Super Foods to Improve Memory : अनुचित खानपान, ज्यादा स्क्रीन टाइम, अनियमित नींद और वर्किंग आवर्स का असर अब हर उम्र के लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। इसका सबसे बड़ा प्रभाव याददाश्त (Memory) पर भी देखा जा रहा है। उम्र से पहले ही याददाश्त कमजोर हो रही है, जिससे काम करने की क्षमता भी प्रभावित होती है। आजकल की ऑनलाइन और तकनीक पर निर्भर दुनिया में फोन और कंप्यूटर स्क्रीन से दूर रहना तो बहुत ही मुश्किल है, लेकिन कुछ ऐसे सुपर फूड जरूर है जिन्हें अपनी डाइट में शामिल कर हम न अपनी स्वास्थ्य में होने वाली गिरावट को कम कर सकते हैं, बल्कि अपनी मेमोरी भी इंप्रूव कर सकते हैं। कई अध्ययनों में भी बताया गया है कि कुछ खास चीज खाने से बेहतर स्वास्थ्य के साथ हम अपनी दिमागी सेहत को भी बेहतर बना सकते हैं।
यह खास फूड जिन्हें हम सुपर फूड भी कह सकते हैं, उन्हें खाने से हम अपनी याददाश्त यानी मेमोरी और दिमाग के काम करने की क्षमता को बढ़ा सकते हैं।
याददाश्त बढ़ाने वाले Super foods
Super Foods to Improve Memory
बैगंनी अंगूर (Purple grapes) : बैंगनी अंगूर खाने या इसका जूस पीने से याददाश्त बेहतर करने में मदद मिलती है। बैंगनी अंगूर में पॉलीफैनोल्स केमिकल अच्छी मात्रा में पाया जाता है जो दिमाग में खून के प्रवाह को बढ़ाने में सहायक होता है। इससे मस्तिष्क को ज्यादा ऑक्सीजन और पोषण मिलता है, जिससे दिमाग के काम करने की क्षमता बढ़ती है। बैंगनी अंगूर में पोटेशियम और मैग्नीशियम की भी पर्याप्त मात्रा होती है जो दिल और दिमाग की सेहत के लिए फायदेमंद बताया गया है।
ब्लूबेरी (Blueberries): दिमाग की क्षमता बढ़ाने के लिए ब्लूबेरी को भी काफी लाभदायक माना जाता है। एक अध्ययन के मुताबिक जो बच्चे रोज ब्लूबेरी खाते हैं, वह दूसरे बच्चों के मुकाबले पढ़े हुए शब्दों को जल्दी याद कर पाते हैं। ब्लूबेरी मस्तिष्क की कार्य प्रणाली को मजबूत करने और याददाश्त को सुधारने में मदद करती है। ब्लूबेरी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट मस्तिष्क के उन क्षेत्रों को प्रभावित करते हैं जो याददाश्त और मस्तिष्क की क्षमता को बढ़ाते हैं।
स्ट्रॉबेरी (Strawberry): स्ट्रॉबेरी भी मस्तिष्क की क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है। एक अध्ययन में यह भी पाया गया है कि स्ट्रॉबेरी खाने वाले लोगों की बुढ़ापे में भी याददाश्त तुलनात्मक रूप से बेहतर बनी रहती है। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर स्ट्रॉबेरी याददाश्त में गिरावट की दर को भी धीमा कर देती है। जो लोग नियमित रूप से स्ट्रॉबेरी खाते हैं उनमें अल्जाइमर रोग होने की संभावना भी कम देखी गई है।
ग्रीन टी (Green Tea) : वैसे तो ग्रीन टी को वेट लॉस( weight loss) करने में भी सहायक माना जाता है; और इसके दूसरे भी बहुत से फायदे हैं। ग्रीन टी वेट लॉस के साथ मेमोरी बढ़ाने में भी सहायक होती है। इससे concentrate करने, यानी ध्यान केंद्रित करने में भी मदद मिलती है। ग्रीन टी में मौजूद बायोएक्टिव यौगिक (Bioactive compounds) बायो एक्टिव कंपाउंड्स मस्तिष्क को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। ग्रीन टी पीने से न्यूरो डिजनरेटिव (Neurodegenrative) रोग होने की संभावना कम रहती है।
अखरोट (Walnut): अखरोट भी दिमागी सेहत के लिए अच्छे माने जाते हैं। अखरोट की बनावट न सिर्फ देखने में मस्तिष्क के आकार की होती है, बल्कि वास्तव में भी वह ब्रेन हेल्थ के लिए काफी अच्छा माना जाता है। अखरोट प्रोटीन और हेल्दी फैट (Healthy Fat) से भरपूर होते हैं। साथ ही इसमें ओमेगा 3 फैटी एसीड भी पाया जाता है, जो दिमाग के लिए फायदेमंद माना जाता है। एक अध्ययन में पाया गया है कि अखरोट के पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट, ऑक्सीडेटिव तनाव (Oxidative Stress) यानि मुक्त कणों और एंटीऑक्सीडेंट का असंतुलन और सूजन को कम करने में मदद करते हैं। एक अध्ययन के मुताबिक अखरोट से डिप्रेशन यानी अवसाद को भी कम करने में मदद मिलती है।
