A1 and A2 Milk : दूध और दूध से बने उत्पादों का भारत में एक बड़ा बाजार है। दूध की शुद्धता और गुणवत्ता को लेकर विक्रेता कंपनियां भी कई दावे करती रहती हैं। पिछले कुछ सालों में A1और A2 दूध को लेकर काफी दावे किए गए हैं। कई विशेषज्ञ और डेयरी कंपनियां दावा करती हैं कि A2 गाय का दूध पोषण और गुणवत्ता के मामले में A1 से बेहतर होता है। दूध और दूध उत्पादों पर डेयरी कंपनियां खास तौर पर A1 और A2 उत्पाद की लेबलिंग कर बेच रही है और प्रचार माध्यमों द्वारा A2 दूध और दूध उत्पाद को बेहतर बताया जा रहा है। दूध उत्पाद में इस तरह कि स्पर्धा को देखते हुए फूड सेफ्टी और स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (Food Safety and Standard Authority of India) यानी FSSAI ने 21 अगस्त 2024 को ई-कॉमर्स कंपनियों और फूड बिजनेस कंपनियों को दूध और दूध से बने उत्पादों की पैकेजिंग पर A1 और A2 की लेबलिंग हटाने का निर्देश दिया था।
दरअसल, यह लेबलिंग दूध उत्पादो में असमानता पैदा कर रही थी। लेकिन एक ही हफ्ते के अंदर एफएसएसएआई ने अपने इस आदेश को वापस ले लिया है। एफएसएसएआई ने एक बयान में कहा है कि A1 और A2 के नाम पर दूध और दूध उत्पादों जैसे घी दूध आदि की बिक्री/ विपणन के संबंध में 21 अगस्त को दिए गए निर्देश को हित धारकों के साथ परामर्श करने हेतु वापस ले लिया गया है।
आदेश वापस क्यों लिया गया? यह जानने से पहले आई समझते हैं कि A1 और A2 दूध में आखिर फर्क क्या है?
A1 और A2 दूध में अंतर
दूध और दूध से बने उत्पादों में A1 और A2 टाइप का अंतर, दूध में मौजूद बीटा केसीन प्रोटीन की केमिकल संरचना से जुड़ा है। यह दूध देने वाले पशु की नस्ल (Breed) और मूल (Origin) के हिसाब से बदलता है। A1दूध में हिस्टीडाइन होता है जो 9 आवश्यक अमीनो एसिड में से एक है। जिसका उपयोग शरीर, हिस्टामाइन का उत्पादन करने के लिए करता है। यह केमिकल शरीर को सूजन और एलर्जी से लड़ने की शक्ति देता है। वहीं A2 दूध में अमीनो एसिड, प्रोलाइन होता है जो जोड़ों के लिए बेहतर माना जाता है। विभिन्न गायों की नस्लों के दूध में A1 और A2 बीटा केसिन की मात्रा अलग-अलग होती है। अधिकांश दूध में यह दोनों बीटा केसिन होते हैं, लेकिन A2 दूध में केवल दूसरा बीटा केसिन होता है, आमतौर पर A2 दूध और दूध उत्पाद स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है और इसे A2 ब्रांड के जरिए प्रीमियम दर्शाकर अधिक कीमत पर बेचा जाता है। कुछ अध्ययनों से भी पता चला है कि A2 दूध स्वास्थ्य वर्धक है। लेकिन इस मामले पर विशेषज्ञों कि अभी एक राय नहीं है।
A2 दूध का स्रोत क्या है
आमतौर पर A2 दूध मूल रूप से भारतीय यानी देसी नस्ल की गायों से मिलता है। यह प्रोटीन से भरपूर होता है। गाय की यह नस्ले हैं लाल सिंधी, साहीवाल, गिर, देवनी और थारपारकर, जबकि A1 मिल्क यूरोपीय कैटल ब्रीड से मिलता है। यह गाय क्रॉस ब्रीड से पैदा होती हैं। इनमें जर्सी, आयरशायर और ब्रिटिश शॉर्ट हॉर्न जैसी नस्ल प्रमुख है। कई मेडिकल जनरल के मुताबिक A2 को A1 डेयरी प्रोडक्ट से ज्यादा पौष्टिक माना जाता है। लेकिन Food Regulatory ने इस तरह के दावे को भ्रामक बताते हुए A2 और A1 लेबलिंग को हटाने का निर्देश दिया था। एफएसएसएआई ने A2 दूध का दावा करने वाले सभी तरह के डेयरी उत्पाद को बेचने पर 21 अगस्त से प्रतिबंध लगा दिया था। विशेष तौर पर घी और मक्खन की बात की गई थी।
A1 और A2 दूध की गुणवत्ता में कोई फर्क नहीं : FSSAI
एफ एस एस ए आई का कहना है कि गुणवत्ता के आधार पर A1 और A2 दूध में कोई फर्क नहीं है, फिर भी प्रोडक्ट को A2 की लेबलिंग कर महंगे दाम पर बेचा जाता है।
FSSAI ने आदेश लिया वापस
A1 और A2 की लेबलिंग पर प्रतिबंध के एक सप्ताह के भीतर ही एफएसएसएआई ने यह आदेश वापस ले लिया है। यानी अब ई-कॉमर्स और डेरी बिज़नेस दूध और दूध उत्पाद पर A1 और A2 लेबलिंग फिर से दर्शा सकते हैं। अपने उत्पाद और उनका प्रचार भी जारी रख सकते हैं। इस आदेश को वापस लेते हुए एफएसएसएआई का इतना ही कहना था कि डेयरी उद्योग के हित धारकों से इस विषय पर आगे और परामर्श लिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ICAR यानी इंडियन काउंसिल आफ एग्रीकल्चर रिसर्च की गवर्निंग काउंसिल द्वारा भी इस विषय पर उच्च स्तरीय समिति का गठन कर और चर्चा करने का अनुरोध किया गया है।
दूध उत्पादन में विश्व में नंबर एक पर भारत
A1 और A2 की बहस को यहां छोड़े तो दूध उत्पादन के मामले में भारत पूरी दुनिया में शीर्ष स्थान पर है। वर्ष 2022-23 में भारत में कुल 230.58 मिलियन टन दूध का उत्पादन हुआ था। भारत में पिछले 9 सालों में दूध उत्पादन में 58% की वृद्धि हुई है। दूध की खपत के मामले में भी भारत में दुनिया के औसत खपत से ज्यादा है। भारत में दूध उत्पादन उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और आंध्र प्रदेश में सबसे ज्यादा होता है। यह पांच राज्य मिलकर देश के कुल दूध उत्पादन का 53.11% योगदान देते हैं। इस समय भारत में उत्तर प्रदेश दूध उत्पादन के मामले में शीर्ष स्थान पर है। यूपी ने साल 2022-23 में कुल 3.6 करोड़ टन दूध का उत्पादन किया है जो देश भर के कुल दूध उत्पादन का 15.7 फ़ीसदी है।