Monday, March 2, 2026
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50 प्लस की उम्र में कैसी हो डाइट और फिटनेस प्लान

Diet for 50 plus

by KhabarDesk
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Diet for 50 plus

Diet for 50 plus: 50 की उम्र जीवन का एक अहम पड़ाव तो होता ही है, साथ ही इस वक्त आपको अपने शरीर की अधिक देखभाल करने की भी जरूरत होती है।  खास तौर पर महिलाओं को इस वक्त मेनोपॉज और हार्मोन संबंधी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं जिससे उनकी हेल्थ पर भी अचानक कई प्रभाव दिखने लगते हैं।  इन प्रभावों को काबू में रखने और स्वस्थ जीवन जीने के लिए जीवन शैली, एक्सरसाइज और डाइट में कई तरह के बदलाव की Diet for 50 plus जरूरत होती है।

Muscle Strength मसल्स स्ट्रैंथ पर दें ध्यान

इस उम्र में पहुंच कर Muscle loss होने लगता है और मसल्स स्ट्रैंथ भी कमजोर होने लगती है। Muscle Mass में कमी आने लगती है और फैट तेजी से बढ़ने लगता है। साथ ही हड्डियों का भार भी कम होने लगता है क्योंकि इस समय महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन (estrogen) और सेरोटोनिन (serotonin) हार्मोन कम होने लगता है। इस हार्मोन असंतुलन की वजह से शरीर में बहुत से बदलाव आने लगते हैं। उम्र के इस पड़ाव पर मसल्स स्ट्रैंथ पर ध्यान देने की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। इसके लिए अपने नियमित व्यायाम रूटीन के साथ कम से कम हफ्ते में दो दिन बॉडी वेट या स्ट्रेंथ ट्रेनिंग एक्सरसाइज (Strength training) जरूर करें।

इसमें जब आपका Muscle mass मेंटेन होने लगेगा तो शरीर में फैट जमा होने की प्रक्रिया भी स्वत ही धीमी पड़ जाएगी। जैसे-जैसे मसल स्ट्रैंथ बढ़ेगी फैट जमा होना भी कम हो जाएगा। जो लोग पहले से ही स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करते हैं उनके लिए यह प्रक्रिया बेहतर काम करती है। यदि आप 50 की उम्र के बाद स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करना चाहते हैं तो आपको धीरे-धीरे ही इसका अभ्यास करना होगा क्योंकि 50 की उम्र के बाद Osteoporosis की समस्या और कैल्शियम की कमी की वजह से हड्डियां कमजोर होने लगते हैं। ऐसे में इन एक्सरसाइज से पहले अपनी चिकित्सक की सलाह जरूर लें। इसके अलावा रूटीन में आप नियमित रूप से सैर करें, योग वह हल्की-फुल्की एक्सरसाइज भी कर सकते हैं। इससे शरीर की फिटनेस के साथ मेंटल हेल्थ को भी मजबूत करने में मदद मिलती है।

मेंटल हेल्थ का भी रखें ख्याल

उम्र के इस पड़ाव में अक्सर अकेलापन, डिप्रेशन और मोटिवेशन की कमी महसूस होने लगती है जिसका असर शरीर पर भी नजर आता है। नींद कम होना, चिड़चिड़ापन,स्ट्रेस, एंजायटी इसके स्वाभाविक परिणाम है। ऐसे में आपको ठहर कर पॉज या साइलेंट मोड में जाने की जरूरत होती है जहां आप अपने मन और शरीर पर ध्यान केंद्रित कर खुद को शांत रख सकें। दिन में 15 मिनट या आधा घंटे का समय ऐसा निकाले जहां आप बिल्कुल अकेले बैठकर बिना फोन या किसी गैजेट के अपने विचारों को महसूस करें, अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करें meditation करें, स्लो ब्रीदिंग का अभ्यास करें।