मछली और अंडे (Fish and Eggs) : मछली में ओमेगा 3 फैटी एसीड भरपूर मात्रा में पाया जाता है। साथ ही इसमें EPA और DHA जैसे जरूरी वसा भी मौजूद होते हैं जो हमारे दिल और दिमाग की सेहत के लिए जरूरी होते हैं। मछली के अलावा अंडे में भी विशेष रूप से अंडे का पीला भाग कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन और सेलेनियम के साथ ही इसमे कैरेटोनॉएड्स होता है, जो आंखों की रोशनी को बढ़ाने में मदद करता है। कैरेटोनॉएट्स एक तरह का एंटीऑक्सीडेंट होता है जो रेटिना को डैमेज होने से बचाता है और फ्री रेडिकल्स से प्रोटेक्ट करता है।
डार्क चॉकलेट (Dark Chocolate): भी याददाश्त बढ़ाने में सहायक होती है। इसमें 70% से ज्यादा फ्लेवनॉल पाया जाता है जो मेमोरी बढ़ाने में सहायक होता है। डार्क चॉकलेट में उच्च फ्लेवनॉल (फ्लेवोनोइड्स) कोको होता है, जिससे मस्तिष्क में रक्त प्रवाह बेहतर होता है। इससे डिमेंशिया को रोकने में भी मदद मिलती है। फ्लेवोनोइड्स शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट एजेंट भी हैं। एंटीऑक्सीडेंट आपके शरीर को संभावित हानिकारक अणुओं से लड़ने में मदद करते हैं। वे डार्क चॉकलेट, फलियां और कई फलों और सब्जियों में भी पाए जाते हैं।
यह तो बात हुई उन सुपर फूड्स (Super foods) की जिन्हे खाने से मेमोरी और मस्तिष्क की कार्य क्षमता इंप्रूव होती है। लेकिन इसके साथ यह जानना भी जरूरी है कि कौन से ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो दिमागी स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक हो सकते हैं।
क्या ना खाएं
अध्ययन में पाया गया है कि प्रोसेस्ड ( Processed Food) फूड और अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड ( Ultra Processed) ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जिन्हे खाने से याददाश्त में कमी आती है और पाचन संबंधी समस्या भी पैदा होती है। अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड से स्ट्रोक का खतरा बनने की भी संभावना रहती है। एक अध्ययन में पाया गया है कि हाई शुगर और अधिक वसा वाले खाद्य पदार्थ जिन्हें जंक फूड भी कहा जाता है, इन्हें लंबे समय तक खाने से याददाश्त पर बुरा असर पड़ सकता है। ऐसा माना जाता है कि यह खाद्य पदार्थ स्मृति के लिए जरूरी हिप्पोकेंपस एरिया (Hippocampus) को प्रभावित करते हैं। अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड मेमोरी और दिमागी क्षमता के लिए बेहद हानिकारक माने गए हैं। अल्ट्रा प्रोसैस्ड फूड वह खाद्य पदार्थ होते हैं जो पैकेट बंद या डब्बा बंद होते हैं। जैसे चिप्स, बर्गर, मीठे सिरप, कार्बोनेटेड ड्रिंक इत्यादि । ये खाद्य पदार्थ दिमाग की सेहत पर प्रतिकूल असर डालते हैं और उम्र बढ़ने पर डिमेंशिया जैसे रोग उत्पन्न कर सकते हैं।
क्या है अल्ट्रा प्रोसैस्ड फूड्स( Ultra Processed Foods)
अल्ट्रा प्रोसैस्ड खाद्य पदार्थ ऐसे भोजन है जिनमें कैलोरी अधिक होती है। चीनी नमक और फैट की मात्रा भी अधिक होती है। जिसमें पोषक तत्व न के बराबर होते हैं। जिन्हें प्रिजर्व करने के लिए अनहेल्दी एडिक्टिव्स (Unhealthy Additives) का इस्तेमाल होता है।
बाजार में मिलने वाले ब्रेड,पेस्ट्री, केक- कुकीज, कार्बोनेटेड शीतल पेय (cold/soft drinks), पैकेट बंद स्नैक्स, फ्लेवरड डेरी पेय, इंस्टेंट सॉस, सूप और नूडल्स में हानिकारक केमिकल्स के अलावा preservatives का इस्तेमाल किया जाता है।
Disclaimer : यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।