IITM Faculty Program : इंस्टिट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, जनकपुरी में 16 से 21 जून, 2025 तक एक सप्ताह का फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के प्रशिक्षण और शिक्षण (अटल अकादमी) द्वारा प्रायोजित था। कार्यक्रम का विषय था: “कंप्यूटिंग का भविष्य: ग्रीन एआई, आईओटी और फेडरेटेड लर्निंग का एकीकरण”। एफडीपी का उद्घाटन संस्थान की निदेशक प्रो. (डॉ) रचिता राणा ने किया। उन्होंने शिक्षाविदों और उद्योगों में गोपनीयता-संरक्षण और सतत तकनीकों की बढ़ती आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने प्रतिभागियों से फेडरेटेड लर्निंग और ग्रीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नवोन्मेषी अवधारणाओं को अपनाने का आह्वान किया, जो कि सुरक्षित, बुद्धिमान और पर्यावरण के अनुकूल कंप्यूटिंग सिस्टम विकसित करने में सहायक हैं।
कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों और शोधकर्ताओं को फेडरेटेड लर्निंग, ग्रीन एआई और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी नवीनतम तकनीकों की गहन समझ प्रदान करना था। इस एफडीपी के दौरान प्रतिभागियों ने विकेंद्रीकृत डेटा इकोसिस्टम और ऊर्जा-कुशल एआई मॉडल्स की बेहतर समझ प्राप्त की। साथ ही, व्यावहारिक सत्रों के माध्यम से फेडरेटेड मशीन लर्निंग और आईओटी इम्प्लीमेंटेशन फ्रेमवर्क का भी अनुभव प्राप्त किया।
एफडीपी के दौरान विशेषज्ञ व्याख्यान और संवाद सत्रों ने शिक्षा और उद्योग के बीच सहयोग को सशक्त बनाया। प्रतिभागियों को वीडॉट टेक्नॉलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के इंडस्ट्रियल विजिट के माध्यम से थ्योरी और प्रैक्टिकल नॉलेज का प्रभावशाली मेल भी देखने को मिला।
कार्यक्रम के समन्वय में प्रो. गणेश कुमार वाधवानी (उप-निदेशक, आईआईटीएम व प्रमुख – कंप्यूटर साइंस विभाग) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही। वहीं, एफडीपी कोऑर्डिनेटर डॉ. मंज़ूर अंसारी (सहायक प्रोफेसर, कंप्यूटर साइंस विभाग) ने प्रतिभागियों के साथ लगातार संवाद बनाए रखते हुए कार्यक्रम की सुचारू रूप से रूपरेखा तैयार की।
एफडीपी में देशभर की विभिन्न विश्वविद्यालयों से प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी की और व्यावहारिक कार्यशालाओं व गहन सामग्री की प्रशंसा की। कार्यक्रम में प्रमुख विशेषज्ञ वक्ताओं के रूप में जामिया मिल्लिया इस्लामिया के प्रो. मन्सफ़ आलम, इंदिरा गांधी दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी फॉर वीमेन के प्रो. ए.के. मोहापात्रा और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रो. डी.के. लोबियाल ने अपने विचार साझा किए।
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आईआईटीएम प्रबंधन ने एआईसीटीई और अटल अकादमी का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने शिक्षकों के सतत विकास और ज्ञान के प्रसार में अमूल्य योगदान दिया।