Morning Walk During Air Pollution: बेहतर स्वास्थ्य के लिए सुबह-सुबह टहलना बहुत बड़ी नियामत है। चिकित्सक भी अच्छा स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए टहलने की सलाह देते हैं और सुबह की सैर तो शरीर के लिए वरदान मानी जाती है। लेकिन अगर प्रदूषण की मार हो तो सुबह की यही सैर आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी हो सकती है।
त्यौहारों की शुरुआत के साथ मौसम में भी बदलाव शुरु हो गए हैं। हल्की ठंड के मौसम में मॉर्निंग वॉक करना सबको पसंद आता है। अगर डॉक्टरों की माने तो मौसम में ठंड के शुरूआती असर के साथ-साथ प्रदूषण की स्थिति भी खराब हो रही हैं। प्रदूषण के चलते सुबह की शुद्ध हवा भी प्रदूषित हो गयी है। जिसकी वजह से डॉक्टरों ने सलाह दी है की इस मौसम में मॉर्निंग वॉक करना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।
बढ़ते प्रदूषण ने किया बच्चों और बुजुर्गों को परेशान:
दिल्ली एनसीआर की हवा में घुलता जहर आम आदमी की जिंदगी पर भारी पड़ रहा हैं। हाल ही में जारी आंकड़ों पर अगर नजर डालें तो साल 2021 से अब तक अक्टूबर में प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी हुई है। रोज सुबह अब कई जगह पर धुन्ध की चादर दिखाई देती हैं। त्यौहार से पहले ही प्रदूषण के चलते जनता को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हैं। इस बढ़ते प्रदूषण ने बच्चों और बुजुर्गों सभी को बिमार कर दिया है। प्रदूषण की वज़ह से चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ ने मॉर्निंग वॉक पर जाना बंद कर दिया है। उनके डॉक्टर ने उन्हें सुबह मॉर्निंग वॉक पर ना जाने की सलाह दी है। उनका कहना है कि बढ़ते प्रदूषण की वज़ह से उन्हें साँस संबंधित समस्या हो सकती हैं । इस प्रदूषण से लोगों को गले में दर्द, सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन हो रही है।
प्रदूषण के नियंत्रण की है पूरी तैयारी:
पड़ोसी राज्य हरियाणा और पंजाब में पराली जलाने को भी अक्सर दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता रहा हैं। खासकर जब खेतों को खाली किया जाता है अक्टूबर और नवंबर के बाद के मौसम के दौरान तब प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता हैं। प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए दिल्ली सरकार ने खासे इंतजाम किए हैं। जगह जगह पर पानी का छिड़काव भी किया जाएगा इसके साथ-साथ चिन्हित सड़कों पर हर रोज मेकैनिकल स्वीपिंग भी की जाएगी। इसके साथ ही निर्माण कार्य वाली जगहों पर धूल नियंत्रण उपायों को लागू किया जाएगा। डीज़ल वाले जनरेटर के उपयोग पर बैन लगा दिया गया है।
क्यों होती हैं सुबह की हवा सेहत के लिए खतरनाक:
जब हम सुबह के समय टहलने के लिए बाहर जाने हैं तो हवा में मौजूद पार्टिकुलेट मेटर्स यानी कि प्रदूषण के कण नीचे की तरफ होते हैं । जमीन के बेहद करीब जिसकी वजह से हवा जहरीली हो जाती हैं। स्मोग के समय हवा भी नहीं चल रही होती हैं, जिसकी वजह से प्रदूषण के कण वातावरण में मौजूद रहने के कारण साँस से अंदर चले जाते हैं और हमे बीमार कर देते हैं। वही दूसरी तरफ जब हम सुबह खुले वातावरण मे योगा और एक्सरसाइज करते हैं तो ये छोटे छोटे कण हमारे फेफड़ों में चले जाते हैं। उस समय हमारे शरीर को ऑक्सीजन की ज्यादा जरूरत होती हैं तब ये हवा हमारे फेफड़ों को नुकसान पहुंचाती हैं। धूप निकलने के साथ प्रदूषण धीरे धीरे छंटने लगता है। अगर आप बाहर टहलने जाना ही चाहते हैं तो स्मोग हटने के बाद यानी आठ नौ बजे का समय इसके लिए बेहतर रहता है । आप सुबह 8 से 9 बजे के आस पास टहलने जा सकते हैं।
बबीता आर्या
Disclaimer: इस लेख में लिखी गई बातें आपकी जानकारी के लिए है। किसी भी शारीरिक व्यायाम से पहले चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।