बैली फैट को लेकर अक्सर लोग परेशान रहते हैं वेट लॉस की जर्नी में सबसे बड़ी समस्या बनता है पेट का जिद्दी फैट। कभी-कभी पूरी बॉडी का एक्स्ट्रा फैट खत्म हो जाता है लेकिन पेट का जिद्दी मोटापा जाने का नाम नहीं नहीं लेता। अगर आप भी इस परेशानी से जूझ रहे हैं तो यह लेख पढ़ कर आपकी मुश्किल जरूर कुछ आसान हो जाएगी।
आइस थेरेपी पैक (Ice Therapy) की मदद से आसानी से पिघला सकते हैं पेट की चर्बी
बिना किसी एक्सरसाइज के बैली फैट को कम किया जा सकता है । आइस पैक से पेट का मोटापा कम करने की बात आपको अजीब जरूर लग सकती है लेकिन यह तरकीब पूरी तरह साइंटिफिक है।
ठंडे तापमान के संपर्क में अधिक कैलोरी होती है बर्न
सर्द चीज या फिर ठंडे वातावरण के संपर्क में आने से शरीर जल्दी-जल्दी कैलोरी बर्न करने लगता है जिससे चर्बी घटने लगती है । इसी सिद्धांत के तहत जब पेट का फैट गलाने के लिए की आइस पैक का इस्तेमाल किया जाता है तो बेहतर परिणाम मिलते हैं। आइस पैक थेरेपी की वकालत करने वाले विशेषज्ञों का मानना है कि ठंडे तापमान के संपर्क में आने से शरीर अधिक कैलोरी इस्तेमाल करता है जिससे फैट कम होता है।
आइस पैक थेरेपी से फैट लॉस
Cold ice pack therapy के अनुसार जब पेट के निचले हिस्से पर ice पैक लगाया जाता है तो शरीर अपना तापमान मेंटेन करने के लिए एनर्जी खर्च करने लगता है जिससे कैलोरी बर्न होती है और परिणाम स्वरुप चर्बी गलने लगती है । एक रिसर्च के अनुसार ठंडे तापमान के संपर्क में एक तरह का फैट टिशू एक्टिव हो सकता है जिसे ब्राउन एडिपोज टिशू (BAT) कहा जाता है। जो एनर्जी एक्सपेंडिचर और थर्मो जेनेसिस में शामिल होता है ।
क्या बर्फ वजन कम करने में मदद कर सकती है?
हालांकि यह पेट की चर्बी घटाने में किस हद तक कामयाब होता है यह स्पष्ट नहीं है। फिर भी यह लक्षित परिणाम जरूर देता है क्योंकि यह साइंटिफिक रिसर्च में दिखाया गया है कि ठंड के संपर्क में आने से समग्र कैलोरी बर्निंग को बढ़ावा मिल सकता है, लेकिन बेहतर परिणाम के लिए हेल्दी और बैलेंस डाइट को भी फॉलो करना भी जरूरी है जिससे आइस पैक थेरेपी का अच्छा फायदा मिल सके। साथ ही इस थेरेपी को संतुलित तरीके से ब्रेक देकर करना भी जरूरी है ताकि शरीर पर इसका कोई प्रतिकूल असर ना पड़े।
Read more: मलेशिया घूमने वालों के लिए खुशखबरी, खत्म हुआ वीजा का झंझट