Wednesday, March 4, 2026
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हिमाचल में बेटियों की विवाह की उम्र 21 साल तय, कम उम्र में शादी होगा दंडनीय अपराध

by Jai P Swarn
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Himachal Girls Marriage Age

Himachal Girls Marriage Age : हिमाचल प्रदेश ने बेटियों के विकास के लिये एक नई राह दिखाई है। हिमाचल विधान सभा में एक अहम संशोधन विधेयक पारित किया गया हैं। जिसमें बेटियों के विवाह की उम्र 18 से बढ़ा कर 21 वर्ष कर दी गयी हैं। हिमाचल में अब 21 वर्ष से पहले लडकियों का विवाह एक दंडनीय अपराध होगा।

लड़कियों के विवाह की उम्र 18 से बढ़ाकर की 21 साल 

हिमाचल प्रदेश विधान सभा ने बेटियों के आगे बढ़ने से जुड़ा एक बिल पेश किया गया जो कि अब पारित हो गया है। बिल में लड़कियों के विवाह की उम्र को लेकर संशोधन किया गया है। जहां पहले लडकियों की विवाह की उम्र 18 साल थी, वह अब बढ़ा कर 21 साल कर दी गयी हैं। राज्य सरकार ने विवाह के उम्र में तीन साल की बढ़ोतरी की है। हिमाचल लडकियों की शादी की उम्र 21 साल करने वाला पहला राज्य होगा। इस फैसले के पीछे सरकार का मकसद बेटियों को उच्च शिक्षा देना और उनका करियर बनाना है। यह विधेयक बिना किसी चर्चा के पास हो गया। अब राज्यपाल की मंजूरी के बाद राज्य में लागू हो जायेगा।

लडकियों की विवाह की उम्र बढ़ाने का कारण:

हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का कहना है कि इस मामले को लेकर पिछ्ले वर्ष एक कमेटी गठित की गयी थी। इस कमेटी में सामाजिक  अधिकारिता, ग्रामीण, स्वास्थ्य, विधि और श्रम एवं रोजगार सभी विभाग के अधिकारी शामिल किये गये थे। कमेटी के अनुसार शादी जल्दी हो जाने के कारण लड़कियों का करियर और शिक्षा अधूरी रह जाती हैं। जिसके कारण वह आगे नही बढ़ पाती हैं। कम उम्र में शादी होने से उनके स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। कम उम्र मे मां बनने के कारण लडकियों को स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है।

क्या हैं अधिनियम के प्रावधान:

अधिनियम में कहा गया है कि नया कानून बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 – केंद्रीय कानून – और अन्य संबंधित अधिनियमों को हिमाचल में लागू करने में लड़कियों के लिए विवाह की न्यूनतम आयु 21 वर्ष तक बढ़ाने के लिए संशोधित करता है” इसमें आगे कहा गया है, “यह (कानून) हिमाचल प्रदेश राज्य के क्षेत्र में रहने वाले सभी व्यक्तियों पर लागू होगा। इसमें भारतीय ईसाई विवाह अधिनियम, 1872; पारसी विवाह और तलाक अधिनियम, 1936, मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरीयत) एप्लिकेशन अधिनियम 1937; विशेष विवाह अधिनियम, 1954; हिंदू विवाह कानून,1955 या कोई अन्य कानून या प्रथा नए अधिनियम के तहत विवाह के संबंध में लागू नहीं होगा

टास्क फोर्स ने युवा वर्ग से ली सलाह:

Himachal Girls Marriage Age : 

जया जेटली की अध्यक्षता में बनी इस टास्क फोर्स में देश के 16 विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले वयस्क युवा पीढ़ी से इस मामले मे चर्चा की गयी और उनकी राय ली गयी। इसके साथ ही ग्रामीण इलाके के 15 गैर-सरकारी संगठनों की भी सलाह ली गयी जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों के युवा शामिल थे। समाज-कल्याण मंत्री, धनी राम शांडिल का कहना है कि अब लडकियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। अगर कोई 21 साल से कम उम्र में लड़कियों की शादी में भागीदार बनेगा तो उसे सजा मिलेगी।

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