Big Investment in Bihar : दशकों की बेरोजगारी, पलायन और निवेश का सूखा बिहार के आर्थिक विकास में सबसे बड़ा अवरोध रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर अगर आंकड़ों का विश्लेषण किया जाए तो बिहार लगभग 4 दशकों से फिसड्डी बना हुआ है। वहीं अब नए भारत और विकसित भारत की परिकल्पना ने बिहार के विकास के लिए आशा की किरण जगायी है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर औद्योगिक और सेवा के क्षेत्र में आए नए बदलाव और नई तकनीक के विकसित होने और उसके प्रयोग से बड़ी कंपनियां अब बिहार की तरफ रुख कर रही हैं।
बिहार में आ रही है निवेश की बाढ़
रोजगार और विकास की जरूरतों ने बिहार जैसे पिछड़े राज्यों को विकास के पैमाने पर मुख्यधारा में लाने के प्रयास ने अब रंग दिखाना शुरू कर दिया है। यही कारण है कि बड़े अस्पताल, हॉस्पिटैलिटी बिजनेस (Hospitality Business) और सीमेंट जैसे बड़े उद्योग और कंपनियां अब बिहार में पैर जमाने को तैयार हैं। एफएमसीजी( FMCG) सेक्टर की बड़ी कंपनियां ब्रिटानिया (Britannia) , पेप्सीको(PepsiCo), टाटा ग्रुप(Tata Group) बिहार में बड़े पैमाने पर निवेश करने जा रहे हैं। मेडिकल सेक्टर में भी मेदांता जैसे बड़े ग्रुप बिहार में हॉस्पिटल चेन खोलने की तैयारी में है। बिहार की आर्थिक तरक्की के लिए यह बड़ा बदलाव है। क्योंकि कुछ साल पहले तक बड़ी कंपनियां बिहार में निवेश करने से झिझकती थीं, लेकिन पिछले 2 साल से बिहार में बडी कंपनियों की उद्योग लगाने में दिलचस्पी बढ़ गई है, जिससे निवेश की रफ्तार में तेजी आने की संभावना काफी बढ़ गई है।
बिहार में आ रही बड़ी कंपनियां
जानकारी के मुताबिक साल 2022 से 2024 के बीच बिहार को लगभग 12000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव मिल चुका है, जो पिछले 6 सालों की तुलना में काफी ज्यादा है। आंकड़ों की बात करें तो 2016 से 2022 यानी इन 6 सालों में बिहार को मात्र ढाई हजार करोड़ का ही निवेश प्राप्त हुआ था। लेकिन अब अडानी(Adani), टाटा, बिड़ला (Birla )और ब्रिटेनिया जैसे बड़े औद्योगिक घराने यहां निवेश कर रहे हैं। पिछले महीने ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के नवादा में अडानी ग्रुप की सीमेंट कंपनी, अंबुजा (Ambuja Cement ) की सब्सिडियरी कंपनी अंबुजा कंक्रीट नॉर्थ प्राइवेट लिमिटेड (Ambuja Concrete North Private Ltd) की 1600 करोड़ की सीमेंट बनाने की इकाई का शिलान्यास किया है। अंबुजा सीमेंट के अलावा जेके सीमेंट (JK Cement) और अल्ट्राटेक (Ultra Tech Cement) सीमेंट जैसी नामी कंपनियां भी यहां प्लांट लगा रही हैं। राज्य में ज्यादातर निवेश टेक्सटाइल(Textile ), लैदर(Leather), फूड प्रोसेसिंग (Food Processing) और सीमेंट के क्षेत्र में हो रहा है।
निवेश को मिल रही रफ्तार, जमीन के लिए बनेगा लैंड बैंक
