडीज की कहानी ने जीता दिल
इस साल ओटीटी पर रिलीज हुई लापता लेडीज दो नवविवाहित दुल्हनों की कहानी है, जिनकी ससुराल जाते समय गलती से अदला- बदली हो जाती है। मजाकिया अंदाज में कहीं गई है ये कहानी, बिटवीन द लाइंस भी बहुत कुछ कहती है। ये फिल्म, महिला अस्तित्व के उन सवालों को उठाती है जो सिर्फ पत्नी या बेटी होने के दायरे से आगे की कहानी है। अदला-बदली की इस यात्रा में ये पात्र अपने खुद के वजूद और अहमियत को पहचानती हैं और आसपास की दुनिया के लिए भी अपनी पहचान की एक नई दृष्टि बनाती हैं। निर्देशक किरण राव को उम्मीद है कि उनकी यह दिल छू लेने वाली कहानी भाषा और परिवेश के बंधन को तोड़कर वैश्विक स्तर पर पसंद की जाएगी। और ऑस्कर जूरी मेंबर्स को भी पसंद आएगी।
All We Imagine As Light की Oscars 2025 में जाने की टूटी उम्मीद
All We Imagine As Light भी ऑस्कर (Oscars 2025 ) के लिए एक मजबूत दावेदार मानी जा रही थी। अजब इत्तेफाक है कि यह फिल्म भी महिला निर्देशक की फिल्म है और फिल्म की कहानी भी महिला पात्रों के इर्द-गिर्द घूमती है। पायल कपाड़िया निर्देशित ये फिल्म पिछले सप्ताह केरल में रिलीज की गई है। पायल को उम्मीद थी कि इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स में धूम मचाने के बाद उनकी फ़िल्म Oscars 2025 के लिए चुनी जा सकती है। फिल्म एंड टेलिविजन इंस्टीट्यूट आफ इंडिया FTII (पुणे) से फिल्म मेकिंग की पढ़ाई करने वाली पायल की ये फिल्म CannesFilm Festival में ग्रैंड प्रिक्स (Grand Prix) पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय फिल्म है। साथ ही 30 साल बाद यूरोपीय गाला मेन कंपटीशन ( European Gala’s main competition) में जगह बनाने वाली पहली भारतीय फिल्म है। केरल की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म में कनी कुमरूति, दिव्य प्रभा और छाया कदम ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं।
फिल्म मुंबई की एक नर्स, प्रभा (कानी) की कहानी कहती है, जिसके जीवन में तब उथल पुथल मच जाती है, जब उसे अपने से अलग हो चुके पति से चावल पकाने का बर्तन मिलता है। दिव्य प्रभा ने उसकी रूममेट और सहकर्मी की भूमिका निभाई है, जो अपने प्रेमी के साथ एकांत में समय बिताने के लिए कोई प्राइवेट जगह खोज रही है। फिल्म में प्रभा की दोस्त पार्वती (छाया) को प्रॉपर्टी डेवलपर्स द्वारा उसके घर से बाहर निकाला जा रहा है। विधवा पार्वती अपना घर बचाने के संघर्षों में घिरी हुई है।