Bharat Rice/Chawal : सस्ता भारत चना और आटा के बाद अब पेश है भारत चावल। महंगाई की मार से आम जनता को राहत दिलाने के लिए सरकार एक बार फिर आम लोगों के लिए ले आई है सस्ता चावल। केंद्रीय खाद्य मंत्री पीयूष गोयल ने 06 फरवरी 2024 को भारत चावल ब्रांड बिक्री के लिए लॉन्च किया है। ‘भारत चावल’ बाजार भाव से कम,सस्ते दरों पर आम आदमी को उपलब्ध कराया जाएगा। बीते एक साल में चावल की कीमतों में 15 से 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी देखी गई है।
आम लोगों के राहत के लिए सरकार ने सस्ती दरों पर ‘भारत चावल’ बाजार में उतारा है। 6 फरवरी 2024 से ‘सस्ते चावल’ की बिक्री शुरू हो जाएगी।
महंगाई पर काबू पाने के लिए सरकार ने एक और कदम उठाया है। सरकार की कोशिशें लगातार रही है कि जब भी खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी आई, तो सरकार ने आगे आकर कम कीमत पर लोगों को खाने-पीने की चीजें मुहैया कराने का काम किया है।
कहां से खरीदें और कितनी है कीमत
अब आम आदमी को महंगे चावल से राहत दिलाने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। पहले चरण में भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) दो सहकारी समितियों, नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (नाफेड) और नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर फेडरेशन ऑफ इंडिया (एनसीसीएफ) के साथ खुदरा केंद्रीय भंडार को पांच लाख टन चावल मुहैया करायेगा। ये एजेंसियां चावल को 5 किलो और 10 किलो के पैकेट में पैक कर ‘भारत ब्रांड’ के नाम सेअपने बिक्री केन्द्रों के माध्यम से खुदरा ग्राहकों को बेचेंगी। चावल को ई-कॉमर्स मंच के जरिये भी बेचा जाएगा.
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क्या है चावल की कीमत
खाद्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया है कि यह चावल रियायती (सबसिडाइज्ड) दरों पर आम लोगों के लिए बिक्रय केन्द्रों पर उपलबध होगा। इसकी (Bharat Rice) शुरुआत 06 फरवरी की शाम 4 बजे से होगी।
मात्र 29 रुपये प्रति किलोग्राम की कीमत पर यह चावल उपलब्ध होगा।
सरकार ने इससे पहले थोक विक्रेताओं को इस योजना की पेशकश की थी, लेकिन साकारात्मक रूख के अभाव में सरकार ने ओ एम एम एस ( ऑन-लाइन मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम) के तहत एफसीआई के जरिये भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (NAFED), राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF) और केंद्रीय भंडार की दुकानों में उपलब्ध होगा।
सस्ते दरों पर सरकार बेच रही है कई खाद्य उत्पाद
सरकार पहले से ही ‘भारत आटा’ सरकारी एजेंसियों के माध्यम से 27.50 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेच रही है और ‘भारत चना’ को 60 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जा रहा है। सरकार को उम्मीद है कि सस्ते ‘भारत चावल’ उपलबध करा कर ग्राहकों को मंहगाई से राहत दिला सकेगी। पिछले दिनों गैर बासमती चावल के निर्यात पर प्रतिबंध और बीते सीजन में बंपर उत्पादन के बावजूद चावल के बढ़ते खुदरा मूल्य पर लगाम नहीं लगाई जा सकी है।
जमाखोरी रोकने पर सरकार की बड़ी पहल
चावल की जमाखोरी रोकने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इस क्रम में सरकार ने सख्त आदेश जारी किए हैं। सभी खुदरा और थोक विक्रेताओं के साथ प्रसंस्करण करने वाली कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने स्टॉक का खुलासा अनिवार्य रूप से करेंगे। इस संबध में जानकारों का मानना है कि बाजार में सस्ते ‘भारत चावल’ की उपलब्धता से मंहगाई पर कुछ हद तक लगाम लगाई जा सकेगी। बाजार में उपलब्ध महंगे चावल, सरकारी वितरण और विपणन केन्द्रों में उपलब्ध चावल से भिन्न होने के कारण मंहगे होते हैं।