Interim budget 2024: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2024 को नए मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की। देश में ज्यादा से ज्यादा युवाओं के लिए मेडिकल की पढ़ाई मुहैया कराने के लिए सरकार ने अंतरिम बजट 2024 में मेडिकल कॉलेजों की मौजूदा संख्या में बढ़ोतरी करने की योजना पर जोर दिया गया है। इसके लिए सरकार पूर्व से अवस्थित अस्पताल के बुनियादी ढांचे और संसाधनों का उपयोग करके और अधिक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की योजना बना रही है।
अंतरिम बजट 2024 (Interim budget 2024) में वित्त मंत्री ने की बड़ी घोषणा
मेडिकल में अपना भविष्य देखने वाले युवाओं को डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने में सरकार ने बड़े कदम उठाने का मन बना लिया है। अंतरिम बजट 2024 में वित्त मंत्री ने बड़ी घोषणा की है। संसद में अंतरिम बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार मेडिकल फील्ड में करियर बनाने की ख्वाहिश रखने वाले युवाओं के लिए बड़ा कदम उठाएगी। देश में चिकित्सा सुविधा अधिक से अधिक लोगों तक आसानी से उपलब्ध हो, इसके लिए युवाओं को इस क्षेत्र में अधिक सीट उपलब्ध कराने के लिए ज्यादा मेडिकल कॉलेजों की आवश्यकता है।
नेशनल मेडिकल कमिशन (NMC) के अनुसार भारत मे कुल 706 मेडिकल कॉलेज हैं, जिसमें 349 सरकारी और 282 प्राइवेट मेडिकल कॉलेज हैं। कुल सीटों की संख्या में एम बी बी एस और अन्य के साथ 139628 है। सरकार के इस कदम से न सिर्फ योग्य युवाओं को मेडिकल की पढ़ाई करने का अवसर मुहैया होगा, बल्कि बढ़ती जनसंख्या के लिए डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के प्रयास में एक अच्छा कदम है।
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नागरिकों को चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने और रोजगार के अवसर बढाने के लिए केंद्र सरकार और अधिक चिकित्सा महाविद्यालय खोलेगी। मेडिकल कॉलेज का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारामण ने कहा कि युवा क्वालिफाइड डॉक्टर बनकर बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से लोगों की सेवा करना चाहते हैं। इसके लिए सरकार मौजूदा अस्पताल के बुनियादी ढांचे का उपयोग करके अधिक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की योजना बना रही है।
इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाने का निर्णय लिया है। इस उद्देश्य को आगे बढ़ाने, जांच करने और इस संबध में प्रासंगिक सिफारिश करने के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए ‘”जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान का नारा” दिया है। हमारी सरकार इसे और आगे बढ़ाने का लगातार काम कर रही है इससे पहले भी केंद्र सरकार देश में मेडिकल एजुकेशन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण विकास के लिए कदम उठाती रही है।