Diet for 50 plus:  50 के बाद कैसी हो डाइट

इस उम्र में सबसे पहले कैफीन को कम करने की जरूरत होती है। सबसे पहले दिन भर चाय पीने की आदत को खत्म करें। चाय को कम से कम कर दें। इसके लिए आप चाय को हर्बल ड्रिंक के साथ भी रिप्लेस कर सकते हैं। क्योंकि इस उम्र में शरीर को ज्यादा कैल्शियम और आयरन की आवश्यकता होती है। विटामिन डी और विटामिन K से भरपूर खाद्य पदार्थों को अपने खाने में शामिल करें। ज्यादा चाय पीने की आदत पर काबू पाने के लिए आप सौंफ इलायची दालचीनी और लौंग को पानी में उबालकर, छानकर चाय की जगह इस तरह की हर्बल टी ले सकते हैं। इसके अलावा जीरा सौंफ और अजवाइन का पानी भी पी सकते हैं। इसके काफी हेल्थ बेनिफिट्स भी होते हैं। इसके लिए एक चम्मच जीरे सौंफ और अजवाइन को एक गिलास पानी में उबालकर छानकर पिया जा सकता है। खाने में कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ भी जरूर लें।

कैल्शियम के शरीर में बेहतर अब्जॉर्प्शन के लिए विटामिन डी होना जरूरी है। धूप के अलावा अलसी, अखरोट, बादाम और घी भी विटामिन डी के अच्छे स्रोत होते हैं। एक 50 प्लस महिला एक दिन में तीन टी स्पून घी अपने आहार में शामिल कर सकती है। इस उम्र में हृदय रोग हाइपरटेंशन और डायबिटीज का खतरा भी बढ़ जाता है। इन बीमारियों का सीधा संबंध इन्सुलिन रेजिस्टेंस से है। इन्सुलिन सही से मैनेज नहीं हो पाने की कारण glucose सही तरीके से सेल्स तक नहीं पहुंच पाता। ऐसे में आपको अपने आहार में बदलाव की जरूरत होती है। इसके लिए मैदे से पूरी तरह दूरी बना लीजिए। केवल गेहूं के आटे के स्थान पर मिलेट्स की रोटी खाना शुरू कीजिए ज्वार, बाजरा, रागी इन आटों को अपने खाने में शामिल कीजिए यह सभी मिलेट्स हाई फाइबर युक्त होते हैं ।

संभल कर पिएं दूध

50 की उम्र के बाद आपको दूध की मात्रा भी कम कर देनी चाहिए क्योंकि दूध में लैक्टोज होता है जिससे आपका शरीर इंश्योरेंस रेजिस्टेंस पैदा कर सकता है। दूध के स्थान पर आप दूध से बनी दूसरी चीज जिसमें लैक्टिक एसिड हो ऐसे पदार्थ खाएं जैसे दही, पनीर, छाछ लस्सी इत्यादि आप इन्हें अपने आहार में शामिल कर सकते हैं इससे में प्रोबायोटिक गुण भी होते हैं जो आपके शरीर को स्वस्थ रखते हैं।

Diet for 50 plus: क्या ना खाएं

इस उम्र में कई चीजे पूरी तरह छोड़ देनी चाहिए हालांकि यह चीजे किसी भी उम्र के लोगों को नहीं खानी चाहिए। यह हैं पैकेज्ड फूड या अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड। इनसे पूरी तरीके से दूरी बना लेना जरूरी होता है। रिफाइन पदार्थों को भोजन में बिल्कुल भी शामिल न करें। अगर आपको चाय के साथ तले भुने स्नैक्स खाने की आदत है तो उनसे बिल्कुल परहेज करें। बिस्किट, नमकीन, रस्क, कुकीज, बार, मूसली, सीरियल, चिप्स, पेस्ट्री यह सभी चीजें प्रोसैस्ड फूड की श्रेणी में आती हैं।

आप इनके हेल्दी अल्टरनेटिव खा सकते हैं जिसमें मखाना, भुने चने, मूंगफली, नट्स और कई तरह के दूसरे हेल्दी खाद्य पदार्थ हैं। इस उम्र में शरीर में प्रोटीन और फाइबर की कमी के कारण शुगर क्रेविंग भी बढ़ जाती है। इसलिए प्रोटीन और फाइबर की कमी न होने दें। ऐसा नहीं कि आप मीठा बिल्कुल ना खाएं अगर आपका मीठा खाने का मन है तो आप मॉडरेट मात्रा में विकल्प के तौर पर गुड, खजूर, अंजीर,ब्लैक रेसीन और सीमित मात्रा में मीठा भी खा सकते हैं। तो अगर आप 50 की उम्र के बाद इस  तरह अपने शरीर और मेंटल हेल्थ का ख्याल रखेंगे तो आप और 50 साल तक स्वस्थ जीवन शैली अपना कर निरोगी जीवन जी सकते हैं।

Disclaimer: ये लेख  केवल सामान्य जानकारी प्रदान करता है, यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।

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