Deepa Pai Startup Success : आइसक्रीम एक ऐसा मीठा व्यंजन है जिसे आमतौर पर लोग मिठाई के रूप में खाते हैं। इस ठंडे मीठे व्यंजन का स्वाद हर किसी को भाता है। बड़े हो या बच्चे सभी इसके दीवाने हैं। खास कर गर्मी के मौसम में तो लोग इसे लगभग रोज ही खाना पसंद करते हैं। क्या आपको मालूम है मुंबई की एक महिला ने 5 रूपये की आइसक्रीम बेचकर आज 300 करोड रुपए का बिजनेस खड़ा कर दिया है । इस आइसक्रीम ब्रांड का नाम है “हैंग्यो आइसक्रीम”।
इस आइसक्रीम का एक स्कूप आपको अंदर से तरोताजा कर देगा। स्वाद ऐसा जो कभी आप भूल न पाएं। चलिए आज आपको इसी महिला उद्यमी की सक्सेस स्टोरी के बारे में बताएंगे। जिसने आइसक्रीम के बिजनेस की शुरुआत 5 रूपये की सॉफ्टी के सफ़र से शुरू की थी।
5 रुपये की आइसक्रीम से खड़ा किया 300 करोड़ का बिजनेस:
पिछ्ले कुछ सालों से देश में अपना स्वयं का बिजनेस (Startup) करने वाले युवाओं की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। इसमें कई युवाओं ने बेहतरीन सफलता भी हासिल की है। इस बिजनेस की सफलता की सीढी में किसी ने अकेले मुकाम हासिल किया है, तो किसी ने पार्टनरशिप में बिजनेस की शुरुआत की है। इन्ही में से एक, बिजनेस में सफलता हासिल करने वालों में महिला उद्यमी दीपा पाई का नाम भी शामिल है। यह वह महिला है जिन्होंने अपना आइसक्रीम का बिज़नेस खड़ा करने के लिए बैंक की नौकरी छोड़ दी थी। दीपा प्रदीप पाई ने लाखों युवाओं के लिए एक बेहतरीन मिसाल पेश की है, जिसमें खासकर महिलाओं के लिए तो वह एक बहुत बड़ी मिसाल है। जिन्होंने अपने दम पर कुछ बड़ा करने का फैसला लिया था । उन्होने 5 रुपए की सॉफ्टी के सफर को आज 300 करोड़ के हैंग्यो आइसक्रीम (Hangyo Ice-cream) के बिजनेस के रूप में खड़ा कर दिया। दीपा पाई हैंग्यो आइसक्रीम की को -फाउंडर है। दीपा पाई ने इस बिजनेस को शुरू करने का फैसला 30 साल पहले लिया था। उस समय हमारे देश में महिला उद्यमियों की संख्या बहुत कम होती थी। काफी परेशानी और विरोध के बावजूद भी उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी मेहनत की वजह से आज वह 300 करोड़ के आइसक्रीम ब्रांड की वाइस प्रेसिडेंट है।
दीपा पाई मुंबई में पली बढ़ी:
दीपा पाई का जन्म मैंगलुरु में हुआ था और वह अपने परिवार में पांच बच्चों में सबसे छोटी थी। उनकी पढ़ाई लिखाई मुंबई में पूरी हुई। उनके पिता श्री वासुदेव कामथ सिंधिया स्टीम नेविगेशन में काम करते थे। दीपा की मां एक गृहिणी थी, जिन्होंने अपने परिवार को बहुत ही अच्छे से संभाला था। दीपा ने मनोविज्ञान विषय में डिग्री हासिल की, इसके पश्चात उन्होंने कंप्यूटर की पढ़ाई भी पूरी की। इसके बाद उन्होंने एएनजेड बैंक में अपनी पहली नौकरी हासिल की। ततपश्चात उन्होंने मुंबई में अपने जीवन की शुरुआत की।
इनका वैवाहिक जीवन:
दीपा पाई का विवाह 1995 में प्रदीप पाई के साथ हुआ। जिसके बाद वह हुबली के पास एक छोटे से गांव किरवट्टि में रहने लगी। मुंबई की तेज रफ्तार भरी जिंदगी और -बड़े शहर में रहने के बाद गांव का माहौल उनके लिए थोड़ा असहज था। इसके बाद भी उन्होने एक पत्नी, बहू और गृहणी की भूमिका अच्छे से निभाई । 1997 में उनके छोटे से सपने ने एक बड़ा आकार लिया ।उन्होनें सॉफ्टी आइसक्रीम जिसकी कीमत सिर्फ 5 रूपये थी, उसकी शुरुआत की। उनका यह छोटा सा काम सफल हुआ और लोगों को बहुत पसंद आया। इसको लेकर कई लोगों ने उनका विरोध भी किया। लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी और अपनी कोशिश जारी रखी । साल 2003 में पाई ने हैंग्यो आइसक्रीम ब्रांड की स्थापना की । इसके पहले इस आइसक्रीम ब्रांड की पहचान “सॉफ्टी “के नाम से थी। जिसमें इन्हें खूब सफलता हासिल हुई थी। खासकर 90 के दशक में तो सॉफ्टी हर बच्चे की पसंद बन गई थी।
आज सात राज्यों में है बिजनेस का विस्तार:
दीपा पाई के लिए बिजनेस का यह रास्ता आसान नहीं था। अन्य बड़े उद्योगों के साथ प्रतिस्पर्धा करना चुनौती भरा था। लेकिन उन्होंने अपने विश्वास और कड़ी मेहनत के साथ धीरे-धीरे इस सफर को तय किया और आज वह 5 रुपये वाली आइसक्रीम 300 करोड़ की कंपनी बन गई है। जिसे पूरे भारत में पसंद किया जाता है। उन्होंने 2007 में अपने बेटे संकीर्न के साथ मिलकर ब्रांडिंग, पैकेजिंग, उत्पाद, विकास और मार्केटिंग जैसे क्षेत्रों में भी कदम रखा। इस पुरुष प्रधान इंडस्ट्री में काम करने के लिए उन्हें अलग-अलग चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने रचनात्मकता, सहनशीलता और अपनी दूरदर्शिता के साथ ब्रांड के विकास में अहम भूमिका निभाई। आज उनकी छोटी सी शुरुआत से “हैंग्यो” आइसक्रीम ने सात राज्यों में अपना विस्तार कर लिया है।
बबीता आर्या