FASTag Rule Change : आवागमन के लिए हाईवे से गुजरते हुए कई जगह टोल टैक्स देना पड़ता है। टोल टैक्स की व्यवस्था को सुचारू और आधुनिक बनाने के लिए FASTag के जरिए टोल टैक्स लिया जाता है। समय-समय पर फास्टटैग के नियमों में बदलाव होता रहता है। इन नियमों की जानकारी से आप कई तरह की परेशानियों और आर्थिक नुकसान से बच सकते हैं।
क्या होता है FASTag
FASTag ऐसा डिवाइस होता है जो एक स्टीकर के रूप में आपकी गाड़ी की विंडस्क्रीन पर चिपकाया जाता है। दरअसल, इसमें रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन टेक्नोलॉजी ( Radio Frequency Identification (RFID) Technology) का इस्तेमाल कर टोल प्लाजा पर आसानी से टैक्स वसूला जाता है। जब आप टोल बूथ से निकलते हैं तो FASTag स्कैनर की मदद से आपकी गाड़ी के विंडस्क्रीन पर चिपके स्टीकर को स्कैन कर लिया जाता है और आपके द्वारा लिंक किए गए खाते से ऑटोमेटिक रूप से टोल शुल्क कट जाता है। इस आसान प्रक्रिया को अपना कर टोल पर लंबी लाइनों से बचा जाता है। भारत में FASTag की शुरुआत सबसे पहले 2014 में की गई थी। अब देश भर के अधिकतर टोल प्लाजा पर फास्टैग के जरिए ही टैक्स वसूला जाता है।
FASTag नियमों में बदलाव
FASTag Rule Change
FASTag के नए नियम 17 फरवरी 2025 से लागू होने जा रहे हैं। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन आफ इंडिया National Payment Corporation of In ( NPCI) ने 28 जनवरी 2025 को नए नियम जारी किए थे, यह नए नियम 17 फरवरी 2025 से लागू किये जा रहे हैं।
कम बैलेंस और ब्लैकलिस्टेड FASTag को देना होगा ज्यादा टोल टैक्स
कम बैलेंस वाले खातों या ब्लैकलिस्टेड खातों को अब टोल प्लाजा से गुजरने पर ज्यादा टैक्स पे करना होगा। ज्यादा टोल टैक्स देने से बचने के लिए उपयोगकर्ताओं को अपने खाते में जरूरी बैलेंस रखना होगा, साथ ही अपने खाते को एक्टिव स्टेटस में भी रखना होगा। ताकि उन पर कोई पेनाल्टी ना लगे।
रिचार्ज ना होने पर देना पड़ सकता है दोगुना टोल टैक्स
समय पर रिचार्ज ना करने पर आपको दुगना टोल टैक्स देना पड़ सकता है। 17 फरवरी 2025 से नए FASTag नियमों से उन उपयोगकर्ताओं पर असर पड़ेगा जो भुगतान में देरी करते हैं या जिनके FASTag ब्लैकलिस्टेड हो गए हैं। इसके साथ ही चार्जबैक और कूलिंग अवधि के साथ लेनदेन के नियमों में भी बदलाव किए गए हैं। अब उन FASTag उपयोगकर्ताओं को अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है जिनकी पेमेंट टोल रीडर से गुजरने के 15 मिनट बीतने के बाद process हो पाती है।
निष्क्रिय या ब्लैकलिस्टेड FASTag से लेनदेन होगा अस्वीकार
निष्क्रिय या ब्लैकलिस्टेड टैग से लेनदेन अस्वीकार कर दिया जाएगा। नए नियम उन FASTag खातों को भी प्रभावित करेंगे जो ब्लैकलिस्टेड हैं, कम बैलेंस में हैं या निष्क्रियता के कारण हॉटलिस्टेड हैं। यदि कोई फास्टैग वाहन के टोल पार करने से पहले 60 मिनट से अधिक समय तक निष्क्रिय रहा है और गुजरने के 10 मिनट बाद तक निष्क्रिय रहता है, तो लेनदेन अस्वीकार कर दिया जाएगा। सिस्टम ऐसे भुगतानों को अस्वीकार कर देगा। यह नियम 17 फरवरी, 2025 से लागू होने वाला है। FASTag Rule Change
कैसे बचें ब्लैकलिस्टेड होने से
Blacklisted फास्टैग को ठीक करने के लिए 70 मिनट का समय दिया जाएगा। ब्लैकलिस्ट FASTag के लिए 70 मिनट की विंडो खोली जाएगी जहां रीड होने से पहले रिचार्ज करने के लिए आपको 60 मिनट यानी 1 घंटे का समय मिलेगा। इतना ही नहीं टैग रीड होने के बाद भी 10 मिनट का समय और दिया जाएगा, ताकि आप फास्टटैग को रिचार्ज कर सकें। यानी कुल मिलाकर रिचार्ज करने के लिए और अपना ब्लैकलिस्ट स्टेटस ठीक करने के लिए आपको 70 मिनट का समय मिलेगा। लेकिन इस अवधि तक भी रिचार्ज ना करने पर पेमेंट फेल हो सकती है।
ज्यादा टोल टैक्स देने से कैसे बचें
पेनल्टी देने या ब्लैकलिस्टेड होने से बचने के लिए आप अपना बैलेंस हमेशा चेक करें। अगर टैग ब्लैक लिस्ट हो गया है तो उसे दी गई समय अवधि में रिचार्ज कर लें। अंतिम समय में रिचार्ज करने से बचें, नहीं तो आपको दोगुना टोल टैक्स देना पड़ सकता है।
FASTag का ब्लैक लिस्ट स्टेटस कैसे चेक करें
यदि आप अपने FASTag का स्टेटस चेक करना चाहते हैं तो इसके लिए परिवहन विभाग की ऑफिशल वेबसाइट पर जाएं फिर ” Check E – Challan Staus” का विकल्प चुनें। अपने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें, इसके बाद आपको अपने FASTag स्टेटस की जानकारी यहां मिल जाएगी। आपको पता चल जाएगा कि आपका फास्टैग ब्लैकलिस्टेड है या नहीं। यदि आपका FASTag ब्लैकलिस्टेड हो चुका है तो उसे अनब्लॉक करने के लिए सबसे पहले अपने FASTag को रिचार्ज करें और न्यूनतम बैलेंस मेंटेन करें फिर पेमेंट को वेरीफाई करें। थोड़ी देर में आपका FASTag एक्टिव हो जाएगा।