राज्य में निवेश को आकर्षित करने के लिए कुछ दिन पहले ही डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने 5000 एकड़ का लैंड बैंक ( Land Bank) बनाने की घोषणा की है, जिससे बिहार में आने वाले उद्योगों को जमीन उपलब्ध कराई जाएगी । विकास को गति देने के लिए राज्य के सभी 38 जिलों को भी औद्योगिक क्षेत्र सृजित करने के निर्देश दिए गए हैं। निवेशकों को सरकारी भूमि खरीदने और पट्टे पर देने के लिए राज्य सरकार की एजेंसी, बियाडा (BIADA) यानि बिहार इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के आंकड़ों के मुताबिक पिछले दो वर्षों में लगभग 7,592 एकड़ भूमि निवेशकों को पट्टे पर दी गई है, जो पिछले 6 साल की तुलना में चार गुना से भी ज्यादा है। निवेशकों के लिए बड़े पैमाने पर भूमि की आवश्यकता को देखते हुए सरकार ने 31 जिलों के अलावा सात ऐसे नए जिलों में भी औद्योगिक इकाइयां लगाने के लिए क्षेत्र तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जहां अभी तक कोई उद्योग नहीं लगे हैं। यह जिले हैं- अरवल, जमुई, कैमूर, सारण, सीहोर, शेखपुरा और बांका। बिहार के उद्योग मंत्री, नीतीश मिश्रा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पूर्वी चंपारण के कुमार बाग और बक्सर के नवानगर में दो नए स्पेशल इकोनामिक जोन (SEZ) बनाए जाएंगे। फिलहाल इसे केंद्र की हरी झंडी मिलने का इंतजार है।
इन जिलों में लगेंगीं सीमेंट फैक्ट्रियां
बिहार में कई जिलों में सीमेंट फैक्ट्रियां लगेंगीं। इसमें बिहार के नवादा और मुजफ्फरपुर में अंबुजा सीमेंट, भागलपुर और खगड़िया में अल्ट्राटेक, बेगूसराय और पटना में स्टार सीमेंट, मधुबनी में जेके लक्ष्मी सीमेंट, बक्सर में जेके सीमेंट, मधुबनी और बेगूसराय में श्री सीमेंट की फैक्ट्री लगेंगी ।
टाटा ग्रुप ने बनाया पटना में पहला फाइव स्टार होटल
पर्यटन और उद्योग से जुड़े प्रगति के नजरिये से टाटा ग्रुप (TATA Group) की इंडियन होटल कंपनी लिमिटेड ( Indian Hotel co. Ltd) पटना में 500 करोड़ की लागत से फाइव स्टार होटल का निर्माण किया है, जिसमें बने 124 कमरे वाले ताज सिटी सेंटर की पिछले वर्ष जुलाई में ही शुरुआत हुई। पेप्सीको (PepsiCo) ने बेगूसराय में 500 करोड़ की लागत से प्लांट लगाने की शुरुआत की है और अब कंपनी बक्सर में दूसरा प्लांट लगाने जा रही है। अकेले फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री में ही 10,798 करोड़ रूपए के निवेश का प्रस्ताव है,जिसमें कई इकाइयों का अप्रूवल होने वाला है । जबकि 19 इकाइयों को जमीन दी जा चुकी है।
खुल रहे हैं बड़े अस्पताल
पीपीपी (Public Private Partnership) पर पटना में 800 करोड़ की लागत से 7 एकड़ क्षेत्र में 330 बेड वाला जयप्रभा मेदांता अस्पताल खोला गया है, जिसका उद्घाटन नवंबर 2021 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा किया गया था।
‘मैं हूं बिहार एडवांटेज डायलॉग‘
निवेश को बढ़ावा देने के लिए ‘मैं हूं बिहार एडवांटेज डायलॉग’ पिछले 5 वर्षों में हेल्थ, एजुकेशन, आर्ट और कल्चर के क्षेत्र में निजी निवेश (Big Investment in Bihar) को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है, जो सरकार और निजी निवेशकों के बीच पुल का काम कर रहा है।
अभी और भी हैं चुनौतियां
हालांकि सरकार काफी प्रयास कर रही है, लेकिन अभी भी बहुत काम किया जाना बाकी है। (Big Investment in Bihar) निवेश के लिए आसानी से जमीन उपलब्ध कराना, आधारभूत संरचना को बेहतर करना, और साथ ही सिंगल विंडो सिस्टम, व्यवसाय करने में आसानी (ease of doing) को अधिक सक्षम बनाने की जरूरत है।